बजट 2026: बिधूड़ी ने बताया दिल्ली के कायाकल्प का ब्लू प्रिंट; परिवहन, स्वास्थ्य और सुरक्षा के लिए केंद्र ने बढ़ाया बजटीय आवंटन

नई दिल्ली: दक्षिण दिल्ली से भाजपा सांसद रामवीर सिंह बिधूड़ी ने मंगलवार को एक संवाददाता सम्मेलन में केंद्रीय बजट 2026-27 को दिल्ली की बुनियादी समस्याओं के समाधान की दिशा में एक क्रांतिकारी कदम बताया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में पेश किया गया यह बजट दिल्ली के भविष्य को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है। बजट में परिवहन, पेयजल, स्वास्थ्य सेवाओं, प्रदूषण नियंत्रण और कानून-व्यवस्था के आधुनिकीकरण पर अभूतपूर्व जोर दिया गया है, जिससे न केवल दिल्ली का ढांचागत विकास होगा बल्कि आम नागरिक के जीवन स्तर में भी व्यापक सुधार आएगा।

सांसद बिधूड़ी ने बताया कि दिल्ली के परिवहन तंत्र को विश्वस्तरीय बनाने के लिए केंद्र सरकार ने सड़क और रेल परियोजनाओं के लिए खजाना खोल दिया है। सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय ने दिल्ली की महत्वपूर्ण सड़क परियोजनाओं के लिए ₹27,328 करोड़ आवंटित किए हैं। इसमें शिवमूर्ति से महिपालपुर तक प्रस्तावित टनल और एम्स से महिपालपुर तक बनने वाली एलिवेटेड रोड जैसी विशाल योजनाएं शामिल हैं, जिन पर क्रमशः 3500 और 5000 करोड़ रुपए खर्च होंगे। इसके साथ ही, अर्बन एक्सटेंशन रोड (UER) से जुड़ने वाली सड़कों और पंजाबी बाग से टीकरी बॉर्डर तक बनने वाले मार्गों के लिए भी भारी निवेश का प्रावधान किया गया है, जिससे दिल्लीवासियों को जाम की समस्या से बड़ी राहत मिलेगी।

रेलवे और मेट्रो विस्तार के मोर्चे पर भी दिल्ली को बड़ी सौगातें मिली हैं। सांसद ने बताया कि दिल्ली में रेलवे के बुनियादी ढांचे के विकास के लिए ₹2,711 करोड़ का प्रावधान किया गया है, जो कि वर्ष 2014 से पहले की तुलना में 28 गुना अधिक है। वर्तमान में दिल्ली के 13 रेलवे स्टेशनों का कायाकल्प किया जा रहा है और 14 वंदे भारत ट्रेनों का संचालन सुचारू रूप से चल रहा है। इसके अतिरिक्त, दिल्ली-वाराणसी हाई स्पीड रेल कॉरिडोर के निर्माण से अब वाराणसी का सफर मात्र 3.5 घंटे में पूरा होगा। वहीं, दिल्ली मेट्रो के चौथे और पांच-ए फेज के विस्तार के लिए करीब ₹28,695 करोड़ का वैश्विक प्रावधान किया गया है, जिससे तुगलकाबाद-एरोसिटी और नरेला-रिठाला जैसे महत्वपूर्ण कॉरिडोर के काम में तेजी आएगी।

स्वास्थ्य और सुरक्षा के क्षेत्रों को भी बजट में विशेष प्राथमिकता दी गई है। केंद्र सरकार ने दिल्ली के पांच प्रमुख अस्पतालों—एम्स, सफदरजंग, आरएमएल, लेडी हार्डिंग और कलावती सरन को लगभग ₹10,122 करोड़ का भारी-भरकम आवंटन किया है, जो पिछले वर्ष से ₹1,185 करोड़ अधिक है। अकेले एम्स को ₹5,500 करोड़ से अधिक की राशि मिली है, जिससे अत्याधुनिक चिकित्सा उपकरण और सुपर स्पेशियलिटी ब्लॉक विकसित किए जाएंगे। सुरक्षा के लिहाज से दिल्ली पुलिस को हाई-टेक बनाने और कानून-व्यवस्था को और मजबूत करने के लिए ₹12,846 करोड़ दिए गए हैं। बिधूड़ी ने यह भी रेखांकित किया कि प्रदूषण नियंत्रण और चंद्रावल वाटर वर्क्स प्रोजेक्ट के जरिए दिल्ली की हवा और पानी की गुणवत्ता सुधारने के लिए भी केंद्र सरकार ने ठोस वित्तीय सहायता सुनिश्चित की है।

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