आगरा : तेल माफिया पर प्रशासन ने मामूली कार्रवाई कर मामले को किया रफा-दफा

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मथुरा रिफायनरी से जालंधर जाने वाली पाइप लाइन से तेल  चोरी कर करोड़ों कमाने वाले माफियाओं पर प्रशासन ने मामूली कार्यवाही करके मामले को रफा-दफा करने की कोशिश की
महल जैसा आलीशान बंगला ओर अरबों की संपत्ति का मालिक। एक वर्ष से आगरा पुलिस द्वारा गैंगस्टर एक्ट के तहत उसकी संपत्ति कुर्क करने का ढिंढोरा पीटा जा रहा था। मगर, कार्रवाई की बारी आई तो महज एक दुकान और कार काे चिह्नित कर पाए । नियमों की पेचीदगी बताकर सोमवार को इन्हीं दोनों संपत्तियों को कुर्क कर पुलिस प्रशासन ने अपना काम खत्म कर लिया।
कानपुर में गैंगस्टर विकास दुबे से मुठभेड़ के बाद प्रदेश में अपराधियों पर शिकंजा कसना शुरू हुआ। सरकार गिरोह बंद अधिनियम एवं समाजविरोधी क्रियाकलाप निवारण अधिनियम के तहत कार्रवाई कर नजीर पेश करना चाहती है। सोमवार को मथुरा पुलिस प्रशासन द्वारा तेल माफिया मनोज गोयल की संपत्ति कुर्क करने की कार्रवाई को देखकर ऐसा नहीं लग रहा।
पिछले दिनों मामला डीजीपी हितेश चंद्र अवस्थी तक पहुंचा था। उन्होंने इसे गंभीरता से लिया था। कार्रवाई के लिए आईजी रेंज ए सतीश गणेश को निर्देशित किया था। मथुरा पुलिस ने संपत्ति कुर्क करने के लिए केवल उसकी मनोज गोयल के नाम कमला नगर के सेंटर बिजनेस पार्क स्थित दुकान और उसकी पत्नी के नाम पर टाटा टियागो कार को चिह्नित किया था। जिलाधिकारी मथुरा सर्वश्रराम मिश्र के आदेश के बाद आगरा में एडीएम सिटी ने कुर्की की कार्रवाई के आदेश जारी किए थे।
सोमवार शाम पांच बजे एसीएम प्रथम आगरा विनोद कुमार जोशी और मथुरा के हाईवे थाना के इंस्पेक्टर विनोद कुमार कमला नगर स्थित दुकान पर पहुंचे। यहां उन्होंने दुकान को सील कर दिया और दुकान पर कुर्की का नोटिस चस्पा कर दिया। यह दुकान मनोज गोयल ने वर्ष 2017 के बाद 1.15 करोड़ की खरीदी थी। इसके बाद टीम यहां से नेहरू नगर पुलिस चौकी के पास स्थित उसके बंगले पर पहुंची। वहां काफी समय से ताला बंद है। इसके बाद पुलिस ने मनोज गोयल की कार की तलाश में कई अन्य स्थानों पर दबिश दी।
इसके बाद मनोज गाेयल के भाई ने पुलिस को कार सौंपी। इसके बाद मथुरा पुलिस कार को अपने साथ ले गई। अब कार हाईवे थाने में सीज रहेगी और दुकान पर भी सील लगी रहेगी। जिलाधिकारी मथुरा के कोर्ट में केस चलेगा। यहां पुलिस प्रशासन को यह साबित करना होगा कि यह संपत्ति मनोज गोयल ने अपराध से अर्जित धन से ही खरीदी थी। यह सिद्ध होने के बाद ही इसकी नीलामी हो सकेगी।
सोनू सिंह आगरा

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