नबी करीम थाना पुलिस ने नई दिल्ली रेलवे स्टेशन के पास सक्रिय जेबकतरा गैंग के बाकी दो फरार सदस्यों को दबोचा

नई दिल्ली: दिल्ली के सेंट्रल जिले की नबी करीम थाना पुलिस टीम ने नई दिल्ली रेलवे स्टेशन के आसपास सक्रिय जेबकतरा गैंग के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। पुलिस टीम ने मुस्तैदी दिखाते हुए मैनुअल सर्विलांस और मुखबिर तंत्र की मदद से मोबाइल चोरी के मामले में फरार चल रहे दो बेहद शातिर और आदतन जेब कतरों को गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की है। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान मनीष उर्फ मेंगू (23) निवासी पंखा रोड, दिल्ली और विकास उर्फ हांडी (21) निवासी मुल्तानी ढांडा, दिल्ली के रूप में हुई है। इनमें से आरोपी मनीष उर्फ मेंगू एक आदतन अपराधी है, जिसके खिलाफ पहले से ही चोरी और आर्म्स एक्ट के 6 संगीन मामले दर्ज हैं। वारदात में शामिल एक आरोपी रवि उर्फ विशाल को पुलिस पहले ही गिरफ्तार कर चुकी है, जिसकी निशानदेही पर पीड़ित का चोरी गया सैमसंग गैलेक्सी A22 मोबाइल फोन पहले ही बरामद किया जा चुका था। इस प्रभावी कार्रवाई से नबी करीम थाने में दर्ज चोरी और झपटमारी के मामले का पूरी तरह खुलासा हो गया है।

सेंट्रल जिले के डीसीपी रोहित राजबीर सिंह ने बताया कि 31 मार्च 2026 को नबी करीम थाने में जेबकतरी की वारदात के संबंध में एक पीसीआर कॉल प्राप्त हुई थी। पीड़ित शिकायतकर्ता ने बताया कि वह शाम करीब 06:30 बजे डीबीजी रोड पर अपने रुकने के लिए एक गेस्ट हाउस की तलाश कर रहा था। इसी दौरान नई दिल्ली रेलवे स्टेशन के पास 2-3 लड़के आए और उन्होंने जानबूझकर उसे चारों तरफ से घेर लिया और धक्का मार दिया। शिकायतकर्ता को जब उन पर शक हुआ, तो उसने तुरंत अपनी जेब चेक की, जहां से उसका सैमसंग गैलेक्सी A22 मोबाइल फोन गायब था। पीड़ित की शिकायत पर नबी करीम थाने में बीएनएस की धारा 303(2)/3(5) के तहत एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू की गई।

मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए वरिष्ठ अधिकारियों के करीबी पर्यवेक्षण में नबी करीम थाने की एक विशेष टीम का गठन किया गया था। जांच के दौरान पुलिस टीम ने घटनास्थल और उसके आसपास के रास्तों पर लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज को खंगाला और जमीनी स्तर पर तफ्तीश शुरू की। इस जांच से तीनों आरोपियों की पहचान कबीर उर्फ हांडी, मेंगू और रवि के रूप में सुनिश्चित हुई। पुलिस टीम ने मुस्तैदी दिखाते हुए 4-5 अप्रैल की दरमियानी रात को एक आरोपी रवि को गिरफ्तार कर लिया था, जिसने पूछताछ में अपना असली नाम विशाल बताया था, विशाल ने खुलासा किया था कि चोरी का मोबाइल विकास उर्फ हांडी को सौंप दिया गया है, जिसे पुलिस ने बरामद कर लिया था। हालांकि, गिरोह के बाकी दो आरोपी मेंगू और हांडी लगातार पुलिस को चकमा देकर फरार चल रहे थे।

फरार अपराधियों की गिरफ्तारी के लिए नबी करीम थाने के हेड कांस्टेबल सीताराम और कांस्टेबल संजय की एक विशेष टीम लगातार उनके संभावित ठिकानों पर मैनुअल सर्विलांस के जरिए नजर बनाए हुए थी। 20-21 मई की दरमियानी रात को पुलिस टीम को एक सटीक गुप्त सूचना मिली कि दोनों फरार आरोपी दिल्ली में ही किसी जगह छुपे हुए हैं। सूचना मिलते ही सतर्क पुलिस टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए घेराबंदी की और पीछा करके दोनों आरोपियों मनीष उर्फ मेंगू और विकास उर्फ हांडी को सफलतापूर्वक दबोच लिया।

पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, गिरफ्तार आरोपी मनीष उर्फ मेंगू बेहद शातिर अपराधी है, जो कनॉट प्लेस, रन्होला, विकासपुरी और बिंदापुर थानों में दर्ज चोरी, झपटमारी और आर्म्स एक्ट के 6 संगीन मुकदमों में पहले भी शामिल रह चुका है। ये आरोपी रेलवे स्टेशन और भीड़भाड़ वाले इलाकों में आने वाले सीधे-साधे यात्रियों को धक्का मारकर या टक्कर मारकर उनका ध्यान भटकाते थे और पलक झपकते ही उनकी जेब साफ कर देते थे। दोनों बचे हुए मुख्य आरोपियों की गिरफ्तारी से नई दिल्ली रेलवे स्टेशन के पास सक्रिय इस शातिर सिंडिकेट का पूरी तरह सफाया हो गया है और पुलिस अब इनके अन्य साथियों के बारे में पूछताछ कर रही है।

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