जहांगीरपुरी में डबल लूटपाट मामले का चंद घंटों में खुलासा; शातिर ‘शाका’ समेत चार लुटेरे गिरफ्तार, देसी कट्टा व चाकू बरामद

नई दिल्ली: दिल्ली के उत्तर-पश्चिम जिले की जहांगीरपुरी थाना पुलिस टीम ने इलाके में स्ट्रीट क्राइम और झपटमारी की वारदातों के खिलाफ बड़ी सफलता हासिल करते हुए दो अलग-अलग सनसनीखेज लूटपाट के मामलों का महज कुछ ही घंटों के भीतर भंडाफोड़ किया है। पुलिस टीमों ने मुस्तैदी दिखाते हुए एक ही गिरोह के चार शातिर लुटेरों को गिरफ्तार किया है, जबकि एक अन्य आरोपी को जांच के बाद बाउंड डाउन किया गया है। गिरफ्तार मुख्य आरोपियों की पहचान समीर उर्फ शाका (19) निवासी ए-ब्लॉक जहांगीरपुरी, सचिन उर्फ पीके (20) निवासी जहांगीरपुरी, शोएब उर्फ कुर्बान निवासी ए-ब्लॉक महेंद्र पार्क और कैफ (19) निवासी सी-ब्लॉक जहांगीरपुरी के रूप में हुई है। इस कार्रवाई के दौरान राहुल (20) निवासी महेंद्र पार्क को बाउंड डाउन किया गया है। पुलिस ने इनके कब्जे और निशानदेही से पीड़ितों के लूटे गए दो मोबाइल फोन, 200 रुपये नगद, एक अवैध देसी कट्टा और वारदात में इस्तेमाल एक चाकू बरामद किया है। इस त्वरित कार्रवाई से जहांगीरपुरी थाने में दर्ज लूटपाट के दो मुकदमों का पूरी तरह खुलासा हो गया है।

उत्तर-पश्चिम जिले की डीसीपी आकांक्षा यादव ने बताया कि जहांगीरपुरी थाना क्षेत्र में लूटपाट की दो अलग-अलग घटनाएं सामने आई थीं। इन वारदातों के संबंध में थाना जहांगीरपुरी में भारतीय न्याय संहिता की संबंधित धाराओं के तहत एफआईआर दर्ज कर तफ्तीश शुरू की गई थी। मामलों की संवेदनशीलता और गंभीरता को देखते हुए जहांगीरपुरी सब-डिवीजन के एसीपी योगेंद्र खोखर और जहांगीरपुरी के एसएचओ इंस्पेक्टर सतविंदर सिंह के निकट पर्यवेक्षण में दो विशेष टीमों का गठन किया गया। पहली टीम का नेतृत्व सब-इस्पेक्टर दीपक कुमार कर रहे थे, जिसमें एएसआई पुष्कर, हेड कांस्टेबल मंदीप, प्रवीण भाटी और कांस्टेबल मोहित शामिल थे। वहीं दूसरी टीम का नेतृत्व सब-इंस्पेक्टर विवेक कर रहे थे, जिसमें हेड कांस्टेबल सुनील पन्नू, मंदीप और यशपाल शामिल थे।

जांच के दौरान दोनों टीमों ने मैनुअल और तकनीकी सर्विलांस को मजबूत किया और स्थानीय खुफिया जानकारी विकसित की। उपलब्ध सुरागों पर त्वरित कार्रवाई करते हुए पहली टीम ने वारदात के कुछ ही घंटों के भीतर दो मुख्य आरोपियों समीर उर्फ शाका और सचिन उर्फ पीके को धर दबोचा। पुलिस ने आरोपियों की निशानदेही पर वारदात में इस्तेमाल किया गया चाकू, शिकायतकर्ता का लूटा हुआ मोबाइल फोन और 200 रुपये नगद बरामद कर लिए।

पुलिस कस्टडी में लेकर जब आरोपी समीर उर्फ शाका से कड़ाई से पूछताछ की गई, तो उसने कबूल किया कि वह हत्या के प्रयास के मामलों में पहले भी शामिल रहा है और उसने अपने साथियों के साथ मिलकर जहांगीरपुरी में हुई दूसरी लूट की वारदात को भी अंजाम दिया था। इस महत्वपूर्ण सुराग के आधार पर सक्रिय हुई सब-इंस्पेक्टर विवेक की दूसरी टीम ने महेंद्र पार्क और जहांगीरपुरी इलाके में ताबड़तोड़ छापेमारी कर गिरोह के दो अन्य सह-आरोपियों शोएब उर्फ कुर्बान और कैफ को भी सफलतापूर्वक गिरफ्तार कर लिया। इसी दौरान वारदात में शामिल राहुल नाम के युवक को भी पकड़ा गया, जिसे बाद में बाउंड डाउन किया गया। इस दूसरी टीम ने आरोपियों की निशानदेही पर वारदात में प्रयुक्त अवैध देसी कट्टा और दूसरे पीड़ित का लूटा गया मोबाइल फोन भी बरामद कर लिया है।

गहन पूछताछ के दौरान आरोपियों ने खुलासा किया कि वे कोई मेहनत का काम नहीं करना चाहते थे और कम समय में आसान पैसा कमाकर अपने महंगे शौक व ऐश-ओ-आराम पूरे करने के लिए इस तरह की लूटपाट और झपटमारी की वारदातों को अंजाम देने लगे थे। वे सुनसान रास्तों पर राहगीरों को हथियारों का डर दिखाकर उनके मोबाइल और नगदी छीन लेते थे। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, मुख्य आरोपी समीर उर्फ शाका इलाके का एक सक्रिय और आदतन अपराधी है। पुलिस अब इस मामले में शामिल अन्य फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए उनके संभावित ठिकानों पर लगातार दबिश दे रही है और यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि इस गिरोह ने इलाके में और कितनी वारदातों को अंजाम दिया है।

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