बेटी होने से खफा पिता ने 1 महीने की दुधमुंही बच्ची को गंदे नाले में फेंका; बुद्ध विहार पुलिस ने 3 घंटे में ढूंढकर बचाया

नई दिल्ली: दिल्ली के रोहिणी जिले की बुद्ध विहार थाना पुलिस टीम ने तत्परता, संवेदनशीलता और त्वरित मानवीय दृष्टिकोण का परिचय देते हुए एक ऐसे दिल दहला देने वाले मामले को सुलझाया है, जिसने मानवता को शर्मसार कर दिया। पुलिस टीम ने मुस्तैदी दिखाते हुए मात्र 1 महीने और 12 दिन की एक नवजात बच्ची को गंदे नाले से सकुशल रेस्क्यू कर उसकी जान बचाई है और उसे उसकी मां से सुरक्षित मिलवाया है। पुलिस ने इस घिनौनी वारदात को अंजाम देने वाले कलयुगी पिता को गिरफ्तार कर लिया है, जिसकी पहचान सज्जन कुमार (20 वर्ष) निवासी रोहिणी, दिल्ली के रूप में हुई है। इस त्वरित कार्रवाई से पुलिस ने बुद्ध विहार थाने में दर्ज अपहरण के एक बेहद संवेदनशील मामले का चंद घंटों में पटाक्षेप कर दिया।

रोहिणी जिले के डीसीपी शशांक जायसवाल ने बताया कि 17 मई को बुद्ध विहार थाने में एक पीसीआर कॉल के जरिए नवजात बच्ची के अपहरण की सूचना प्राप्त हुई थी। सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस स्टाफ बिना एक पल गंवाए तुरंत शिकायतकर्ता के घर पहुंचा। पीड़ित मां ने रोते हुए पुलिस को बताया कि उसका पति सज्जन कुमार सुबह-सुबह उनकी 1 महीने 12 दिन की मासूम बेटी को घर से चुपचाप उठाकर कहीं ले गया है। महिला ने एक बेहद दर्दनाक खुलासा करते हुए बताया कि उसका पति घर में बेटी के जन्म होने से काफी नाखुश और नाराज चल रहा था, जिसके कारण उसे डर है कि वह बच्ची के साथ कुछ गलत कर सकता है। इस गंभीर शिकायत पर तुरंत एक्शन लेते हुए बुद्ध विहार थाने में एफआईआर दर्ज कर तफ्तीश शुरू की गई।

मामले की संवेदनशीलता, मासूम की उम्र और उसकी जान के खतरे को देखते हुए प्रशांत विहार सब-डिवीजन के एसीपी रामफूल मीणा के सुपरविजन और बुद्ध विहार थाने के एसएचओ इंस्पेक्टर मदन लाल के नेतृत्व में एक विशेष रेस्क्यू टीम का गठन किया गया, जिसमें एएसआई जीत सिंह, हेड कांस्टेबल कुलदीप, राकेश, राजेश और कांस्टेबल अजय को शामिल किया गया।

जांच टीम ने तुरंत तकनीकी सर्विलांस और स्थानीय खुफिया तंत्र की मदद से आरोपी पिता सज्जन कुमार का पीछा किया और कुछ ही समय में उसे चारों तरफ से घेरकर दबोच लिया। जब पुलिस ने उससे बच्ची के बारे में कड़ाई से पूछताछ की, तो उसने जो खुलासा किया उसे सुनकर पुलिसकर्मी भी दंग रह गए। आरोपी ने बताया कि उसने अपनी डेढ़ महीने से भी कम उम्र की बेटी को रिठाला स्थित पाल कॉलोनी पार्क के पास बने गंदे नाले में लावारिस हालत में फेंक दिया है।

यह सुनते ही पुलिस टीम ने बिना समय गंवाए नाले और उसके आसपास के पूरे जंगली व दलदली इलाके में एक सघन और व्यापक सर्च ऑपरेशन शुरू किया। पुलिसकर्मियों की अथक मेहनत और तत्परता का ही परिणाम था कि रिपोर्ट दर्ज होने के महज 3 घंटे के भीतर उस मासूम बच्ची को नाले से जीवित ढूंढ निकाला गया। नाले की गंदगी और गंभीर स्थिति को देखते हुए पुलिस टीम ने बच्ची को तुरंत अपनी गाड़ी से डॉ. बाबा साहेब अंबेडकर अस्पताल पहुंचाया, जहां डॉक्टरों की विशेष टीम ने प्राथमिकता के आधार पर उसका जीवन रक्षक उपचार शुरू किया। समय पर इलाज मिलने के कारण बच्ची की जान बच गई, जिसके बाद पुलिस ने उसे उसकी मां की गोद में सुरक्षित सौंप दिया। पुलिस ने आरोपी पिता को जेल भेज दिया है और मामले की कानूनी जांच जारी है।

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