इंस्टाग्राम पर वीडियो डालकर दी थी जान से मारने की धमकी; पुलिस ने नाकाम की हत्या की बड़ी साजिश, एक नाबालिग समेत पांच को पकड़ा

नई दिल्ली: दिल्ली के उत्तर-पश्चिम जिले की स्पेशल स्टाफ पुलिस टीम ने सोशल मीडिया पर अवैध हथियारों का प्रदर्शन कर आतंक फैलाने वाले संगठित अपराधियों के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत एक बड़ी सफलता हासिल की है। पुलिस टीम ने मुस्तैदी दिखाते हुए इलाके के कुख्यात ‘मोहित उर्फ बाबा गैंग’ का भंडाफोड़ किया है और इसके 4 मुख्य सदस्यों को गिरफ्तार कर एक नाबालिग (सीसीएल) को पकड़ा है। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान गिरोह के मास्टरमाइंड प्रिंस उर्फ मोहित उर्फ बाबा (25 वर्ष) निवासी जहांगीर पुरी, राधे (22 वर्ष) निवासी होलंबी कलां और शांतनु उर्फ चिका (18 वर्ष) निवासी जहांगीर पुरी, दिल्ली के रूप में हुई है। पुलिस टीम ने आरोपियों के कब्जे और निशानदेही पर दो अत्याधुनिक अवैध पिस्टल, एक मैगजीन, तीन जिंदा कारतूस और वारदात में इस्तेमाल एक स्कूटी बरामद की है। इस कार्रवाई से पुलिस ने हत्या, हत्या के प्रयास और आर्म्स एक्ट के तीन नए मामलों का सफल खुलासा करते हुए दिल्ली में एक और संभावित सनसनीखेज हत्याकांड की साजिश को नाकाम कर दिया है।

उत्तर-पश्चिम जिले की डीसीपी आकांक्षा यादव ने बताया कि जहांगीर पुरी निवासी शिकायतकर्ता शोएब ने पुलिस में रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि 8 मई को आरोपी मोहित उर्फ बाबा ने पुरानी रंजिश के चलते उसके भाई जुनैद कुरैशी की हत्या के मामले में उसे इंस्टाग्राम कॉल के माध्यम से जान से मारने की धमकी दी। आरोपी ने सोशल मीडिया पर वीडियो भी अपलोड किए, जिनमें वह और उसके साथी पीड़ित के घर के बाहर फायरिंग करते हुए पूरे परिवार को खत्म करने की धमकी दे रहे थे। इसके बाद 11 मई को दो लड़के फिर से पिस्टल लेकर पीड़ित के घर के बाहर आए और फायरिंग का प्रयास किया। इस संबंध में जहांगीर पुरी थाने में बीएनएस और आर्म्स एक्ट की विभिन्न धाराओं के तहत एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू की गई थी।

इलाके में कानून व्यवस्था बनाए रखने और सोशल मीडिया पर अवैध हथियारों के साथ वायरल हो रहे रीलों पर अंकुश लगाने के लिए स्पेशल स्टाफ के इंचार्ज इंस्पेक्टर सोमिल शर्मा के नेतृत्व में एक विशेष टीम का गठन किया गया। इस टीम में सब-इंस्पेक्टर अजय कुमार, एएसआई सोमवीर, हेड कांस्टेबल नरसी राम, मोहित, प्रवीण, हरीश, हरेंद्र, महिला हेड कांस्टेबल रितु और कांस्टेबल ओमवीर को शामिल किया गया। इस पूरी टीम ने उत्तर-पश्चिम जिले के एसीपी (ऑपरेशंस सेल) के करीबी पर्यवेक्षण में तकनीकी और जमीनी स्तर पर काम शुरू किया।

इसी दौरान 13 मई को स्पेशल स्टाफ को एक विश्वसनीय गुप्त सूचना मिली कि गिरोह का मुख्य सरगना देर रात थाना सुभाष प्लेस क्षेत्र के अंतर्गत H-ब्लॉक, झुग्गी कॉलोनी, शकूरपुर में अपने एक साथी से मिलने आने वाला है। सूचना मिलते ही पुलिस टीम ने बिना समय गंवाए बताए गए स्थान पर रणनीतिक घेराबंदी की। जैसे ही संदिग्ध युवक वहां पहुंचा, पुलिस ने एक संक्षिप्त पीछा करने के बाद उसे सफलतापूर्वक दबोच लिया। तलाशी के दौरान उसके पास से 7.65 MM बोर की 3 जिंदा कारतूसों से भरी मैगजीन और एक अवैध पिस्टल बरामद हुई, जिसके बाद सुभाष प्लेस थाने में आर्म्स एक्ट के तहत एफआईआर दर्ज की गई।

थाने लाकर की गई गहन पूछताछ में आरोपी प्रिंस उर्फ बाबा ने कुबूल किया कि वह साल 2020 में हुई जुनैद की हत्या के मामले में शामिल रहा है। उसने यह भी माना कि उसने अपने साथियों राधे, शांतनु उर्फ चिका, नीतीश, अरमान और एक नाबालिग के साथ मिलकर पीड़ित शोएब के घर पर फायरिंग और धमकी देने की साजिश रची थी। मुख्य आरोपी की निशानदेही पर स्पेशल स्टाफ ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी राधे, शांतनु और एक नाबालिग को भी गिरफ्तार कर लिया। आरोपी राधे की निशानदेही पर पुलिस ने एक और अवैध पिस्टल बरामद की।

पुलिस रिकॉर्ड के विश्लेषण से पता चला है कि 25 वर्षीय मास्टरमाइंड प्रिंस उर्फ बाबा जहांगीर पुरी इलाके का एक आदतन और कुख्यात अपराधी है, जिसके खिलाफ आदर्श नगर, महेंद्र पार्क और जहांगीर पुरी थानों में हत्या, हत्या के प्रयास, डकैती और आर्म्स एक्ट के 8 गंभीर मामले दर्ज हैं। वह एक मामले में पैरोल जम्पर भी है, जो अगस्त 2025 में पैरोल पर जेल से बाहर आने के बाद से फरार चल रहा था और लगातार वारदातों को अंजाम देकर दहशत फैला रहा था। वहीं, दूसरा आरोपी राधे भी पुराना अपराधी है और उसके खिलाफ ओल्ड दिल्ली रेलवे स्टेशन, स्वरूप नगर और एनआईए थानों में डकैती व झपटमारी के 3 मामले दर्ज हैं। पुलिस अब इस गिरोह के फरार सदस्यों नीतीश और अरमान की तलाश में जुटी है और पूरे नेटवर्क को ध्वस्त करने के लिए आगे की जांच कर रही है।

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