युधिष्ठिर सेतु पर स्कूटी सवार से आईफोन झपट कर भागने वाले दो शातिर लुटेरे गिरफ्तार, अवैध पिस्तौल और चोरी की पल्सर बरामद

नई दिल्ली: दिल्ली के नॉर्थ जिले की कश्मीरी गेट थाना पुलिस टीम ने स्ट्रीट क्राइम और झपटमारी की वारदातों पर कड़ा प्रहार करते हुए दो बेहद शातिर और कुख्यात लुटेरों को गिरफ्तार करने में बड़ी सफलता हासिल की है। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान फजल खान उर्फ फैसल (29 वर्ष) और वाहिद उर्फ नसीम उर्फ अन्ना (29 वर्ष) के रूप में हुई है। ये दोनों आरोपी बुलंद मस्जिद, शास्त्री पार्क, दिल्ली के रहने वाले हैं। पुलिस टीम ने मुस्तैदी दिखाते हुए आरोपियों के कब्जे से वारदात में इस्तेमाल की जा रही चोरी की एक पल्सर मोटरसाइकिल, एक अवैध देसी पिस्तौल और दो जिंदा कारतूस बरामद किए हैं। इस बड़ी कार्रवाई से पुलिस ने कश्मीरी गेट और शकरपुर थानों में दर्ज झपटमारी व वाहन चोरी के 2 अलग-अलग मामलों का सफल खुलासा किया है। रिकॉर्ड की जांच में सामने आया है कि दोनों आरोपी आदतन अपराधी हैं और उन पर दिल्ली के विभिन्न थानों में कुल 62 आपराधिक मामले दर्ज हैं।

नॉर्थ जिले के डीसीपी राजा बांठिया ने बताया कि 3 मई को कश्मीरी गेट थाने में मोबाइल झपटमारी के संबंध में एक पीसीआर कॉल प्राप्त हुई थी। दिलशाद कॉलोनी निवासी पीड़ित राजेश कुमार ने बताया कि वह अपनी स्कूटी से करोल बाग जा रहे थे और रास्ते में फोन पर बात कर रहे थे। दोपहर करीब 3:15 बजे जब वह यमुना नदी पर बने युधिष्ठिर सेतु के पास पहुंचे, तभी पीछे से एक मोटरसाइकिल पर सवार होकर आए दो अज्ञात बदमाशों ने उनके हाथ से आईफोन झपट लिया और निगम बोध घाट की तरफ फरार हो गए। इस शिकायत पर तुरंत कार्रवाई करते हुए कश्मीरी गेट थाने में बीएनएस की धारा 304(2)/3(5) के तहत एफआईआर दर्ज कर तफ्तीश शुरू की गई।

झपटमारों को पकड़ने और मोबाइल बरामद करने के लिए कोतवाली सब-डिवीजन के एसीपी शंकर बनर्जी के मार्गदर्शन और कश्मीरी गेट थाने के एसएचओ इंस्पेक्टर प्रशांत यादव के नेतृत्व में एक विशेष टीम का गठन किया गया, जिसमें सब-इंस्पेक्टर उमेश, एएसआई दीपेंद्र, हेड कांस्टेबल राजीव, अजय, अंकुर, अनुज, अजीत और कांस्टेबल प्रवीण, सुरेंद्र, सचिन व रितेश शामिल थे।

जांच के दौरान पुलिस टीम ने यमुना नदी के दोनों तरफ बदमाशों के संभावित भागने के रास्तों पर लगे करीब 100 सीसीटीवी कैमरों की फुटेज का बारीक विश्लेषण किया। लगातार की गई कशमकश के बाद पुलिस ने वारदात में इस्तेमाल की गई पल्सर मोटरसाइकिल की पहचान कर ली। जब उस गाड़ी के नंबरों की जांच की गई, तो पता चला कि वह बाइक भी करीब एक महीने पहले शकरपुर इलाके से चोरी की गई थी, जिसके संबंध में ई-एफआईआर दर्ज थी। इसके बाद पुलिस ने तकनीकी सर्विलांस और स्थानीय मुखबिरों की मदद से जांच आगे बढ़ाई, जिससे पता चला कि आरोपी शास्त्री पार्क इलाके में छिपे हुए हैं।

14 और 15 मई की मध्यरात्रि को पुलिस टीम को एक पुख्ता गुप्त सूचना मिली कि दोनों आरोपी किसी नई वारदात को अंजाम देने के इरादे से कश्मीरी गेट और सिविल लाइंस इलाके में आने वाले हैं। सूचना पर त्वरित कार्रवाई करते हुए टीम ने कश्मीरी गेट के नित्यानंद मार्ग पर रणनीतिक जाल बिछाया। रात करीब 1:30 बजे पुलिस ने कश्मीरी गेट मेट्रो स्टेशन के गेट नंबर 5 के पास घेराबंदी करके पल्सर बाइक पर सवार होकर पहुंचे दोनों आरोपियों फजल खान और वाहिद को सफलतापूर्वक धर दबोचा। तलाशी के दौरान उनके पास से एक लोडेड देसी पिस्तौल और जिंदा कारतूस बरामद हुआ, जिसके बाद उनके खिलाफ आर्म्स एक्ट के तहत एक और नया मुकदमा दर्ज किया गया।

थाने लाकर की गई गहन पूछताछ में दोनों आरोपियों ने युधिष्ठिर सेतु पर की गई झपटमारी की वारदात को कुबूल कर लिया। उन्होंने बताया कि छीना गया आईफोन उन्होंने जाफरबाद इलाके में किसी अज्ञात व्यक्ति को बेच दिया है। आरोपी वाहिद ने खुलासा किया कि उसने यह अवैध पिस्तौल करीब एक महीने पहले सीमापुरी के एक व्यक्ति से 1500 रुपये में खरीदी थी ताकि वारदात के दौरान यदि कोई पीड़ित विरोध करे, तो उसे डराया जा सके।

आरोपियों का प्रोफाइल खंगालने पर पता चला कि दोनों ने स्कूल बीच में ही छोड़ दिया था और गंभीर रूप से ड्रग्स के आदी हैं। 29 वर्षीय फजल खान के खिलाफ पहले से झपटमारी और वाहन चोरी के 26 मामले दर्ज हैं। वहीं, उसका साथी वाहिद उर्फ अन्ना शास्त्री पार्क थाने का घोषित बदमाश है, जिसके खिलाफ लूट, डकैती और आर्म्स एक्ट के 36 गंभीर मामले दर्ज हैं। पुलिस अब चोरी का मोबाइल खरीदने वाले रिसीवर और हथियार सप्लाई करने वाले स्रोत का पता लगाने के लिए संभावित ठिकानों पर छापेमारी कर रही है। मामले की आगे की जांच जारी है।

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