ड्राई स्टेट में ‘वुड पॉलिश’ की आड़ में हो रही शराब तस्करी का पर्दाफाश, स्वरूप नगर गोदाम पर रेड, भारी मात्रा में अवैध शराब और फर्जी जीएसटी बिल बरामद

नई दिल्ली: दिल्ली के उत्तर-पश्चिम जिले की अशोक विहार थाना पुलिस के अंतर्गत आने वाली डब्ल्यूपीआईए पुलिस चौकी टीम ने अंतरराज्यीय शराब तस्करों के एक ऐसे गिरोह का पर्दाफाश किया है, जो बिहार जैसे ‘ड्राई स्टेट’ (शराब बंदी वाले राज्य) में बेहद अनोखे और ‘इनॉवेटिव’ तरीके से शराब की तस्करी कर रहा था। पुलिस ने इस मामले में स्वरूप नगर स्थित एक गुप्त गोदाम पर छापेमारी करते हुए मुख्य आरोपी को गिरफ्तार किया है, जिसकी पहचान अमित पुत्र मोहन प्रसाद (26 वर्ष) निवासी बादली इंडस्ट्रियल एरिया, दिल्ली के रूप में हुई है। पुलिस टीम ने मुस्तैदी दिखाते हुए आरोपी के कब्जे और गोदाम से कुल 2968 क्वार्टर अवैध शराब बरामद की है, जो “केवल चंडीगढ़ में बिक्री के लिए” मार्का वाली थी। इसके साथ ही शराब छुपाने में प्रयुक्त 198 प्लास्टिक की बाल्टियां, पैकिंग मशीन, टाटा एस वाहन और फर्जी जीएसटी इनवॉइस व ई-वे बिल बरामद किए गए हैं। इस मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने आबकारी अधिनियम के साथ-साथ नए कानून के तहत संगठित अपराध की धारा 112 बीएनएस भी जोड़ दी है।

उत्तर-पश्चिम जिले की डीसीपी आकांक्षा यादव ने बताया कि 17 मई को वजीरपुर इंडस्ट्रियल एरिया स्थित वीआरएल लॉजिस्टिक्स के फ्रेंचाइजी मालिक अक्षत साहनी के पास अमित नाम का एक व्यक्ति पहुंचा। उसने बिहार के मुजफ्फरपुर भेजने के लिए ‘वुड पॉलिश’ (लकड़ी की पॉलिश का सामान) के नाम पर 33 भारी कार्टन बुक करवाए। बुकिंग के बाद जब ट्रांसपोर्टर को कुछ संदेह हुआ, तो उन्होंने एक कार्टन को खोलकर जांच की। कार्टन के अंदर प्लास्टिक की बाल्टियां थीं, जिन्हें ऊपर से लकड़ी के बुरादे से पूरी तरह ढका गया था ताकि देखने में वह वुड पॉलिश ही लगे। लेकिन जब बाल्टी के अंदर गहराई से जांच की गई, तो उसमें चंडीगढ़ मार्का शराब की बोतलें छिपी हुई मिलीं। ट्रांसपोर्टर द्वारा पूछताछ की कोशिश करने पर आरोपी अमित अपना मोबाइल बंद कर मौके से भाग निकला, जिसके बाद तुरंत इसकी सूचना डब्ल्यूपीआईए पुलिस चौकी को दी गई।

लॉजिस्टिक्स हब में शराब तस्करी की सूचना मिलते ही अशोक विहार थाने के एसएचओ इंस्पेक्टर प्रमोद कुमार और अशोक विहार सब-डिवीजन के एसीपी आकाश रावत के सुपरविजन में एक विशेष ऑपरेशन टीम का गठन किया गया। इस टीम का नेतृत्व चौकी प्रभारी सब-इंस्पेक्टर रोहित चाहर कर रहे थे, जिसमें सब-इंस्पेक्टर अजय, एएसआई रामरूप, हेड कांस्टेबल अश्वनी, पवन, राहुल, विजेंद्र और कांस्टेबल तेजवीर, सुमित व सौरभ शामिल थे।

पुलिस टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए सबसे पहले सभी 33 कार्टनों को कब्जे में लेकर खोला, तो उनके भीतर रखी 198 प्लास्टिक की बाल्टियों से कुल 2968 क्वार्टर अवैध शराब बरामद हुई। इसके बाद टीम ने तकनीकी सर्विलांस और मुखबिरों की मदद से आरोपी के मोबाइल की आखिरी लोकेशन ट्रैक की और उत्तर-पश्चिम दिल्ली के स्वरूप नगर इलाके में स्थित एक लकड़ी के गोदाम पर ताबड़तोड़ छापेमारी की। पुलिस ने मुस्तैदी दिखाते हुए आरोपी अमित को गोदाम से ही दबोच लिया। जांच में पता चला कि इस गोदाम का इस्तेमाल अवैध शराब की खेपों को गुप्त रूप से पैक करने और छुपाने के मुख्य केंद्र के रूप में किया जा रहा था।

गोदाम की तलाशी के दौरान पुलिस को भारी मात्रा में पैकिंग सामग्रियां, बाल्टियों और बॉक्स को एयरटाइट सील करने वाली आधुनिक मशीनें और शराब की खेप को वैध व्यापारिक माल साबित करने के लिए तैयार किए गए फर्जी जीएसटी इनवॉइस और ई-वे बिल्स बरामद हुए। इसके अलावा, शराब को ट्रांसपोर्टर के दफ्तर तक ढोने के लिए इस्तेमाल की जाने वाली टाटा एस गाड़ी को भी पुलिस ने जब्त कर लिया है।

पूछताछ में आरोपी अमित ने खुलासा किया कि वह मूल रूप से बिहार का ही रहने वाला है और वहां शराबबंदी होने के कारण वह ऊंचे दामों पर शराब खपाकर मोटी कमाई करना चाहता था। इसके लिए उसने यह ‘स्मार्ट पैकेजिंग ट्रिक’ सोची, ताकि औद्योगिक सामान की आड़ में शराब की खेप आसानी से बॉर्डर पार करा दी जाए। पुलिस अब इस मामले में फर्जी जीएसटी नेटवर्क की भी गहराई से जांच कर रही है, और वे अकाउंटेंट्स भी पुलिस के रडार पर हैं जिन्होंने ये फर्जी दस्तावेज तैयार किए थे। इस संगठित नेटवर्क के अन्य सहयोगियों और पूरी सप्लाई चेन को ध्वस्त करने के लिए आगे की जांच तेजी से जारी है।

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