दादा के घर की चाबी दोस्त को देकर कराई थी चोरी; बिंदापुर थाना पुलिस ने पोते समेत तीन को दबोचा, ढाई किलो चांदी और ₹5.58 लाख नगद बरामद

नई दिल्ली: दिल्ली के द्वारका जिला की बिंदापुर थाना पुलिस ने मुस्तैदी का परिचय देते हुए एक घर में हुई लाखों की चोरी के सनसनीखेज मामले को सफलतापूर्वक सुलझा लिया है। पुलिस ने इस मामले में दो शातिर चोरों और चोरी का माल खरीदने वाले एक सुनार को गिरफ्तार किया है। पुलिस की इस बड़ी कार्रवाई में करीब 2.433 किलोग्राम पिघली हुई चांदी की ईंट, ₹5,58,054 नगद, सोने की बालियां, अंगूठी, चांदी की पायल, बिछिया और 198 पुराने व विदेशी सिक्के बरामद किए गए हैं। जांच में खुलासा हुआ है कि इस पूरी चोरी का मास्टरमाइंड कोई और नहीं बल्कि पीड़ित का सगा पोता ही था, जिसने लालच में आकर अपने दोस्त से चोरी करवाई थी।

द्वारका जिला के डीसीपी कुशल पाल सिंह ने बताया कि 28 अप्रैल को बिंदापुर थाने में ओल्ड महावीर नगर (बिंदापुर क्षेत्र) निवासी गिरिराज प्रसाद की शिकायत पर ई-प्राथमिकी दर्ज की गई थी। पीड़ित ने बताया था कि अज्ञात चोरों ने उनके घर से सोने-चांदी के जेवरात और ₹73,800 की नगदी चोरी कर ली है। अपराध के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाते हुए एसीपी डाबरी संजीव कुमार के मार्गदर्शन और एसएचओ बिंदापुर नरेश सांगवान के नेतृत्व में हेड कांस्टेबल नीरज, कांस्टेबल राजेश डागर, आशीष और राहुल की एक विशेष ‘क्रैक टीम’ का गठन किया गया।

पुलिस टीम ने जांच शुरू करते हुए घटनास्थल के आसपास के सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली। एक पड़ोसी के घर के बाहर लगे सीसीटीवी कैमरे में 25 अप्रैल को दिन के समय एक अज्ञात लड़का पीड़ित के घर में अवैध रूप से घुसता हुआ और करीब दो घंटे बाद बाहर निकलता हुआ दिखाई दिया। स्थानीय खुफिया तंत्र और फुटेज के विश्लेषण के आधार पर उस लड़के की पहचान आकाश के रूप में हुई। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए 29 अप्रैल को आरोपी आकाश को नजफगढ़ के राणा जी एन्क्लेव स्थित उसके आवास से धर दबोचा।

गहन पूछताछ के दौरान आरोपी आकाश ने बताया कि इस चोरी की पूरी योजना पीड़ित के सगे पोते हर्ष प्रसाद ने बनाई थी। हर्ष ने ही आकाश को अपने घर की चाबी दी थी और बताया था कि उसके दादा ताला नहीं लगाते हैं और घर में नगदी व जेवरात कहां रखे हैं। चोरी करने के बाद आकाश ने सारा सामान हर्ष को सौंप दिया था। पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए सह-आरोपी हर्ष प्रसाद (20 वर्ष) को डाबरी इलाके से गिरफ्तार किया और उसके कमरे से ₹2 लाख नगद व जेवरात बरामद किए। इसके बाद आकाश के घर से भी चोरी के अन्य आभूषण बरामद किए गए।

आरोपियों ने खुलासा किया कि चोरी करने के बाद वे चांदी के जेवरात को लेकर करोल बाग गए थे, जहां उन्होंने एक सुनार को वह चांदी बेच दी थी। सुनार ने चांदी को पिघलाकर उन्हें ₹5,10,000 नगद दिए थे। आरोपियों की निशानदेही पर पुलिस ने डाबरी निवासी सुनार राजेश कुमार कटारिया (54 वर्ष) को भी गिरफ्तार कर लिया और उसके पास से 2.433 किलोग्राम वजनी पिघली हुई चांदी की ईंट बरामद कर ली। पुलिस ने आरोपियों के घरों से चांदी बेचकर मिली नगद राशि भी पूरी तरह रिकवर कर ली है।

पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 2.433 किलोग्राम चांदी की ईंट, ₹5,58,054 की भारी नगदी, सोने की बाली का एक जोड़ा, सोने की नाक की पिन, महिलाओं की सोने की अंगूठी, तीन सोने की चूड़ियाँ, 5 पीस चांदी की पायल, 9 चांदी की बिछिया और 198 पुराने सिक्के बरामद किए हैं। पुलिस ने बीएनएस की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज कर आगे की कानूनी कार्यवाही शुरू कर दी है और आरोपियों से अन्य मामलों के संबंध में पूछताछ की जा रही है।

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