इंस्टाग्राम से नंबर निकाल लड़कियों के नाम पर करता था दोस्ती, व्हाट्सएप कॉल पर अश्लील वीडियो चलाकर फंसाता था, पुलिस ने डीग से दबोचा

नई दिल्ली: दिल्ली की शाहदरा जिला साइबर पुलिस ने देश भर में पैर पसार रहे एक बेहद शातिर ऑनलाइन हनीट्रैप और सेक्सटॉर्शन रैकेट का भंडाफोड़ किया है। पुलिस ने तकनीकी सर्विलांस और बैंक खातों की कड़ियों को जोड़ते हुए राजस्थान के मेवात (डीग जिला) इलाके में दबिश देकर इस पूरे गिरोह के मुख्य सरगना को गिरफ्तार कर लिया है। पकड़े गए आरोपी की पहचान लाडमका गांव निवासी अरमान (23) के रूप में हुई है, जो बीकॉम पास है और अपनी पढ़ाई का इस्तेमाल लोगों को ब्लैकमेल करने में कर रहा था। पुलिस ने आरोपी के कब्जे से दो मोबाइल फोन और 11 फर्जी सिम कार्ड बरामद किए हैं। चौंकाने वाली बात यह है कि आरोपी के मोबाइल की जांच करने पर पुलिस को उसमें लगभग 150 अश्लील वीडियो मिले हैं, जिनमें से 50 से अधिक वीडियो में कई अलग-अलग राज्यों के पीड़ित जालसाज की ब्लैकमेलिंग के जाल में फंसे दिखाई दे रहे हैं।

इस सनसनीखेज मामले का खुलासा तब हुआ जब शाहदरा निवासी एक पीड़ित ने घबराकर राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल पर अपनी शिकायत दर्ज कराई। पीड़ित ने पुलिस को बताया कि बीते 13 मई को उसके व्हाट्सएप नंबर पर एक अज्ञात नंबर से वीडियो कॉल आई थी। पीड़ित ने जैसे ही कॉल उठाई, दूसरी तरफ एक पहले से रिकॉर्ड की गई अश्लील वीडियो क्लिप चलने लगी जिसमें एक महिला दिखाई दे रही थी। इसके बाद आरोपी ने पीड़ित को अपनी बातों के जाल में फंसाकर और मनोवैज्ञानिक दबाव बनाकर उसे भी निर्वस्त्र होने पर मजबूर कर दिया। शातिर ठग ने स्क्रीन रिकॉर्डिंग ऐप के जरिए पीड़ित का भी एक आपत्तिजनक वीडियो तैयार कर लिया। इसके तुरंत बाद आरोपी ने वही वीडियो पीड़ित को व्हाट्सएप पर भेजकर ब्लैकमेल करना शुरू कर दिया और धमकी दी कि यदि उसने एक लाख रुपये नहीं दिए, तो इस वीडियो को फेसबुक, यूट्यूब और उसके सगे-संबंधियों को भेजकर वायरल कर दिया जाएगा। बदनामी के डर से पीड़ित ने शुरुआत में कुछ रकम आरोपी के खाते में ट्रांसफर भी कर दी, लेकिन जब आरोपी की मांगें लगातार बढ़ती गईं, तो पीड़ित ने हिम्मत जुटाकर पुलिस से संपर्क किया, जिसके बाद साइबर थाना शाहदरा में भारतीय न्याय संहिता की धारा 318(4) के तहत मुकदमा दर्ज किया गया।

इस हाईटेक और संवेदनशील अपराध की गुत्थी को सुलझाने के लिए शाहदरा जिले के आला अधिकारियों के निर्देश पर एक विशेष पुलिस टीम का गठन किया गया था। इस जांबाज टीम का नेतृत्व साइबर थाना के एसएचओ विजय कुमार ने किया, जिसमें इंस्पेक्टर श्वेता शर्मा, एएसआई राजदीप, हेड कांस्टेबल जावेद, नरेंदर, दीपक और विकास को शामिल किया गया था। इस टीम ने तकनीकी सर्विलांस, कॉल डिटेल रिकॉर्ड्स और पैसे के लेन-देन का गहराई से विश्लेषण किया। गहन जांच के बाद जब सुराग सीधे राजस्थान के मेवात की तरफ गए, तो दिल्ली पुलिस की इस टीम ने स्थानीय पुलिस के सहयोग से गोपालगढ़ थाना क्षेत्र के गांव लाडमका में अचानक छापेमारी की और मुख्य सरगना अरमान को उसके ठिकाने से धर दबोचा।

पुलिस पूछताछ और इंटरोगेशन के दौरान आरोपी अरमान ने साइबर ठगी के इस काले साम्राज्य का पूरा मोड्स ऑपेरन्डी उगल दिया। उसने बताया कि वह सबसे पहले इंस्टाग्राम और विभिन्न डेटिंग ऐप्स पर लड़कियों के नाम से फर्जी या आकर्षक प्रोफाइल बनाता था। वहां से वह सीधे और मासूम पुरुषों के मोबाइल नंबरों को निशाना बनाने के लिए चुनता था। नंबर मिलने के बाद वह लड़कियों के नाम से व्हाट्सएप पर दोस्ती और मीठी-मीठी बातें शुरू करता था। शिकार को पूरी तरह जाल में फंसाने के लिए वह एक साथ दो मोबाइलों का इस्तेमाल करता था—एक मोबाइल से वह पीड़ित को व्हाट्सएप वीडियो कॉल करता था और दूसरे मोबाइल की स्क्रीन पर अश्लील वीडियो चलाकर उसे पहले फोन के फ्रंट कैमरे के सामने रख देता था, जिससे पीड़ित को लगता था कि सामने सचमुच कोई लड़की बैठी है। आरोपी अरमान खुद ही इन वीडियो कॉल्स को संभालता था और ठगी की रकम सीधे अपने निजी बैंक खाते में ट्रांसफर करवाता था।

शाहदरा जिला के डीसीपी राजेंद्र प्रसाद मीणा ने बताया कि हमारी साइबर सेल की टीम ने तकनीकी विश्लेषण और त्वरित कार्रवाई के आधार पर मेवात क्षेत्र से सेक्सटॉर्शन मॉड्यूल के इस मुख्य सरगना को गिरफ्तार करने में बड़ी सफलता हासिल की है। आरोपी के पास से भारी मात्रा में पीड़ितों के अश्लील वीडियो और फर्जी सिम कार्ड मिले हैं, जो यह दर्शाते हैं कि यह एक बेहद संगठित नेटवर्क है। पुलिस उपायुक्त ने बताया कि इस मामले में शामिल अन्य सह-आरोपियों की पहचान कर ली गई है और उन्हें पकड़ने के लिए पुलिस की टीमें लगातार संभावित ठिकानों पर छापेमारी कर रही हैं, उन्हें भी जल्द ही सलाखों के पीछे भेज दिया जाएगा।

इसके साथ ही डीसीपी ने आम जनता और नागरिकों के लिए एक जरूरी एडवाइजरी भी जारी की है। दिल्ली पुलिस ने अपील की है कि सोशल मीडिया, व्हाट्सएप या किसी भी डेटिंग ऐप पर अनजान व्यक्तियों से दोस्ती करने या उनकी वीडियो कॉल उठाने से बचें। साइबर अपराधी अक्सर नकली पहचान और पहले से रिकॉर्ड किए गए वीडियो का सहारा लेकर लोगों को जाल में फंसाते हैं। नागरिक कभी भी किसी अजनबी के साथ अपनी निजी तस्वीरें या वीडियो साझा न करें। यदि कोई आपको इस तरह के वीडियो के जरिए डराने या ब्लैकमेल करने की कोशिश करता है, तो घबराएं नहीं और न ही डरकर कोई भुगतान करें, क्योंकि पैसे देने पर उनकी मांगें और बढ़ जाती हैं। ऐसी किसी भी स्थिति में तुरंत राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन नंबर पर कॉल करें या वेबसाइट पर अपनी शिकायत दर्ज कराएं, दिल्ली पुलिस पीड़ितों की पहचान पूरी तरह गुप्त रखकर अपराधियों पर सख्त कानूनी कार्रवाई करेगी।

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