APK फाइल भेज की गई ₹3.99 लाख की क्रेडिट कार्ड ठगी का पर्दाफाश: जमुई से गिरफ्तार हुआ मुख्य सरगना

नई दिल्ली: दिल्ली के उत्तर-पश्चिम जिला की साइबर थाना पुलिस ने एक बड़ी सफलता हासिल करते हुए APK फाइल आधारित क्रेडिट कार्ड फ्रॉड मॉड्यूल के मुख्य सरगना को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने बिहार के जमुई जिले में छापेमारी कर आरोपी सचिन (26 वर्ष), पुत्र अनिल कुमार दास, निवासी ग्राम चकाई को पकड़ा है। आरोपी ने दिल्ली के एक व्यक्ति के साथ ₹3.99 लाख की धोखाधड़ी की थी। पुलिस ने आरोपी के कब्जे से अपराध की कमाई से खरीदे गए दो मोबाइल फोन और दो एलईडी टीवी बरामद किए हैं। आरोपी इस पूरे साइबर फ्रॉड मॉड्यूल का मुख्य संचालक और लाभार्थी था, जो लोगों की गोपनीय जानकारी चुराकर उन्हें आर्थिक नुकसान पहुँचाता था।

उत्तर-पश्चिम के डीसीपी आकांक्षा यादव ने बताया कि शकूर बस्ती निवासी दीपक कुमार ने ₹3.99 लाख की क्रेडिट कार्ड ठगी के संबंध में शिकायत दर्ज कराई थी। पीड़ित ने बताया कि उसे e-SIM कन्वर्जन के लिए एक कॉल आई थी, जिसे रिजेक्ट करने के बाद उसका मोबाइल नेटवर्क बंद हो गया। जांच करने पर पता चला कि उसके नंबर पर फर्जी तरीके से e-SIM जारी करा ली गई और उसके फ्लिपकार्ट अकाउंट के जरिए क्रेडिट कार्ड से भारी खरीदारी की गई। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए एसीपी सृष्टि भट्ट के पर्यवेक्षण और साइबर थाना प्रभारी निरीक्षक दिनेश दहिया के नेतृत्व में एसआई सुनीत, एचसी राकेश और कांस्टेबल राहुल की एक टीम गठित की गई।

जांच के दौरान पुलिस टीम ने जब फंड ट्रेल और डिजिटल फुटप्रिंट्स का विश्लेषण किया, तो पता चला कि पीड़ित के फ्लिपकार्ट अकाउंट का संचालन बिहार के जमुई से किया जा रहा था। आरोपी बेहद शातिर तरीके से सामान की डिलीवरी सड़क किनारे अधूरे पतों पर करवाता था ताकि पुलिस को भ्रमित किया जा सके। तकनीकी निगरानी और स्थानीय सूचनाओं के आधार पर पुलिस टीम ने जमुई में स्थानीय पुलिस के सहयोग से तड़के छापेमारी की और मुख्य आरोपी सचिन को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में उसने खुलासा किया कि वह ओपन सोर्स के जरिए लोगों का डेटा चुराने की तकनीक सीख चुका था।

कार्यप्रणाली का खुलासा करते हुए आरोपी ने बताया कि वह पीड़ित के नाम पर e-SIM जारी कराकर उसके बैंकिंग विवरण और ओटीपी तक पहुंच प्राप्त कर लेता था। इसके बाद वह ई-कॉमर्स साइट्स पर सेव किए गए क्रेडिट कार्ड विवरण का उपयोग कर महंगे इलेक्ट्रॉनिक सामान जैसे एसी, वॉशिंग मशीन और टीवी ऑर्डर करता था। इन सामानों को वह खुले बाजार में कम कीमत पर बेचकर ऐशो-आराम की जिंदगी जीता था। पुलिस अब इस मॉड्यूल से जुड़े अन्य सदस्यों और ठगी के शिकार हुए अन्य लोगों का पता लगाने में जुटी है। इस गिरफ्तारी को साइबर अपराधियों के खिलाफ दिल्ली पुलिस की एक महत्वपूर्ण कार्रवाई माना जा रहा है।

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