शटर और ताले काटने वाले औजारों के साथ घूमते थे अपराधी, दिल्ली पुलिस ने 6 को किया गिरफ्तार

नई दिल्ली: दिल्ली के उत्तर-पश्चिम जिला की एंटी-बर्गलरी सेल ने सेंधमारी की घटनाओं पर अंकुश लगाने की दिशा में बड़ी सफलता हासिल करते हुए दो अलग-अलग वारदातों का खुलासा किया है। पुलिस ने इस कार्रवाई में 5 शातिर सेंधमारों और चोरी का सामान खरीदने वाले एक रिसीवर को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान शहजाद उर्फ नेता (24 वर्ष), आबिद उर्फ गूंगा (23 वर्ष), समीर उर्फ चिकनी (22 वर्ष), विक्रम उर्फ विनोद मेंटल (32 वर्ष), राजू उर्फ लक्ष्मी नारायण (36 वर्ष) और रिसीवर दीपक (23 वर्ष) के रूप में हुई है। पुलिस ने इनके कब्जे से एक एचपी लैपटॉप, कैश काउंटिंग मशीन, खिलौना कार, वेल्डिंग मशीनें, ड्रिल मशीन, ग्राइंडर और ताले तोड़ने वाले कई उपकरण बरामद किए हैं। गिरफ्तार आरोपी राजू और विक्रम जहांगीरपुरी थाने के घोषित बदमाश हैं और यह पूरा गिरोह अब तक कुल 47 आपराधिक मामलों में शामिल रहा है।

उत्तर-पश्चिम के डीसीपी आकांक्षा यादव ने बताया कि क्षेत्र में बढ़ती सेंधमारी की घटनाओं को देखते हुए एसीपी अशोक विहार आकाश रावत के पर्यवेक्षण और एंटी-बर्गलरी सेल के प्रभारी निरीक्षक धर्मेंद्र कुमार के नेतृत्व में एक समर्पित टीम का गठन किया गया था। इस टीम में एसआई उमेश पाल, एएसआई राकेश और कई अन्य पुलिस कर्मियों को शामिल किया गया। टीम ने सीसीटीवी फुटेज के गहन विश्लेषण और तकनीकी सर्विलांस की मदद से आरोपियों का सुराग लगाया और जाल बिछाकर इन्हें अलग-अलग स्थानों से गिरफ्तार किया।

जांच में पहला मामला शालीमार बाग थाना क्षेत्र का सामने आया, जहां 7 मई को एक परिसर में सेंधमारी की वारदात हुई थी। पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज के आधार पर शहजाद, आबिद और समीर को दबोच लिया। इनके पास से लैपटॉप और कैश काउंटिंग मशीन बरामद हुई। पूछताछ में पता चला कि ये आरोपी पहले भी चोरी की कई वारदातों में शामिल रहे हैं। दूसरा मामला 9 मई को आदर्श नगर थाना क्षेत्र से सामने आया, जहां केवल पार्क इलाके में चोरी हुई थी। इस मामले में पुलिस ने विक्रम, राजू और रिसीवर दीपक को गिरफ्तार किया, जिनके पास से भारी मात्रा में वेल्डिंग और ड्रिलिंग मशीनें बरामद की गईं।

आरोपियों की कार्यप्रणाली का खुलासा करते हुए पुलिस ने बताया कि ये बदमाश देर रात औद्योगिक और रिहायशी इलाकों में रेकी करते थे और बंद परिसरों को निशाना बनाते थे। अपने साथ कटर, पेचकस और प्लास जैसे उपकरण रखने वाले ये अपराधी पलक झपकते ही शटर और ताले तोड़कर कीमती सामान पर हाथ साफ कर देते थे। आरोपी राजू के खिलाफ अकेले 27 मामले दर्ज हैं, जबकि विक्रम 14 मामलों में संलिप्त पाया गया है। पुलिस फिलहाल इन आरोपियों से गहन पूछताछ कर रही है ताकि इनके अन्य साथियों और चोरी के माल के नेटवर्क का पूरी तरह से खुलासा किया जा सके। इस कार्रवाई से इलाके में सक्रिय सेंधमारों के एक बड़े सिंडिकेट को तोड़ने में मदद मिली है।

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