सीमापुरी में ड्रग सप्लाई नेटवर्क का भंडाफोड़, एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स ने पकड़ी लाखों की हेरोइन

नई दिल्ली: दिल्ली के शाहदरा जिले की एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स ने मादक पदार्थों की तस्करी के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान में एक बड़ी सफलता हासिल की है। पुलिस टीम ने सीमापुरी इलाके में छापेमारी कर एक सक्रिय ड्रग पेडलर को गिरफ्तार किया है, जिसकी पहचान सुमित उर्फ भतीजा (24 वर्ष), निवासी ताहिरपुर, दिल्ली के रूप में हुई है। आरोपी के कब्जे से 110.52 ग्राम हेरोइन बरामद की गई है, जिसकी अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत काफी अधिक है। आरोपी को उस वक्त रंगे हाथों दबोचा गया जब वह नशे की इस खेप की डिलीवरी देने सीमापुरी आया था।

शाहदरा के डीसीपी राजेंद्र प्रसाद मीणा ने बताया कि एएनटीएफ टीम को गुप्त सूचना मिली थी कि सुमित उर्फ भतीजा नाम का युवक दिल्ली-एनसीआर में बड़े पैमाने पर हेरोइन की सप्लाई कर रहा है। सूचना की पुष्टि के बाद एसीपी ऑपरेशंस मोहिंदर सिंह के मार्गदर्शन और इंस्पेक्टर विनोद कुमार के नेतृत्व में एक विशेष छापेमारी टीम गठित की गई। इस टीम में एसआई धीर सिंह, एएसआई शोकिंदर, हेड कांस्टेबल राजेश, वेदपाल, पंकज, विकास मलिक, दीपक और कांस्टेबल अर्जुन शामिल थे।

जांच टीम ने सीमापुरी इलाके में जाल बिछाया और मुखबिर द्वारा बताए गए विवरण के आधार पर एक संदिग्ध युवक को रोका। पुलिस टीम को देखते ही उसने भागने की कोशिश की, लेकिन सतर्क पुलिस कर्मियों ने उसे घेराबंदी कर काबू कर लिया। तलाशी के दौरान उसके पास से एक पारदर्शी प्लास्टिक पाउच मिला, जिसमें 110.52 ग्राम हेरोइन भरी हुई थी। इस बरामदगी के बाद थाना सीमापुरी में एनडीपीएस एक्ट की धारा 21 के तहत प्राथमिकी दर्ज कर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया।

पूछताछ के दौरान आरोपी सुमित ने खुलासा किया कि वह साहिबाबाद निवासी राजा और अपने एक अन्य साथी जावेद उर्फ टोनी से यह हेरोइन मंगवाता था। उसने बताया कि आर्थिक तंगी और जल्द अमीर बनने के लालच में वह इस अवैध कारोबार में शामिल हुआ था। वह दिल्ली और एनसीआर के अलग-अलग हिस्सों में ड्रग्स की सप्लाई करता था। पुलिस अब इस तस्करी नेटवर्क की पूरी चेन का पता लगाने के लिए साहिबाबाद और अन्य संदिग्ध ठिकानों पर छापेमारी कर रही है।

पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, आरोपी सुमित एक आदतन अपराधी है। वह पहले भी लूट, चोरी और एनडीपीएस एक्ट जैसे लगभग पांच आपराधिक मामलों में शामिल रहा है। वह मूल रूप से मजदूरी का काम करता था, लेकिन अधिक पैसे कमाने की चाहत में ड्रग तस्करों के संपर्क में आ गया और धीरे-धीरे इस काले धंधे का हिस्सा बन गया। शाहदरा जिला पुलिस ने स्पष्ट किया है कि नशे के सौदागरों के खिलाफ यह अभियान जारी रहेगा ताकि समाज को नशा मुक्त बनाया जा सके।

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