दिल्ली पुलिस ने ‘ऑपरेशन मिलाप’ से अप्रैल में 149 वयस्कों और 45 बच्चों को किया सकुशल बरामद, घरों में लौटी खुशियां

नई दिल्ली: दिल्ली के दक्षिण-पश्चिम जिला पुलिस ने ‘ऑपरेशन मिलाप’ के तहत मानवीय संवेदनाओं और पेशेवर दक्षता का परिचय देते हुए अप्रैल 2026 के महीने में कुल 194 लापता व्यक्तियों को सफलतापूर्वक उनके परिजनों से मिलाया है। बरामद किए गए लोगों में 45 नाबालिग बच्चे (जिनका अपहरण या गुमशुदगी हुई थी) और 149 वयस्क शामिल हैं। पुलिस की इस तत्परता ने कई टूटते परिवारों को नई उम्मीद दी है। आंकड़ों के अनुसार, इस साल 1 जनवरी से 30 अप्रैल 2026 तक जिला पुलिस ने कुल 542 लापता व्यक्तियों (143 नाबालिग और 399 वयस्क) को सुरक्षित ढूंढने में सफलता प्राप्त की है।

दक्षिण-पश्चिम जिले के डीसीपी अमित गोयल ने बताया कि लापता होने की रिपोर्ट प्राप्त होते ही स्थानीय पुलिस ने मिशन मोड में तलाशी अभियान शुरू किया। पुलिस टीमों ने सीसीटीवी फुटेज खंगालने के साथ-साथ ऑटो स्टैंड, ई-रिक्शा स्टैंड, बस स्टैंड और रेलवे स्टेशनों पर लापता लोगों की तस्वीरें प्रदर्शित कीं। बस ड्राइवरों, कंडक्टरों और स्थानीय वेंडरों से पूछताछ के साथ-साथ मुखबिरों का भी सहयोग लिया गया। इसके अतिरिक्त, पड़ोसी राज्यों के पुलिस स्टेशनों और अस्पतालों के रिकॉर्ड की सघन जांच की गई, जिसके परिणामस्वरूप 194 लोगों को 1 अप्रैल से 30 अप्रैल के बीच सफलतापूर्वक बरामद कर लिया गया।

विभिन्न थानों की कार्यवाही का विवरण देते हुए डीसीपी ने बताया कि वसंत विहार पुलिस ने 3 नाबालिग लड़कियों और 3 महिलाओं को ढूंढा, जबकि कापसहेड़ा पुलिस ने सबसे अधिक 8 नाबालिग बच्चों और 21 वयस्कों को उनके परिवारों से मिलाया। एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग यूनिट (AHTU) ने 14 नाबालिग बच्चों (7 लड़के और 7 लड़कियां) को ट्रेस कर अपनी कार्यकुशलता का लोहा मनवाया। इसी तरह सागरपुर, दिल्ली कैंट, सरोजिनी नगर, किशनगढ़ और साउथ कैंपस सहित अन्य थानों ने भी सक्रिय भूमिका निभाई। ‘ऑपरेशन मिलाप’ के तहत जिला पुलिस की यह मुहिम लगातार जारी है, जिसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि कोई भी मासूम या व्यक्ति अपनों से दूर न रहे।

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