जाफरपुर कलां में बर्थडे पार्टी से लौट रहे युवकों पर दिल्ली पुलिस के हेड कांस्टेबल ने चलाई गोली, एक की मौत

नई दिल्ली: दिल्ली के द्वारका जिले के जाफरपुर कलां इलाके में मानवता को शर्मसार कर देने वाली एक घटना सामने आई है, जहाँ स्पेशल सेल में तैनात एक हेड कांस्टेबल ने मामूली बहस के बाद दो युवकों को गोली मार दी। इस वारदात में 21 वर्षीय ज़ोमैटो डिलीवरी बॉय पांडव कुमार की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि उसका साथी कृष्ण गंभीर रूप से घायल है। घटना के बाद आरोपी पुलिसकर्मी मौके से फरार हो गया। मृतक और घायल युवक बिंदापुर के रहने वाले थे और अपने दोस्त के बेटे के जन्मदिन की पार्टी से वापस लौट रहे थे।

डीसीपी द्वारका कुशल पाल सिंह ने बताया कि घटना रविवार तड़के करीब 2:30 बजे की है। जेपी कलां निवासी रूपेश कुमार के दो वर्षीय बेटे के जन्मदिन की पार्टी थी। पार्टी खत्म होने के बाद देर रात करीब दो बजे 13 लोगों का समूह मुख्य सड़क पर टैक्सी का इंतजार कर रहा था। तभी 7 लोगों का समूह सड़क पर बातें कर रहा था। सूत्रों के अनुसार, इसी दौरान पास ही रहने वाला नीरज (हेड कांस्टेबल, स्पेशल सेल) आरके प्रॉपर्टी के ऊपर बने अपने कमरे से नीचे आया और सड़क पर खड़े युवकों से किसी बात को लेकर बहस करने लगा। बहस इतनी बढ़ गई कि नीरज ने अपनी सरकारी पिस्टल निकाली और पांडव कुमार की छाती में गोली मार दी। गोली पांडव के शरीर को भेदती हुई पीछे बैठे उसके दोस्त कृष्ण के पेट में जा लगी।

आनन-फानन में दोनों घायलों को आरटीआर अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने पांडव कुमार को मृत घोषित कर दिया। वहीं, कृष्ण का इलाज अस्पताल में चल रहा है। पुलिस ने बताया कि आरोपी नीरज मूल रूप से रोहतक (हरियाणा) के बहु अकबरपुर गांव का रहने वाला है और पिछले 15 वर्षों से रावत गांव में अकेला रह रहा था।

घटना की सूचना मिलते ही वरिष्ठ पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंचे और एफएसएल टीम के जरिए साक्ष्य जुटाए गए। हत्या और हत्या के प्रयास सहित संबंधित धाराओं में मामला दर्ज कर लिया गया है। जिस तरह से एक जिम्मेदार पद पर तैनात पुलिसकर्मी ने मामूली बहस के बाद सार्वजनिक रूप से गोलीबारी को अंजाम दिया, उसने दिल्ली पुलिस की कार्यप्रणाली और सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। पुलिस ने आरोपी की धरपकड़ के लिए कई टीमें गठित कर दी हैं। पूरे मामले की गहन जांच की जा रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि आरोपी ने बिना उकसावे के इतने गंभीर अपराध को क्यों अंजाम दिया।

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