दिल्ली पुलिस का ‘ऑपरेशन शिकंजा’: वेस्ट डिस्ट्रिक्ट में एक साथ तीन कुख्यात उद्घोषित अपराधी गिरफ्तार

नई दिल्ली: दिल्ली पुलिस के वेस्ट डिस्ट्रिक्ट ने अपराधियों के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान ‘ऑपरेशन शिकंजा’ के तहत एक बड़ी सफलता हासिल की है। वेस्ट डिस्ट्रिक्ट पुलिस की विभिन्न टीमों ने अलग-अलग कार्रवाई करते हुए तीन ऐसे उद्घोषित अपराधियों को गिरफ्तार किया है, जो लंबे समय से कानून की नजरों से बचकर भाग रहे थे। डीसीपी (वेस्ट) दराडे शरद भास्कर ने बताया कि ये गिरफ्तारियाँ पुलिस की मुस्तैदी और निरंतर निगरानी का परिणाम हैं।

पहली कार्रवाई में, एएटीएस की टीम ने मंगोलपुरी इलाके से जोगिंदर (52) को गिरफ्तार किया। आरोपी वर्ष 2018 में पंजाबी बाग थाने में दर्ज चोरी के एक मामले में वांछित था और सितंबर 2025 में कोर्ट द्वारा उसे उद्घोषित अपराधी घोषित किया गया था। वह लंबे समय से अपनी गिरफ्तारी से बच रहा था।

दूसरी महत्वपूर्ण सफलता तिलक नगर पुलिस को मिली। हेड कांस्टेबल करण सिंह और कांस्टेबल नरेश की टीम ने एक गुप्त सूचना के आधार पर जनकपूरी ईस्ट मेट्रो पिकेट पर जाल बिछाया और सन्नी (40) नामक व्यक्ति को दबोच लिया। आरोपी वर्ष 2022 में दर्ज स्नैचिंग के एक मामले में फरार था और मई 2025 से उद्घोषित अपराधी घोषित था।

तीसरी कार्रवाई में, मोती नगर पुलिस की टीम ने 10 दिनों के गहन तकनीकी सर्विलांस और अथक प्रयासों के बाद सुराज उर्फ विराट (26) को पालम इलाके से गिरफ्तार किया। आरोपी मोती नगर थाने में दर्ज आर्म्स एक्ट के मामले में वांछित था। सुराज बेहद शातिर अपराधी है और पूर्व में पटेल नगर थाने में दर्ज पांच अलग-अलग आपराधिक मामलों में शामिल पाया गया है।

पुलिस के अनुसार, इन तीनों अपराधियों की गिरफ्तारी के बाद अब सभी को संबंधित न्यायालयों में पेश किया गया है। डीसीपी ने अपनी टीमों की सराहना करते हुए स्पष्ट किया है कि वेस्ट डिस्ट्रिक्ट पुलिस फरार चल रहे अपराधियों और वारंटियों के खिलाफ अपना अभियान और अधिक तेज करेगी, ताकि अपराध पर प्रभावी अंकुश लगाया जा सके।

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