अजमेरी गेट के कोठे पर दिल्ली पुलिस का बड़ा छापा: नाबालिग समेत 8 लड़कियां रेस्क्यू, भारी मात्रा में नकदी, विदेशी मुद्रा और नशीले पदार्थ बरामद

नई दिल्ली: दिल्ली के सेंट्रल जिला अंतर्गत एस.एन. मार्ग (अजमेरी गेट) इलाके में दिल्ली पुलिस ने मानव तस्करी और देह व्यापार के एक बड़े संगठित रैकेट का भंडाफोड़ किया है। पुलिस ने एक विशेष ऑपरेशन के तहत कोठे पर छापेमारी कर एक नाबालिग समेत 8 लड़कियों को सुरक्षित रेस्क्यू किया है। पुलिस ने मौके से दो मैनेजरों को गिरफ्तार किया है, जबकि इस काले धंधे के मुख्य संचालक फिलहाल फरार हैं। छापेमारी के दौरान पुलिस को भारी मात्रा में भारतीय व विदेशी नकदी, गांजा, शराब और आपत्तिजनक सामग्री बरामद हुई है।

सेंट्रल जिले के डीसीपी रोहित राजबीर सिंह ने बताया कि 8 अप्रैल की रात को अजमेरी गेट स्थित दुकान की पहली मंजिल पर अनैतिक तस्करी की गतिविधियों की पुख्ता सूचना मिली थी। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए एसीपी रिंचेन ओंगमु भूटिया की देखरेख और एडब्ल्यूडब्ल्यूपी प्रभारी महिला एसआई किरण सेठी के नेतृत्व में सेंट्रल जिला पुलिस, एफएसएल, क्राइम टीम और ‘सहयोग केयर फॉर यू’ एनजीओ के सदस्यों की एक संयुक्त टीम गठित की गई।

कोठे के गुप्त कमरों में छिपाई गई थीं लड़कियां:

पुलिस टीम ने जब बताए गए स्थान पर छापेमारी की, तो वहां बेहद तंग और गुप्त रूप से बनाए गए कमरों से 8 लड़कियों को निकाला गया। इनमें पश्चिम बंगाल से तस्करी कर लाई गई एक 17 वर्षीय नाबालिग भी शामिल है। नाबालिग ने खुलासा किया कि उसे पश्चिम बंगाल की रहने वाली आलिया उर्फ पिंकी ने लाकर कोठा संचालिका कुमारी और उसके पति राहुल को सौंपा था, जो उसे देह व्यापार के लिए मजबूर कर रहे थे। मौके से पकड़े गए दो मैनेजर, गोपी राम परिहार और लुमा कांत पांडे (दोनों नेपाल निवासी), ग्राहकों से डील करने और नकदी संभालने का काम करते थे।

जांच के दौरान पुलिस ने कोठे से 1,97,040 रुपये नकद, 118 अमेरिकी डॉलर, नेपाल की करेंसी और अन्य देशों की विदेशी मुद्रा बरामद की। इसके अलावा 33 ग्राम गांजा, 264 बोतल और 478 केन बीयर, डायरियां, टोकन, चाकू और कई आपत्तिजनक सामग्रियां जब्त की गई हैं। मौके से मिले सबूतों और लड़कियों के बयानों के आधार पर पुलिस ने पोक्सो, अनैतिक तस्करी निवारण अधिनियम, एनडीपीएस और आबकारी अधिनियम के तहत कई प्राथमिकियां दर्ज की हैं।

डीसीपी ने बताया कि इस रैकेट के तार पश्चिम बंगाल, असम और नेपाल जैसे राज्यों व देशों से जुड़े हैं। पुलिस ने दो मैनेजरों को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि मुख्य आरोपी धर्मेंद्र सिंह उर्फ राहुल और उसकी पत्नी कुमारी अपनी गिरफ्तारी से बचने के लिए फरार हैं। पुलिस की कई टीमें फरार आरोपियों की तलाश में संभावित ठिकानों पर छापेमारी कर रही हैं। फिलहाल रेस्क्यू की गई लड़कियों को उचित संरक्षण में भेज दिया गया है और मामले की विस्तृत जांच जारी है।

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