पलवल से ट्रेन पकड़कर दिल्ली में शिकार ढूंढने आते थे लुटेरे, ऑटो ड्राइवर की बेरहमी से हत्या कर लूटा था वाहन, तीन गिरफ्तार

नई दिल्ली: दिल्ली के सेंट्रल जिला पुलिस ने मंटो रोड पर हुई एक ऑटो रिक्शा चालक की सनसनीखेज हत्या के मामले को महज 48 घंटे के भीतर सुलझा लिया है। पुलिस ने इस ब्लाइंड मर्डर केस में तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जो स्मैक के नशे की लत पूरी करने के लिए वारदातों को अंजाम देते थे। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान योगेश (25 वर्ष), योगेश उर्फ रॉकी (24 वर्ष) और सोमेश (25 वर्ष) के रूप में हुई है, जो सभी हरियाणा के पलवल जिले के रहने वाले हैं। पुलिस ने इनके पास से मृतक का ऑटो, मोबाइल फोन, खून से सने कपड़े और हत्या में इस्तेमाल चाकू बरामद किया है।

सेंट्रल जिले के डीसीपी रोहित राजबीर सिंह ने बताया कि 5 अप्रैल की सुबह करीब 05:31 बजे मंटो रोड स्थित शिवाजी पार्क बस स्टैंड के पास एक घायल व्यक्ति के पड़े होने की सूचना मिली थी। पुलिस टीम ने मौके पर पहुँचकर देखा कि झाड़ियों के बीच एक युवक खून से लथपथ पड़ा है, जिसके गर्दन और छाती पर चाकू के गहरे जख्म थे। उसे तुरंत एलएनजेपी अस्पताल ले जाया गया, जहाँ डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। मृतक की पहचान दिल्ली पुलिस के बीट स्टाफ की मदद से की गई, जिसके बाद कमला मार्केट थाने में हत्या का मामला दर्ज किया गया। वारदात की गंभीरता को देखते हुए एसीपी ऑपरेशंस पदम सिंह राणा और एसीपी दरियागंज कमल शर्मा की देखरेख में स्पेशल स्टाफ प्रभारी इंस्पेक्टर रोहित कुमार, एएटीएस प्रभारी इंस्पेक्टर रघुबीर और एसएचओ कमला मार्केट सी.एल. मीणा की एक संयुक्त ‘क्रैक टीम’ गठित की गई।

ट्रेन से आते थे दिल्ली और वारदात कर होते थे फरार

जांच के दौरान पुलिस ने निजामुद्दीन रेलवे स्टेशन से लेकर पलवल तक के सैकड़ों सीसीटीवी कैमरों का विश्लेषण किया। फुटेज में सामने आया कि 5 युवक निजामुद्दीन स्टेशन के पास से मृतक के ऑटो में सवार हुए थे। तकनीकी सर्विलांस और मुखबिरों की सूचना पर पुलिस ने हरियाणा के पलवल में करीब 12 घंटे तक जाल बिछाया और दो आरोपियों को हसनपुर इलाके से दबोच लिया। उनकी निशानदेही पर तीसरे आरोपी सोमेश को दिल्ली के सराय काले खां बस स्टैंड के पास से गिरफ्तार किया गया।

पूछताछ में आरोपियों ने चौंकाने वाला खुलासा किया। उन्होंने बताया कि वे सभी स्मैक के आदी हैं। वे अक्सर देर रात पलवल से ट्रेन पकड़कर निजामुद्दीन स्टेशन आते थे और रेलवे स्टेशन या बस स्टैंड के आसपास यात्रियों को निशाना बनाकर लूटपाट और झपटमारी करते थे। 4 और 5 अप्रैल की दरमियानी रात इन तीनों ने अपने दो अन्य साथियों (सोनू और विक्रम) के साथ मिलकर कनॉट प्लेस जाने के बहाने ऑटो किराए पर लिया। रास्ते में जब उन्होंने ड्राइवर से मोबाइल छीनने की कोशिश की और उसने विरोध किया, तो उन्होंने उसे चाकुओं से गोद दिया और शव को मंटो ब्रिज के पास फेंककर ऑटो लेकर फरार हो गए।

पुलिस ने आरोपियों की निशानदेही पर लूटा हुआ ऑटो मोबाइल फोन और वारदात के समय पहने गए खून से सने कपड़े बरामद कर लिए हैं। डीसीपी ने बताया कि गिरोह के बाकी दो सदस्यों, सोनू और विक्रम की तलाश में छापेमारी जारी है। फिलहाल तीनों आरोपी पुलिस हिरासत में हैं और आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।

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