मेट्रो विस्तार को नई उड़ान: DMRC और BEML आए साथ, अब विदेशों में भी बिछेगा भारतीय मेट्रो का जाल

नई दिल्ली: दिल्ली मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन और सार्वजनिक क्षेत्र की प्रमुख कंपनी बीईएमएल लिमिटेड ने भारत सहित विदेशों में मेट्रो रेल परियोजनाओं को नई ऊंचाई देने के लिए हाथ मिलाया है। बुधवार को दोनों संस्थानों के बीच एक महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए गए। इस रणनीतिक साझेदारी का मुख्य उद्देश्य बीईएमएल की कोच निर्माण क्षमता और दिल्ली मेट्रो के परिचालन व निष्पादन के वैश्विक अनुभव को जोड़कर अंतरराष्ट्रीय बाजार में अपनी धमक बनाना है। अब दोनों संगठन मिलकर न केवल देश के भीतर बल्कि विदेशों में भी मेट्रो परियोजनाओं की पहचान करेंगे और उनके निष्पादन के लिए संयुक्त रूप से निविदाओं में हिस्सा लेंगे।

मेट्रो भवन में आयोजित एक भव्य कार्यक्रम के दौरान DMRC के निदेशक (बिजनेस डेवलपमेंट) डॉ. पी.के. गर्ग और बीईएमएल के निदेशक (रेल एवं मेट्रो) राजीव कुमार गुप्ता ने समझौते पर हस्ताक्षर किए। इस अवसर पर DMRC के प्रबंध निदेशक डॉ. विकास कुमार और बीईएमएल के सीएमडी शांतनु रॉय विशेष रूप से मौजूद रहे। डॉ. विकास कुमार ने इस गठबंधन को ‘ऐतिहासिक’ करार देते हुए कहा कि यह दो दिग्गज भारतीय संस्थाओं के बीच एक ऐसा मेल है जो शहरी परिवहन प्रणाली को वैश्विक स्तर पर बदल देगा। उन्होंने ‘आत्मनिर्भर भारत’ अभियान के तहत स्वदेशी प्रोपल्शन सिस्टम और टनल बोरिंग मशीनों के विकास पर भी विशेष जोर दिया।

बीईएमएल के सीएमडी शांतनु रॉय ने इस साझेदारी पर खुशी जताते हुए कहा कि दिल्ली मेट्रो के साथ जुड़ाव उनके लिए गर्व की बात है, क्योंकि शुरुआत से ही बीईएमएल दिल्ली मेट्रो को कोचों की आपूर्ति करता रहा है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि बीईएमएल की रोलिंग स्टॉक निर्माण की शक्ति और DMRC का विश्वस्तरीय परिचालन अनुभव मिलकर वैश्विक मानकों के अनुरूप प्रतिस्पर्धी समाधान प्रदान करेंगे। इस समझौते के साथ दोनों संगठनों का लक्ष्य अपनी तकनीकी और व्यावसायिक शक्तियों को एकीकृत करना है, जिससे भारत की वैश्विक उपस्थिति को मेट्रो बुनियादी ढांचे के क्षेत्र में और अधिक मजबूती मिल सके।

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