यूपी में औद्योगिक क्रांति को नई गति, योगी कैबिनेट ने भारी प्रोत्साहन पैकेज और 22 प्रस्तावों को दी मंजूरी

यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में मंगलवार को संपन्न हुई कैबिनेट बैठक में उत्तर प्रदेश को ‘वन ट्रिलियन डॉलर’ इकोनॉमी बनाने की दिशा में कई ऐतिहासिक निर्णय लिए गए।
कैबिनेट ने औद्योगिक निवेश एवं रोजगार प्रोत्साहन नीति-2022 के तहत कुल 22 प्रस्तावों पर मुहर लगाई। इसमें सबसे महत्वपूर्ण निर्णय राज्य की बड़ी औद्योगिक इकाइयों को वित्तीय प्रोत्साहन, सब्सिडी और एलओसी जारी करने से जुड़ा है, जिससे प्रदेश में निवेश का माहौल और अधिक सुदृढ़ होगा।

औद्योगिक इकाइयों को ‘वित्तीय संजीवनी’

अपर मुख्य सचिव औद्योगिक विकास, आलोक कुमार के अनुसार, कैबिनेट ने उच्च स्तरीय प्राधिकृत समिति की सिफारिशों को स्वीकार करते हुए कई बड़ी परियोजनाओं को राहत दी है।

भारी निवेश को समर्थन: हाथरस में एजेआई केन इंडस्ट्रीज (₹1128 करोड़) और शाहजहांपुर में ओएफसी टेक (₹589 करोड़) को एसजीएसटी प्रतिपूर्ति के लिए ‘लेटर ऑफ कंफर्ट’ जारी करने की मंजूरी दी गई।

पूंजीगत सब्सिडी: गौतमबुद्ध नगर की इंटीग्रेटेड बैटरीज (₹1146 करोड़), गोरखपुर की इंडिया ग्लाइकोल्स (₹669 करोड़) और प्रयागराज की विस्कोस इंटरनेशनल को भारी पूंजीगत सब्सिडी दी जाएगी।

ग्रीन एनर्जी हब: नोएडा और ग्रेटर नोएडा क्षेत्र में सोलर सेल और मॉड्यूल मैन्युफैक्चरिंग को बढ़ावा देने के लिए विशेष पैकेज स्वीकृत किए गए हैं। इसमें आवादा इलेक्ट्रो के ₹16,000 करोड़ के मेगा प्रोजेक्ट के संशोधनों को भी अनुमति दी गई है।

युवाओं का डिजिटल सशक्तीकरण: ₹2000 करोड़ का बजट

योगी सरकार ने अपनी महत्वाकांक्षी स्वामी विवेकानंद युवा सशक्तीकरण योजना के अगले चरण को हरी झंडी दे दी है।

25 लाख टैबलेट: स्नातक, स्नातकोत्तर, आईटीआई और मेडिकल के छात्रों को मुफ्त टैबलेट देने के लिए बिड डॉक्यूमेंट को मंजूरी दी गई है।

वित्तीय प्रावधान: इस वर्ष के लिए ₹2000 करोड़ का बजट आवंटित किया गया है, जिससे छात्रों को तकनीकी रूप से सक्षम बनाया जा सके।

ऐतिहासिक न्याय: विस्थापितों को मिला भूमिधर अधिकार

कैबिनेट ने दशकों पुराने मानवीय मुद्दे को सुलझाते हुए भारत-पाकिस्तान विभाजन के समय आए विस्थापित परिवारों के पक्ष में बड़ा फैसला लिया।

जमीन का हक: पीलीभीत, लखीमपुर खीरी, रामपुर और बिजनौर में बसे हजारों परिवारों को अब जमीन का कानूनी मालिकाना हक (भूमिधर अधिकार) मिलेगा।

लाभ: अब ये परिवार अपनी जमीन पर बैंक ऋण ले सकेंगे और सरकारी केंद्रों पर अपनी फसल बेच पाएंगे। इसके साथ ही मेरठ से विस्थापित होकर आए 99 बंगाली परिवारों को कानपुर देहात में ₹1 के सांकेतिक लीज रेंट पर बसाने के प्रस्ताव को भी मंजूरी दी गई।

शिक्षा और पर्यावरण: गोरखपुर में बनेगा नया विश्वविद्यालय

पूर्वी उत्तर प्रदेश के लिए एक बड़ी सौगात देते हुए कैबिनेट ने गोरखपुर के कैम्पियरगंज में ‘उत्तर प्रदेश वानिकी एवं औद्यानिकी विश्वविद्यालय’ की स्थापना को मंजूरी दी।

विशेषज्ञता: यह विश्वविद्यालय एग्रोफॉरेस्ट्री, वन्य जीव संरक्षण और जलवायु परिवर्तन जैसे आधुनिक विषयों पर शोध और शिक्षा का केंद्र बनेगा।

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