दिल्ली पुलिस ने दबोचे 6 घोषित अपराधी; 30 साल से फरार किडनैपर भी चढ़ा हत्थे

नई दिल्ली: दिल्ली पुलिस के दक्षिण-पश्चिम जिला की विभिन्न टीमों ने कानून की प्रक्रिया से बचने वाले घोषित अपराधियों के खिलाफ एक बड़ा अभियान चलाते हुए छह वांछित अपराधियों को गिरफ्तार किया है। पकड़े गए आरोपी अपहरण, एनडीपीएस (ड्रग्स), आर्म्स एक्ट और आबकारी अधिनियम जैसे गंभीर मामलों में पिछले कई सालों से फरार चल रहे थे। इन अपराधियों को कोर्ट ने अलग-अलग आदेशों के तहत भगोड़ा घोषित किया था।

इस ऑपरेशन की सबसे बड़ी सफलता स्पेशल स्टाफ के हाथ लगी, जिसने 1996 के एक अपहरण मामले में पिछले 30 साल से फरार आरोपी इश्तियाक (59 वर्ष) को उत्तर प्रदेश के कासगंज से गिरफ्तार किया। आरोपी ने 1997 में कोर्ट द्वारा भगोड़ा घोषित होने के बाद से अपनी पहचान छुपा रखी थी। इसी तरह, एएटीएस की टीम ने मारपीट और धमकी देने के मामले में वांछित नरेश उर्फ नर बहादुर को द्वारका सेक्टर-7 से पकड़ा। आरोपी खुद को बचाने के लिए एक होटल और बार में मैनेजर के रूप में काम कर रहा था।

भीकाजी कामा प्लेस चौकी की टीम ने अफजल उर्फ इस्लाम को बवाना से दबोचा, जो आर्म्स एक्ट के मामले में वांछित था और पहले से ही चोरी व झपटमारी के 8 आपराधिक मामलों में संलिप्त रहा है। वहीं, एंटी नारकोटिक्स सेल ने ड्रग्स मामले के आरोपी सूरज सिंह को पालम कॉलोनी से गिरफ्तार किया। इसके अलावा, सफदरजंग अस्पताल चौकी की टीम ने आबकारी अधिनियम के आरोपी गौरव को नजफगढ़ से पकड़ा, जो पहले भी शराब तस्करी के 4 मामलों में शामिल रहा है।

डीसीपी (दक्षिण-पश्चिम जिला) अमित गोयल ने बताया कि इन अपराधियों को पकड़ने के लिए एसीपी ऑपरेशंस विजय कुमार और एसीपी बसंत विहार बब्बर भान के नेतृत्व में समर्पित टीमें बनाई गई थीं। पुलिस ने ई-प्रिज़न पोर्टल, तकनीकी सर्विलांस और मुखबिरों की मदद से इन भगोड़ों के ठिकानों का पता लगाया। चेक बाउंस के मामले में वांछित मनोज यादव को भी आगरा से गिरफ्तार किया गया। पुलिस का कहना है कि अन्य फरार अपराधियों की धरपकड़ के लिए अभियान लगातार जारी रहेगा।

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