दिल्ली क्राइम ब्रांच ने मुंडका में अवैध एलपीजी भंडारण रैकेट का किया भंडाफोड़; 610 सिलेंडर बरामद

नई दिल्ली: दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच टीम ने बाहरी दिल्ली के मुंडका इलाके में चल रहे एलपीजी सिलेंडरों के अवैध भंडारण और जमाखोरी के एक बड़े रैकेट का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने एक गोदाम पर छापेमारी कर विभिन्न कंपनियों के 610 एलपीजी सिलेंडर बरामद किए हैं, जिन्हें वैधानिक सुरक्षा मानदंडों और सरकारी नियमों का उल्लंघन कर जमा किया गया था।

डीसीपी (क्राइम-I) संजीव कुमार यादव ने बताया कि एसीपी पंकज अरोड़ा के पर्यवेक्षण और इंस्पेक्टर अमित सोलंकी के नेतृत्व में एक विशेष टीम ने मुंडका स्थित ‘गुरुजी इंडेन गैस सर्विस’ के परिसर पर छापा मारा। जांच के दौरान पाया गया कि यह एजेंसी केवल इंडेन कंपनी के कमर्शियल सिलेंडरों के लिए अधिकृत है, लेकिन गोदाम के भीतर भारत गैस और एचपी गैस के सिलेंडर भी अवैध रूप से रखे गए थे। यह एलपीजी आदेश और आवश्यक वस्तु अधिनियम, 1955 के प्रावधानों का स्पष्ट उल्लंघन है।

पुलिस की जांच में स्टॉक रिकॉर्ड में भी बड़ी विसंगति सामने आई है। इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन के अधिकारियों के अनुसार, 10 मार्च तक एजेंसी के पास इंडेन के कमर्शियल सिलेंडरों का स्टॉक शून्य होना चाहिए था, लेकिन मौके पर इंडेन के 133 भरे हुए कमर्शियल सिलेंडर पाए गए। इससे अवैध भंडारण और स्टॉक प्रबंधन में गड़बड़ी की पुष्टि होती है। आशंका जताई जा रही है कि बाजार में कृत्रिम कमी पैदा कर इन सिलेंडरों को ब्लैक मार्केटिंग के जरिए ऊंचे दामों पर बेचने की योजना थी।

खाद्य आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले विभाग के अधिकारियों की मौजूदगी में की गई इस कार्रवाई में कुल 610 सिलेंडर और 26 एलओटी बरामद किए गए। घनी आबादी वाले क्षेत्र में इतनी भारी मात्रा में ज्वलनशील गैस का अवैध भंडारण एक बड़े सुरक्षा जोखिम की ओर भी इशारा करता है। इस संबंध में थाना क्राइम ब्रांच में आवश्यक वस्तु अधिनियम की धारा 7 और भारतीय न्याय संहिता की धारा 61(2) के तहत FIR दर्ज की गई है।

एजेंसी के मालिक छापेमारी के समय मौके पर मौजूद नहीं थे और फिलहाल फरार हैं। पुलिस उनकी गिरफ्तारी के लिए संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही है। साथ ही, इस अवैध सप्लाई चेन में शामिल अन्य लोगों और ब्लैक मार्केटिंग के नेटवर्क का पता लगाने के लिए विस्तृत जांच जारी है।

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