भारत मंडपम में गूंजा आउटर-नॉर्थ पुलिस का नाम, ‘बेस्ट पुलिस यूनिट’ अवार्ड से सम्मानित

नई दिल्ली: राजधानी दिल्ली की आउटर-नॉर्थ जिला पुलिस ने बौद्धिक संपदा अधिकारों (आईपीआर) के प्रवर्तन और नकली उत्पादों के नेटवर्क को ध्वस्त करने के मामले में देश भर में अपनी धाक जमाई है। भारत मंडपम में आयोजित एक भव्य समारोह में केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने आउटर-नॉर्थ जिले को ‘बेस्ट पुलिस यूनिट’ के प्रतिष्ठित पुरस्कार से नवाजा। इस उपलब्धि के लिए जिला पुलिस को एक ट्रॉफी, प्रशस्ति पत्र और एक लाख रुपये का नकद पुरस्कार प्रदान किया गया।

यह सम्मान दिल्ली पुलिस के आउटर-नॉर्थ जिले द्वारा कॉपीराइट और ट्रेडमार्क उल्लंघन के खिलाफ की गई उत्कृष्ट कार्रवाई के लिए दिया गया है। डीसीपी हरेश्वर स्वामी ने केंद्रीय मंत्री से यह पुरस्कार ग्रहण किया। पुलिस टीम ने पिछले एक साल में नकली सामान बनाने और बेचने वाले कई बड़े गिरोहों का भंडाफोड़ किया है। जिले की टीमों ने लगातार छापेमारी कर करोड़ों रुपये का नकली माल जब्त किया और अवैध फैक्ट्रियों को सील कर कानूनी शिकंजा कसा है।

इस सफलता का श्रेय दिल्ली पुलिस के शीर्ष नेतृत्व के मार्गदर्शन और टीम वर्क को दिया जा रहा है। दिल्ली पुलिस कमिश्नर सतीश गोलचा, स्पेशल सीपी (जोन-1) रविंद्र यादव और जॉइंट सीपी विजय सिंह के निर्देशन में आउटर-नॉर्थ जिला पुलिस ने सुनियोजित तरीके से जांच और प्रवर्तन कार्रवाइयों को अंजाम दिया। पुलिस की इस सक्रियता से न केवल वैध व्यवसायों के हितों की रक्षा हुई है, बल्कि उपभोक्ताओं को भी नकली उत्पादों के खतरे से बचाया गया है।

डीसीपी हरेश्वर स्वामी ने इस अवसर पर कहा कि आउटर-नॉर्थ जिला पुलिस भविष्य में भी बौद्धिक संपदा से जुड़े अपराधों के खिलाफ अपनी सख्त कार्रवाई जारी रखेगी। पुलिस का मुख्य उद्देश्य बाजार में पारदर्शिता बनाए रखना और नकली सामान बनाने वाले सिंडिकेट को पूरी तरह खत्म करना है। इस पुरस्कार से पूरी टीम का मनोबल बढ़ा है और आने वाले समय में तकनीक की मदद से इन अपराधों पर और भी प्रभावी तरीके से लगाम कसी जाएगी।

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