बवाना कारोबारी वैभव गांधी हत्याकांड में एनकाउंटर के बाद दो शूटर गिरफ्तार, पिस्तौल, चार कारतूस और एक बाइक बरामद

नई दिल्ली: दिल्ली पुलिस के बाहरी-उत्तरी जिला की एंटी-नारकोटिक्स स्क्वाड ने 9 और 10 मार्च की दरमियानी रात एक साहसिक ऑपरेशन के दौरान बवाना के चर्चित कारोबारी वैभव गांधी हत्याकांड में वांछित दो और मुख्य शूटरों को मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार कर लिया है। शाहबाद डेयरी इलाके में हुई इस मुठभेड़ में दोनों तरफ से कुल 11 राउंड गोलियां चलीं, जिसमें दोनों आरोपी घायल हो गए। पकड़े गए आरोपियों की पहचान मोहम्मद इरफान (40 वर्ष) और ऐश्वर्य पांडेय (37 वर्ष) के रूप में हुई है। पुलिस ने इनके पास से दो सेमी-ऑटोमैटिक पिस्तौल, चार जिंदा कारतूस और एक चोरी की मोटरसाइकिल बरामद की है।

बाहरी-उत्तरी जिले के डीसीपी हरेश्वर स्वामी ने बताया कि 9 फरवरी को बवाना के सेक्टर-4 में फैक्ट्री के सामने कारोबारी वैभव गांधी की सरेआम गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। इस मामले की जांच के दौरान पुलिस को सूचना मिली कि हत्याकांड में शामिल अन्य संदिग्ध रात के समय शाहबाद डेयरी इलाके से गुजरने वाले हैं। सूचना के आधार पर डीसीपी हरेश्वर स्वामी के नेतृत्व में इंस्पेक्टर गौरव चौधरी और उनकी टीम ने रणनीतिक जाल बिछाया। जब पुलिस टीम ने संदिग्धों को रुकने का इशारा किया, तो उन्होंने पुलिस पर अंधाधुंध 06 राउंड फायरिंग कर दी। जवाब में पुलिस टीम ने आत्मरक्षा में 05 राउंड गोलियां चलाईं, जिससे दोनों आरोपी घायल होकर गिर पड़े और उन्हें हिरासत में ले लिया गया।

पकड़े गए आरोपियों का लंबा आपराधिक इतिहास रहा है। मोहम्मद इरफान के खिलाफ दिल्ली और उत्तर प्रदेश में हत्या के प्रयास, लूट और डकैती के 40 मामले दर्ज हैं। वहीं, ऐश्वर्य पांडेय के खिलाफ यूपी और दिल्ली में गैंगस्टर एक्ट और हत्या के प्रयास सहित 05 मामले दर्ज हैं। घायल आरोपियों को इलाज के लिए रोहिणी के डॉ. बाबा साहेब अंबेडकर अस्पताल में भर्ती कराया गया है। पुलिस ने इस मुठभेड़ के संबंध में शाहबाद डेयरी थाने में नई एफआईआर दर्ज की है और फॉरेंसिक टीम ने मौके से साक्ष्य जुटाए हैं।

उल्लेखनीय है कि इस सनसनीखेज हत्याकांड में पुलिस पहले ही मास्टरमाइंड संजय उर्फ ताऊ और शार्पशूटर अरुण पागल सहित 5 आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी है। ताजा गिरफ्तारी के साथ अब तक कुल 7 आरोपी पुलिस के हत्थे चढ़ चुके हैं। यह पूरा ऑपरेशन संयुक्त पुलिस आयुक्त (उत्तरी रेंज) विजय सिंह और विशेष पुलिस आयुक्त (जोन-I) रवींद्र यादव के समग्र मार्गदर्शन में सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। पुलिस अब इस सिंडिकेट के अन्य नेटवर्क और हथियारों के स्रोत का पता लगाने के लिए आगे की जांच कर रही है।

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