एएटीएस नॉर्थ ने वाहन चोरों के ‘नाबालिग गिरोह’ को पकड़ा, चोरी के 15 दोपहिया वाहन बरामद

नई दिल्ली: दिल्ली के उत्तरी जिला पुलिस की एएटीएस टीम ने वाहन चोरी की वारदातों के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान में एक बड़ी सफलता हासिल की है। पुलिस ने दयाबस्ती रेलवे यार्ड के पास जाल बिछाकर चार नाबालिगों को हिरासत में लिया है। इनकी निशानदेही पर दिल्ली के अलग-अलग इलाकों से चोरी किए गए कुल 15 दोपहिया वाहन (8 बाइक और 7 स्कूटियाँ) बरामद किए गए हैं। यह गिरोह ‘मास्टर-की’ का इस्तेमाल कर आवासीय क्षेत्रों और बाजारों से पलक झपकते ही वाहन उड़ा लेता था।

उत्तरी जिले के डीसीपी राजा बंठिया ने बताया कि एएटीएस टीम इलाके में सक्रिय ऑटो-लिफ्टर्स पर लगातार नजर रख रही थी। इसी दौरान एसीपी ऑपरेशंस विदुषी कौशिक के मार्गदर्शन और एएटीएस प्रभारी इंस्पेक्टर ईश्वर सिंह के नेतृत्व में एक विशेष टीम गठित की गई। इस टीम में एएसआई ओम प्रकाश, हेड कांस्टेबल राजेंद्र लाठर, मनोज कुमार, राहुल और कांस्टेबल सुमित, दामोदर, कालू राम व नितेश शामिल थे। 15 फरवरी 2026 को टीम को गुप्त सूचना मिली कि चार लड़के चोरी के वाहनों के साथ दयाबस्ती रेलवे यार्ड रोड की तरफ आने वाले हैं।

सूचना के आधार पर टीम ने रणनीतिक घेराबंदी की। कुछ ही देर में दो स्कूटियों पर सवार चार लड़कों को रुकने का इशारा किया गया। जब उनसे वाहनों के दस्तावेज मांगे गए, तो वे कोई कागज पेश नहीं कर सके। जिपनेट के जरिए जांच करने पर पता चला कि दोनों स्कूटियाँ बड़ा हिंदू राव और सब्जी मंडी थाना क्षेत्रों से चोरी की गई थीं। इसके बाद उनकी निशानदेही पर रेलवे कॉलोनी दयाबस्ती और सुनसान पड़े सरकारी क्वार्टरों से 13 अन्य दोपहिया वाहन बरामद किए गए।

पूछताछ के दौरान किशोरों ने खुलासा किया कि वे पिछले दो साल से नशे और अपनी जरूरतों को पूरा करने के लिए वाहन चोरी कर रहे थे। वे शाम और रात के समय रिहायशी इलाकों में खड़े वाहनों को निशाना बनाते थे और मास्टर-की के जरिए उनका लॉक खोल लेते थे। पकड़े जाने से बचने के लिए उन्होंने चोरी की गाड़ियों को दयाबस्ती के सुनसान खंडहरों में छिपा रखा था और वे इन्हें बेचने के लिए खरीदार की तलाश में थे। हिरासत में लिए गए नाबालिगों के खिलाफ जेजे एक्ट के प्रावधानों के तहत कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी गई है। इस कार्रवाई से सब्जी मंडी, पहाड़गंज, मालवीय नगर, नांगलोई और बुराड़ी समेत दिल्ली के कई थानों में दर्ज वाहन चोरी के 15 मामले सुलझ गए हैं।

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