दिल्ली पुलिस के ‘दोहरे मापदंड’ पर विहिप का हल्ला बोल, कमिश्नर को पत्र लिख दी बड़े आंदोलन की चेतावनी

नई दिल्ली: राजधानी दिल्ली में धार्मिक आयोजनों और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर दिल्ली पुलिस की कार्यप्रणाली अब सीधे निशाने पर है। विश्व हिंदू परिषद (विहिप), इंद्रप्रस्थ प्रांत ने पुलिस प्रशासन पर हिंदू समाज के प्रति ‘भेदभावपूर्ण’ व्यवहार और दोहरे मापदंड अपनाने का गंभीर आरोप लगाते हुए मोर्चा खोल दिया है। विहिप के प्रांत मंत्री सुरेन्द्र कुमार गुप्ता ने दिल्ली पुलिस आयुक्त को प्रेषित एक कड़े पत्र में स्पष्ट किया है कि कानून की आड़ में केवल एक पक्ष को निशाना बनाना और दूसरे को रियायत देना लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए घातक है। संगठन ने चेतावनी दी है कि यदि पुलिस ने अपना रवैया नहीं बदला, तो हिंदू समाज संवैधानिक तरीके से सड़क पर उतरकर आंदोलन करने के लिए बाध्य होगा।

विहिप ने अपने आरोपों में विशेष रूप से धार्मिक यात्राओं और शोभायात्राओं पर लगाए जाने वाले प्रतिबंधों को रेखांकित किया है। संगठन का कहना है कि हिंदू श्रद्धालुओं के आयोजनों को अंतिम समय में अनुमति न देना या प्रशासनिक दबाव बनाना अब आम हो गया है। सबसे गंभीर सवाल “यातायात बाधा” के नाम पर उठाए गए हैं। विहिप ने तीखा हमला बोलते हुए कहा कि जहां साप्ताहिक आधार पर सड़कों को नमाज के लिए अवरुद्ध करने की मौन सहमति दी जाती है, वहीं मंदिरों के शांतिपूर्ण कार्यक्रमों को ट्रैफिक का बहाना बनाकर रोक दिया जाता है। यह विडंबना सामाजिक समरसता को बिगाड़ने वाली है और हिंदू समाज में असुरक्षा की भावना पैदा कर रही है।

इसके अतिरिक्त, विहिप ने मंदिरों और धार्मिक मेलों के आसपास के व्यावसायिक ढांचे में ‘आर्थिक साठगांठ’ के आधार पर विशेष समुदाय के लोगों के हस्तक्षेप पर भी गहरी आपत्ति जताई है। संगठन के अनुसार, मंदिरों की गरिमा और सुरक्षा को ताक पर रखकर इस तरह के फैसले लिए जा रहे हैं। साथ ही, ‘लव जिहाद’ जैसे संवेदनशील मामलों में पुलिस की कथित उदासीनता और कार्यकर्ताओं को अनावश्यक रूप से परेशान करने के मुद्दे पर भी रोष व्यक्त किया गया है। विहिप के प्रांत मंत्री सुरेन्द्र कुमार गुप्ता ने बताया कि विहिप का एक उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल शीघ्र ही पुलिस आयुक्त से भेंट कर इन सभी विषयों पर विस्तृत चर्चा करेगा और समान नागरिक अधिकार सुनिश्चित करने की मांग करेगा।

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