खुले मैनहोल ने ली एक और जान: रोहिणी में सीवर में गिरा मजदूर, 18 घंटे बाद मिला शव

नई दिल्ली: राजधानी दिल्ली में खुले मैनहोल और सीवर एक बार फिर काल साबित हो रहे हैं। ताज़ा मामला रोहिणी जिले के बेगमपुर थाना इलाके का है, जहाँ सेक्टर-32 स्थित डीडीए की खाली जमीन पर बने एक खुले मैनहोल में गिरने से 32 वर्षीय मजदूर की दर्दनाक मौत हो गई। पुलिस ने दमकल विभाग की मदद से शव को बाहर निकाल कर पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया है। इस मामले में पुलिस ने लापरवाही का मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

पुलिस के अनुसार, मंगलवार दोपहर करीब 02:36 बजे बेगमपुर थाने को एक व्यक्ति के सीवर में गिरने की सूचना मिली थी। मौके पर पहुंचे जांच अधिकारियों को चश्मदीद आमिर हुसैन ने बताया कि उसके दो दोस्त बुद्धन दास और बिरजू कुमार राय (32) सोमवार रात करीब 07:30 बजे काम से लौट रहे थे। दोनों ने शराब पी रखी थी। नशे की हालत में संतुलन बिगड़ने के कारण बिरजू अचानक खुले मैनहोल में जा गिरा। चौंकाने वाली बात यह रही कि बिरजू के साथ मौजूद बुद्धन दास इतना अधिक नशे में था कि उसने रात भर किसी को जानकारी नहीं दी। मंगलवार दोपहर जब उसे होश आया, तब उसने आमिर को हादसे के बारे में बताया और पुलिस को सूचना दी गई।

सूचना मिलते ही दिल्ली पुलिस, फायर ब्रिगेड और डीडीए की टीमें मौके पर पहुंचीं। कड़ी मशक्कत के बाद बिरजू के शव को मैनहोल से बाहर निकाला गया। मृतक बिरजू मूल रूप से बिहार के समस्तीपुर का रहने वाला था। इस संबंध में बेगमपुर थाना पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता की धारा 285 और 106 के तहत मामला दर्ज किया है। पुलिस इस बात की जांच कर रही है कि घनी आबादी वाले क्षेत्र के पास मैनहोल खुला क्यों छोड़ा गया था।

राजधानी में खुले मैनहोल और गड्ढों के कारण होने वाली यह पहली मौत नहीं है। हाल ही में जनकपुरी इलाके में भी सड़क पर बने एक गहरे गड्ढे के कारण एक व्यक्ति को अपनी जान गंवानी पड़ी थी, जिसने प्रशासन के दावों की पोल खोल दी थी। बार-बार होती इन घटनाओं के बावजूद एजेंसियां सुध लेने को तैयार नहीं हैं, जिसके कारण गरीब मजदूर और राहगीर इन खुले ‘मौत के कुओं’ का शिकार बन रहे हैं।

Comments are closed.

This website uses cookies to improve your experience. We'll assume you're ok with this, but you can opt-out if you wish. Accept Read More