चांदनी चौक में महिला वकील का हार चोरी करने वाली ‘लेडी गैंग’ का पर्दाफाश, MP की 3 महिलाएं गिरफ्तार

नई दिल्ली: दिल्ली की कोतवाली थाना पुलिस ने भीड़भाड़ वाले बाजारों में सक्रिय रहने वाली महिलाओं की एक अंतरराज्यीय गैंग का भंडाफोड़ किया है। पुलिस ने महज 72 घंटों के भीतर कार्रवाई करते हुए मध्य प्रदेश से दिल्ली आकर चोरी करने वाली तीन शातिर महिलाओं को गिरफ्तार कर लिया है। इनके पास से दिल्ली हाईकोर्ट की एक महिला वकील का चोरी हुआ कीमती डायमंड-गोल्ड नेकलेस और सोने की बालियां शत-प्रतिशत बरामद कर ली गई हैं।

उत्तरी जिले के एडिशनल डीसीपी सुमित कुमार झा ने बताया कि 28 जनवरी को योजना विहार निवासी एडवोकेट एस. गर्गा ने ई-एफआईआर दर्ज कराई थी। उन्होंने बताया कि वे चांदनी चौक के किनारी बाजार में अपना डायमंड नेकलेस और बालियां ठीक कराने आई थीं। मरम्मत के बाद जब वे बाजार से बाहर निकल रही थीं, तभी भीड़ का फायदा उठाकर अज्ञात चोरों ने उनके बैग से गहने उड़ा लिए। बीएनएस की धारा 303(2) के तहत केस दर्ज होने के बाद पुलिस ने तुरंत जांच शुरू की।

कोतवाली एसएचओ सुमन कुमार और एसीपी शंकर बनर्जी के मार्गदर्शन में इंस्पेक्टर ज्ञान प्रकाश की टीम पीएसआई प्रीति, एएसआई किशनबीर, हवलदार प्रदीप, सिपाही पूरन, अमित, महिला सिपाही नीलम और सबा परवीन ने घटनास्थल के आसपास लगे सैकड़ों सीसीटीवी कैमरों को खंगाला। फुटेज में दो संदिग्ध महिलाएं वकील के बैग से गहने निकालते हुए दिखाई दीं। पुलिस ने पीछा करते हुए देखा कि महिलाएं वारदात के बाद ऑटो रिक्शा से फरार हुई थीं। तकनीकी सर्विलांस और मुखबिरों की मदद से पुलिस मयूर विहार के चिल्ला गांव पहुंची, जहां ये महिलाएं किराए पर कमरा लेकर रह रही थीं।

पुलिस ने कड़ी मशक्कत के बाद 1 फरवरी को प्रीति (30) और अनमोल (26) को धर दबोचा। अनमोल के पास से चोरी किए गए नेकलेस के 28 नग बरामद हुए। पूछताछ में उन्होंने बताया कि बाकी गहने उन्होंने अपनी तीसरी साथी सन्नो (32) के पास रखे हैं। पुलिस ने तुरंत दबिश देकर सन्नो को भी गिरफ्तार कर लिया और उसके पास से नेकलेस का मुख्य हिस्सा व सोने की बालियां बरामद कर लीं।

पूछताछ में एक चौंकाने वाला खुलासा हुआ। ये सभी महिलाएं मध्य प्रदेश के राजगढ़ जिले के गुलखेड़ी गांव की रहने वाली हैं। ये गिरोह पिछले 10-12 सालों से सक्रिय है। ये लोग ट्रेन से दिल्ली आते हैं, कुछ दिनों के लिए किराए का कमरा लेते हैं और चांदनी चौक जैसे भीड़भाड़ वाले बाजारों में पिक-पॉकेटिंग और चोरी की वारदातों को अंजाम देकर वापस अपने गांव लौट जाते हैं। पहचान छिपाने के लिए ये वारदात के बाद बार-बार ऑटो रिक्शा बदलते थे। आरोपी प्रीति पहले भी 2014 में सराय रोहिल्ला थाने में चोरी के मामले में गिरफ्तार हो चुकी है।

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