लिफ्ट के बहाने बैंक अधिकारी बनकर महिला को ठगा, पुलिस ने कार में GPS लगाकर दबोचा 7 मामलों का भगोड़ा

नई दिल्ली: दिल्ली पुलिस की उत्तर-पश्चिम जिला टीम के थाना मौर्य एन्क्लेव ने एक बुजुर्ग महिला से सोना और नकदी ठगने वाले एक शातिर ठग-सह-लुटेरे को गिरफ्तार कर एक ‘ब्लाइंड केस’ का सफल खुलासा किया है। पकड़ा गया आरोपी राहुल उर्फ अजय उर्फ संतोष न केवल एक सक्रिय अपराधी है, बल्कि 7 अलग-अलग मामलों में अदालत द्वारा ‘घोषित अपराधी’ भी ठहराया जा चुका है। पुलिस ने वारदात में इस्तेमाल की गई सैंट्रो कार को भी उसके कब्जे से बरामद कर लिया है।

उत्तर-पश्चिम जिले के अतिरिक्त पुलिस आयुक्त भीष्म सिंह ने बताया कि 18 जनवरी को एक 55 वर्षीय महिला ने ठगी की शिकायत दर्ज कराई थी। महिला ने बताया कि जब वह हैदरपुर बस स्टैंड पर बस का इंतजार कर रही थी, तब एक सैंट्रो कार में सवार कुछ व्यक्तियों ने खुद को बैंक अधिकारी बताते हुए उन्हें लिफ्ट देने की पेशकश की। कार में बैठने के बाद, आरोपियों ने ‘सत्यापन’ के बहाने महिला को अपनी बातों में फंसाया और उनके सोने के आभूषण और ₹5,000/- नकद ले लिए। इसके बदले उन्हें एक लिफाफा थमा दिया गया, जिसे खोलने पर उसमें केवल कोरे कागज पाए गए।

मामले की गंभीरता को देखते हुए एसीपी सृष्टि भट्ट के पर्यवेक्षण और इंस्पेक्टर मदन मीणा के नेतृत्व में एक विशेष टीम गठित की गई, जिसमें एसआई सचिन धामा, हेड कांस्टेबल साधु राम और अन्य जांबाज शामिल थे। टीम ने सीसीटीवी फुटेज और तकनीकी साक्ष्यों का विश्लेषण कर वारदात में इस्तेमाल वाहन को लोनी बॉर्डर के पास ट्रेस किया। पुलिस ने सूझबूझ दिखाते हुए उक्त वाहन में जीपीएस डिवाइस लगा दी, जिससे उसकी गतिविधियों पर नजर रखी गई। जैसे ही आरोपी मॉडल टाउन इलाके में आया, पुलिस ने पीछा कर उसे दबोच लिया।

गिरफ्तार आरोपी की पहचान प्रतापगढ़, उत्तर प्रदेश निवासी राहुल (40 वर्ष) के रूप में हुई है। पूछताछ में उसने स्वीकार किया कि वह आसान पैसा कमाने के लिए अपने साथियों मनोज और अमित के साथ मिलकर बैंक अधिकारी बनकर लोगों को ठगता था। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, उस पर लूट, चोरी, गैर-इरादतन हत्या और आर्म्स एक्ट जैसे 9 गंभीर मामले पहले से दर्ज हैं। फिलहाल पुलिस फरार साथियों की तलाश और लूटे गए सामान की बरामदगी के लिए छापेमारी कर रही है।

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