अभाविप दिल्ली के 61वें प्रदेश अधिवेशन का आगाज: रोहिणी में जुटे हजारों छात्र, राष्ट्र निर्माण का लिया संकल्प

"परिषद में है गंगा जैसी पवित्रता": रोहिणी अधिवेशन में बोले पद्मश्री प्रो. चमू कृष्ण शास्त्री

नई दिल्ली: अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (अभाविप) दिल्ली प्रांत के दो दिवसीय 61वें प्रांत अधिवेशन का शनिवार को रोहिणी के केशव महाविद्यालय परिसर में भव्य शुभारंभ हुआ। “श्री गुरु तेग बहादुर नगर” में आयोजित इस अधिवेशन में दिल्ली भर के हजारों छात्रों ने हिस्सा लिया। उद्घाटन सत्र के दौरान शिक्षा, पर्यावरण, सुरक्षा और तकनीकी संतुलन जैसे गंभीर विषयों पर गहन मंथन किया गया, जो आगामी वर्ष के लिए संगठन की दिशा तय करेंगे।

अधिवेशन का आगाज अभाविप दिल्ली के पूर्व प्रदेश संगठन मंत्री स्वर्गीय मदन भाटिया की स्मृति में लगाई गई प्रदर्शनी के उद्घाटन के साथ हुआ। इस प्रदर्शनी में दिल्ली की सांस्कृतिक विरासत, राष्ट्रपुरुषों के जीवन और भारतीय सेना के शौर्य को जीवंत रूप में दर्शाया गया है। अधिवेशन में प्रदेश मंत्री सार्थक शर्मा ने वार्षिक प्रतिवेदन प्रस्तुत करते हुए बताया कि अभाविप दिल्ली ने इस वर्ष 54,000 से अधिक सदस्यों और 137 नगर इकाइयों के साथ संगठनात्मक विस्तार का नया कीर्तिमान स्थापित किया है।

मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित भारतीय भाषा समिति के अध्यक्ष पद्मश्री प्रो. चमू कृष्ण शास्त्री ने युवाओं को प्रेरित करते हुए कहा कि विद्यार्थी परिषद में गंगा जैसी पवित्रता है। उन्होंने कार्यशक्ति, ज्ञानशक्ति और इच्छाशक्ति के समन्वय पर जोर देते हुए कार्यकर्ताओं को समाज निर्माण की आधारशिला बताया। वहीं, विशिष्ट अतिथि अभाविप के राष्ट्रीय संगठन मंत्री आशीष चौहान ने युवाओं को डिजिटल दुनिया से बाहर निकलकर प्रकृति और खेल से जुड़ने के लिए ‘स्क्रीन टाइम से ग्रीन टाइम’ जैसे अभियानों का आह्वान किया।

पुनर्निवाचित प्रदेश मंत्री सार्थक शर्मा ने इस अवसर पर कहा कि भारत का युवा आज अभाविप के ‘राष्ट्र प्रथम’ के विचार के साथ खड़ा होकर विकसित भारत की ओर अग्रसर है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि यह अधिवेशन छात्रशक्ति को राष्ट्र निर्माण के प्रति और अधिक उत्तरदायी बनाने में सहायक होगा। कार्यक्रम में स्वागत समिति के अध्यक्ष वेद प्रकाश टंडन और मंत्री राकेश गुप्ता सहित कई गणमान्य व्यक्ति मौजूद रहे।

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