सेंट्रल विस्टा कॉरिडोर से जुड़ेंगे कर्तव्य भवन, मेट्रो के तीसरे विस्तार से लाखों कर्मचारियों को मिलेगी राहत

नई दिल्ली: दिल्ली मेट्रो रेल कॉरपोरेशन के फेज V(A) कॉरिडोर को केंद्र सरकार की हरी झंडी मिलने के साथ ही राजधानी के हृदय स्थल ‘केंद्रीय सचिवालय’ मेट्रो स्टेशन की तस्वीर बदलने वाली है। यह स्टेशन अब कश्मीरी गेट की तरह ‘ट्रिपल इंटरचेंज’ स्टेशन के रूप में विकसित होगा। इस विस्तार से न केवल दिल्ली-एनसीआर की कनेक्टिविटी मजबूत होगी, बल्कि रोजाना सफर करने वाले लाखों यात्रियों और सरकारी कर्मचारियों को बड़ी राहत मिलेगी।

दिल्ली मेट्रो के प्रवक्ता अनुज दयाल ने बताया कि वर्तमान में केंद्रीय सचिवालय स्टेशन येलो लाइन और वायलेट लाइन के बीच एक प्रमुख इंटरचेंज पॉइंट है। फेज V(A) के तहत मैजेंटा लाइन के विस्तार (सेंट्रल विस्टा कॉरिडोर: आर.के. आश्रम मार्ग से इंद्रप्रस्थ) के जुड़ते ही यहां तीन लाइनों का संगम होगा।

सेंट्रल विस्टा और कर्तव्य भवनों को मिलेगी सीधी कनेक्टिविटी

इस नए कॉरिडोर की सबसे बड़ी खासियत यह है कि यह सभी नवनिर्मित ‘कर्तव्य भवनों’ को सीधे मेट्रो नेटवर्क से जोड़ देगा। इससे सेंट्रल विस्टा इलाके में आने-जाने वाले लगभग 60,000 कर्मचारियों और रोजाना करीब 2 लाख आगंतुकों को अपने दफ्तर के गेट तक पहुंचने में आसानी होगी। इससे निजी वाहनों पर निर्भरता कम होगी, जिससे लुटियंस दिल्ली में ट्रैफिक जाम और प्रदूषण की समस्या में भी बड़ी गिरावट आने की उम्मीद है।

फेज 4 और 5 के बाद बढ़ेगी इंटरचेंज स्टेशनों की संख्या

वर्तमान में दिल्ली मेट्रो नेटवर्क में 29 इंटरचेंज स्टेशन सक्रिय हैं। फेज 4 के काम पूरे होने के बाद यह संख्या बढ़कर 43 हो जाएगी और फेज V(A) के पूरा होने पर दिल्ली में कुल 46 इंटरचेंज स्टेशन होंगे। कश्मीरी गेट के बाद अब आज़ादपुर, नई दिल्ली, लाजपत नगर और इंद्रलोक जैसे स्टेशन भी ट्रिपल इंटरचेंज की कतार में हैं, जो यात्रियों के यात्रा समय को काफी कम कर देंगे।

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