पश्चिमी दिल्ली में पुलिस का ‘ऑपरेशन कवच 12.0’ का प्रचंड प्रहार; 24 घंटे में 586 गिरफ्तार, 1439 हिरासत में

नई दिल्ली: दिल्ली पुलिस के पश्चिमी जिले ने अपराध और अपराधियों के खिलाफ अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई करते हुए ‘ऑपरेशन कवच 12.0’ को सफलतापूर्वक अंजाम दिया है। डीसीपी दरदे शरद भास्कर के नेतृत्व में जिले के सभी 12 थानों और स्पेशल यूनिट्स ने महज 24 घंटे के भीतर 325 ठिकानों पर ताबड़तोड़ छापेमारी की। इस व्यापक अभियान के दौरान पुलिस ने 586 आरोपियों को गिरफ्तार किया, जबकि 1,439 संदिग्धों को हिरासत में लिया गया।

पश्चिमी जिले के डीसीपी दराडे शरद भास्कर ने बताया कि पुलिस मुख्यालय के निर्देशों पर 23 जनवरी की शाम 6 बजे से 24 जनवरी की शाम 6 बजे तक यह विशेष अभियान चलाया गया। इसका मुख्य उद्देश्य नशा तस्करों, अवैध शराब के माफियाओं, जुआरियों और अवैध हथियार रखने वाले असामाजिक तत्वों की कमर तोड़ना था। इस ऑपरेशन के लिए कुल 147 टीमें गठित की गई थीं, जिनमें स्पेशल स्टाफ, एंटी-नारकोटिक्स स्क्वाड, एएटीएस और तकनीकी निगरानी इकाइयां शामिल रहीं।

पुलिस की इन टीमों ने स्लम बस्तियों, औद्योगिक क्षेत्रों और संदिग्ध ठिकानों पर गुप्त सूचनाओं के आधार पर छापेमारी की। इस दौरान भारी मात्रा में प्रतिबंधित सामग्री और नकदी बरामद की गई। इस अभियान में नशा तस्करी के 4 मामले दर्ज कर 4 तस्कर गिरफ्तार। इनके पास से 1.662 किलो गांजा और 15 ग्राम स्मैक बरामद हुई। अवैध शराब के 15 मामलों में 22 आरोपी गिरफ्तार। पुलिस ने 2,164 क्वार्टर अवैध शराब जब्त की। अवैध हथियार में 15 आरोपियों को गिरफ्तार कर उनके पास से 1 देशी पिस्टल, 1 जिंदा कारतूस और 14 घातक चाकू बरामद किए गए। सार्वजनिक स्थानों पर धूम्रपान करने वालों के खिलाफ 328 चालान (COTPA) काटे गए और जुआरियों से 70,310 रुपये की नकदी जब्त की गई।

डीसीपी ने आगे बताया कि इस ऑपरेशन के तहत 272 घोषित अपराधियों की चेकिंग की गई और 1,439 लोगों को डीपी एक्ट की धारा 65 के तहत हिरासत में लिया गया। इस 24 घंटे की ‘नाइट डोमिनेशन’ और सरप्राइज रेड के दौरान पूरी पारदर्शिता बरतने के लिए वीडियोग्राफी और फोटोग्राफी का भी सहारा लिया गया। पुलिस की इस सख्त कार्रवाई से न केवल अवैध सप्लाई नेटवर्क ध्वस्त हुआ है, बल्कि अपराधियों के बीच कड़ा संदेश भी गया है।

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