दिल्ली से चोरी कर मुंबई-पुणे में बेचते थे लग्जरी कारें; एएटीएस ने अंतरराज्यीय वाहन चोर गिरोह का किया भंडाफोड़, 11 गाड़ियां बरामद

नई दिल्ली: दिल्ली पुलिस के दक्षिण-पूर्वी जिले की एएटीएस (AATS) टीम ने देशव्यापी स्तर पर सक्रिय एक बेहद शातिर वाहन चोर सिंडिकेट का पर्दाफाश किया है। यह गिरोह दिल्ली-एनसीआर से लग्जरी कारें चोरी कर उनके चेसिस नंबर बदलता था और फर्जी दस्तावेजों के सहारे उन्हें महाराष्ट्र के अलग-अलग शहरों में बेच देता था। पुलिस ने इस मामले में गिरोह के मास्टरमाइंड सहित दो मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इनकी निशानदेही पर देश के विभिन्न हिस्सों से 11 आलीशान कारें बरामद की गई हैं, जिनमें तीन फॉर्च्यूनर और चार क्रेटा शामिल हैं।

दक्षिण-पूर्वी जिले के डीसीपी हेमंत तिवारी ने बताया कि इस बड़े ऑपरेशन की शुरुआत बीती 28 दिसंबर को जामिया नगर थाने में दर्ज एक मारुति एस-प्रेसो कार की चोरी की एफआईआर से हुई थी। मामले की गंभीरता और संगठित गिरोह की संलिप्तता को देखते हुए जांच एएटीएस को सौंपी गई। इंस्पेक्टर अजय दलाल के नेतृत्व में एसआई जितेंद्र, सचिन और योगेंद्र की टीम ने तकनीकी सर्विलांस और मुखबिरों की मदद से इस नेटवर्क को ट्रैक करना शुरू किया।

पुलिस टीम को सूचना मिली कि चोरी की गाड़ियों का एक बड़ा रिसीवर महाराष्ट्र और यूपी में सक्रिय है। ठोस जानकारी के आधार पर टीम ने मुंबई के बांद्रा में छापेमारी कर कुणाल सुभाष जायसवाल (23) को गिरफ्तार किया। कुणाल मुंबई से स्नातक है और इस पूरे सिंडिकेट का दिमाग था। उसकी निशानदेही पर पुलिस टीम मुंबई के धारावी पहुंची, जहां से मोहम्मद अमान नामक व्यक्ति को पकड़ा गया, जो पुराने वाहनों की खरीद-फरोख्त का काम करता था। कड़ाई से पूछताछ के बाद, 20 जनवरी 2026 को पुलिस ने गिरोह के मुख्य चोर (ऑटो लिफ्टर) कासिफ को यूपी के बुलंदशहर से गिरफ्तार कर लिया।

जांच में खुलासा हुआ कि यह गिरोह ‘टोटल लॉस’ (हादसे में पूरी तरह बर्बाद) हो चुकी गाड़ियों के चेसिस नंबर का इस्तेमाल चोरी की गई गाड़ियों पर करता था। कासिफ और उसके साथी दिल्ली से कारें चुराकर कुणाल को देते थे। कुणाल इंश्योरेंस कंपनियों से बर्बाद हो चुकी गाड़ियों के दस्तावेज हासिल करता और चोरी की गाड़ियों के चेसिस नंबर बदलकर उन पर फर्जी बैंक एनओसी और जाली सेल लेटर तैयार करवाता था। इसके बाद इन गाड़ियों को पुणे, मुंबई, कोल्हापुर और जालना जैसे शहरों में मासूम खरीदारों को बाजार से कम कीमत पर बेच दिया जाता था।

पुलिस ने अब तक इस गिरोह के कब्जे से कुल 11 लग्जरी गाड़ियां बरामद की हैं, जिनमें 3 टोयोटा फॉर्च्यूनर, 4 हुंडई क्रेटा, 2 मारुति ब्रेजा, 1 एस-प्रेसो और 1 वैगनआर शामिल हैं। इन गाड़ियों की बरामदगी के साथ ही दिल्ली के जामिया नगर, रानी बाग, हरि नगर, लाजपत नगर और अमर कॉलोनी सहित 11 थानों में दर्ज चोरी के मामले सुलझ गए हैं। मुख्य आरोपी कासिफ का पुराना आपराधिक रिकॉर्ड रहा है और वह पहले भी एटीएम लूट व चोरी के कई मामलों में शामिल रहा है। पुलिस अब इस सिंडिकेट के अन्य सदस्यों की तलाश में जुटी है।

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