मैराथन और मशाल के साथ जेएनयू ओलंपिक 2.0 का भव्य आगाज, 23 जनवरी तक सजेगी खेल की महफिल

नई दिल्ली: जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय के क्रीड़ांगन में बुधवार को अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (अभाविप) द्वारा आयोजित तीन दिवसीय खेल महोत्सव ‘जेएनयू ओलंपिक 2.0’ का ऐतिहासिक शुभारंभ हुआ। इस वर्ष के आयोजन की सबसे बड़ी उपलब्धि अभाविप का ‘स्क्रीन टाइम टू एक्टिविटी टाइम’ अभियान रहा, जिसका लक्ष्य छात्रों को मोबाइल और सोशल मीडिया की आभासी दुनिया से बाहर निकालकर शारीरिक सक्रियता की ओर प्रोत्साहित करना है।

कार्यक्रम का आगाज तड़के एक विशाल मैराथन के साथ हुआ, जिसमें सैकड़ों छात्र-छात्राओं ने हिस्सा लेकर स्वस्थ जीवनशैली का संदेश दिया। इसके बाद विधिवत मशाल प्रज्वलन कर खेल महाकुंभ की शुरुआत की गई। पहले दिन एथलेटिक्स प्रतियोगिताओं के तहत 100 मीटर, 200 मीटर और 400 मीटर दौड़ के साथ-साथ लंबी कूद (लॉन्ग जंप) में खिलाड़ियों ने अपना दम दिखाया। इस वर्ष जेएनयू ओलंपिक में पहली बार ‘पैरा-गेम्स’ को शामिल किया गया है, जिसने समावेशी खेल संस्कृति की एक नई मिसाल पेश की है। पैरा-एथलीटों के प्रदर्शन ने न केवल दर्शकों का दिल जीता, बल्कि संपूर्ण परिसर को प्रेरणा से भर दिया।

अभाविप जेएनयू इकाई के अध्यक्ष मयंक पांचाल ने बताया कि ‘स्क्रीन टाइम टू एक्टिविटी टाइम’ अभियान युवाओं के मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य में क्रांतिकारी बदलाव लाएगा। वहीं इकाई मंत्री प्रवीण कु० पीयूष ने कहा कि 23 जनवरी तक चलने वाला यह महोत्सव समावेशी भारत की तस्वीर पेश कर रहा है। खेलों के साथ-साथ छात्रों के बीच डिजिटल डिटॉक्स का आह्वान भी किया जा रहा है ताकि वे तकनीक और स्वास्थ्य के बीच सही संतुलन बना सकें।

आयोजन समिति के अनुसार, बैडमिंटन और कबड्डी जैसी लोकप्रिय विधाओं के प्रारंभिक मुकाबले शुरू हो चुके हैं। अभाविप ने आरोप लगाया कि जहां छात्र संघ नकारात्मक विमर्श में समय नष्ट करता है, वहीं परिषद रचनात्मकता और अनुशासन को बढ़ावा दे रही है। यह तीन दिवसीय महोत्सव 23 जनवरी तक जारी रहेगा, जबकि विजेताओं को 25 जनवरी को पुरस्कार देकर सम्मानित किया जाएगा।

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