अशोक विहार का मानसिक रूप से चुनौतीग्रस्त युवक 11 दिन बाद मिला गुरुग्राम के शेल्टर से किया रेस्क्यू

नई दिल्ली: दिल्ली के अशोक विहार इलाके के बुनकर कॉलोनी से 5 जनवरी को लापता हुए 30 वर्षीय ललित पाल को दिल्ली पुलिस ने गुरुग्राम स्थित प्रसिद्ध अर्थ सेवियर्स फाउंडेशन के होमलेस शेल्टर से सुरक्षित बरामद कर लिया। ललित मानसिक रूप से चुनौतीग्रस्त हैं और पहले आईएचबीएएस (शाहदरा) में इलाजरत रह चुके हैं। परिवार में राहत की सांस आई है, जबकि पुलिस की टीम की सराहना हो रही है।

उत्तर-पश्चिम जिले के एडिशनल डीसीपी सिकंदर सिंह ने बताया कि थाना भारत नगर में ललित पाल पुत्र शिशपाल की गुमशुदगी रिपोर्ट उनके बहनोई नानक चंद ने 5 जनवरी को डीडी संख्या 85A के तहत दर्ज कराई थी। ललित अपने बहनोई के घर अशोक विहार से गायब हो गए थे। पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए तुरंत कार्रवाई शुरू की। निरीक्षक राम किशोर के पर्यवेक्षण और एसीपी आकाश रावत (अशोक विहार) के समग्र निर्देशन में हेड कांस्टेबल विनय राणा एवं कांस्टेबल मुकेश की एक समर्पित टीम गठित की गई।

टीम ने परिवार से पूछताछ की, जिसमें पता चला कि ललित मानसिक स्वास्थ्य से जूझ रहे हैं। गुमशुदा का विवरण वेव पर अपलोड किया गया, वायरलेस संदेश पूरे देश में भेजे गए, क्राइम ब्रांच को अलर्ट किया गया। शिकायतकर्ता के साथ मिलकर आसपास के सीसीटीवी फुटेज का गहन विश्लेषण किया, जिससे ललित की आखिरी गतिविधि ब्रिटानिया चौक तक ट्रेस हुई। विभिन्न शेल्टर होम्स की तलाशी ली गई।

एडिशनल डीसीपी ने बताया कि अथक प्रयासों के बाद टीम को सफलता मिली—ललित पाल को गुरुग्राम के अर्थ सेवियर्स फाउंडेशन होमलेस शेल्टर में पाया गया। वहां वह शारीरिक रूप से पूरी तरह स्वस्थ पाए गए और किसी चिकित्सीय सहायता की जरूरत नहीं थी। पुलिस ने उन्हें तुरंत उनके बहनोई नानक चंद के सुपुर्द कर दिया। परिवार ने पुलिस की मदद के लिए आभार जताया है।

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