दिल्ली पुलिस ने बिहार से दिल्ली आ रहे गांजा तस्करी रैकेट का किया पर्दाफाश, 57 किलो गांजा और कार समेत तीन को पकड़ा

नई दिल्ली: दिल्ली पुलिस के उत्तर-पश्चिम जिला की नारकोटिक्स स्क्वाड ने मादक पदार्थों की तस्करी के खिलाफ एक बड़ी सफलता हासिल करते हुए एक अंतर-राज्यीय गांजा तस्करी रैकेट का भंडाफोड़ किया है। पुलिस ने इस मामले में बिहार के पटना निवासी राकेश कुमार (18 वर्ष), उत्तर प्रदेश के बरेली निवासी कार चालक चन्द्रसन (28 वर्ष) को गिरफ्तार किया है और एक नाबालिग को पकड़ा है। पुलिस ने इनके कब्जे से कुल 57.405 किलोग्राम गांजा बरामद किया है, जिसकी कीमत लाखों में आंकी गई है। इसके साथ ही तस्करी में इस्तेमाल की गई कार को भी जब्त कर लिया गया है। यह गांजा पटना से दिल्ली लाकर यहां के स्थानीय ग्राहकों को ऊँचे मुनाफे पर बेचने के लिए किराए के एक कमरे में छिपाकर रखा गया था।

अतिरिक्त पुलिस आयुक्त (उत्तर-पश्चिम जिला) भीष्म सिंह ने बताया कि जिले में नशा मुक्त भारत अभियान के तहत नारकोटिक्स सेल की टीम सक्रिय ड्रग पैडलरों की निगरानी कर रही थी। इसी दौरान इंस्पेक्टर मदन मोहन के नेतृत्व में एसीपी रंजीत ढाका के मार्गदर्शन में एएसआई चन्द्रपाल, हेड कांस्टेबल पवन, रोहित और अन्य जवानों की टीम को शकूरपुर इलाके में तस्करों की मौजूदगी की सूचना मिली। 22 फरवरी को टीम ने शकूरपुर के चार खंभा चौक पर जाल बिछाया और राकेश कुमार व उसके नाबालिग साथी को संदिग्ध बैगों के साथ दबोच लिया।

पूछताछ के दौरान आरोपियों ने स्वीकार किया कि उनके बैगों में गांजा है। उनकी निशानदेही पर शकूरपुर स्थित उनके किराए के कमरे की तलाशी ली गई, जहाँ दो कपड़े के बैग और एक ट्रॉली बैग से भारी मात्रा में गांजा मिला। तौल करने पर कुल मादक पदार्थ 57.405 किलोग्राम पाया गया। आरोपियों ने खुलासा किया कि वे यह माल पटना निवासी ‘मुन्ना’ नामक सप्लायर से लाए थे। जांच को आगे बढ़ाते हुए पुलिस ने उस कार के चालक चन्द्रसन को भी गिरफ्तार कर लिया, जिसका उपयोग मादक पदार्थों को एक स्थान से दूसरे स्थान तक पहुँचाने में किया गया था।

पुलिस जांच में यह भी सामने आया है कि कार चालक चन्द्रसन बरेली निवासी ‘फहीम’ नामक व्यक्ति के लिए काम कर रहा था, जो इस नेटवर्क का एक महत्वपूर्ण हिस्सा माना जा रहा है। पुलिस ने थाना सुभाष प्लेस में एनडीपीएस अधिनियम की धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया है। फिलहाल पुलिस इस रैकेट के मुख्य सरगना और अन्य कड़ियों को जोड़ने के लिए छापेमारी कर रही है। पकड़े गए आरोपियों का पहले का कोई आपराधिक रिकॉर्ड नहीं मिला है, लेकिन उनके अंतरराष्ट्रीय या बड़े अंतर-राज्यीय सिंडिकेट से संबंधों की पड़ताल की जा रही है।

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