दिल्ली पुलिस ने वाहन काटने वाले गिरोह का किया भंडाफोड़; चोरी की कार के पुर्जों और ट्रक के साथ 3 गिरफ्तार

नई दिल्ली: दिल्ली पुलिस के पश्चिमी जिला की एएटीएस टीम ने चोरी की गाड़ियों को काटकर उनके पुर्जे बेचने वाले एक अंतरराज्यीय गिरोह का पर्दाफाश करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पकड़े गए आरोपियों की पहचान नूर आलम (28 वर्ष), शिवम (21 वर्ष) और गोविंद (25 वर्ष) के रूप में हुई है। पुलिस ने ईसापुर खेड़ा गांव स्थित एक गोदाम पर छापेमारी कर वहां से दिल्ली के प्रशांत विहार से चोरी हुई एक किया सॉने कार के कटे हुए हिस्से (छत, चेसिस और नंबर प्लेट), परिवहन में इस्तेमाल किया गया एक ट्रक और गाड़ी काटने वाले भारी औजार (हथौड़ा, छेनी, चाकू और कटर) बरामद किए हैं। आरोपियों ने प्रशांत विहार से चोरी की गई कार को महज कुछ ही घंटों में काटकर उसके कलपुर्जे अलग कर दिए थे।

पश्चिमी जिले के डीसीपी दराडे शरद भास्कर ने बताया कि 2 मार्च को एएटीएस टीम को ईसापुर खेड़ा स्थित एक गोदाम में चोरी की गाड़ियों को डिस्मेंटल करने की गुप्त सूचना मिली थी। सूचना के आधार पर एसीपी ऑपरेशंस विजय सिंह के मार्गदर्शन और एएटीएस प्रभारी इंस्पेक्टर मुकेश मीणा के नेतृत्व में एक विशेष छापेमारी टीम तैयार की गई। जब पुलिस टीम ने चिह्नित गोदाम पर छापा मारा, तो वहां तीनों आरोपी एक सफेद रंग की किया सॉनेट कार को काटते हुए रंगे हाथों पकड़े गए। मौके से गाड़ी की नंबर प्लेट और कटी हुई चेसिस प्लेट बरामद हुई, जिसकी जांच करने पर पता चला कि यह कार उसी दिन थाना प्रशांत विहार क्षेत्र से चोरी हुई थी।

पूछताछ के दौरान आरोपियों ने खुलासा किया कि वे चोरी के वाहनों को तुरंत काटकर उनके इंजन और अन्य कीमती हिस्सों को अलग कर देते थे ताकि उन्हें ट्रेस करना नामुमकिन हो जाए। इन हिस्सों को बाजार में बेचने के लिए वे बरामद किए गए ट्रक का इस्तेमाल करते थे। आरोपियों में शामिल नूर आलम दिल्ली के चाणक्य प्लेस का रहने वाला है, जबकि शिवम मायापुरी और गोविंद बिहार के सिवान का निवासी है। पुलिस ने प्रशांत विहार थाने में दर्ज ई-एफआईआर के तहत कार्रवाई करते हुए सभी बरामद सामानों को जब्त कर लिया है।

पुलिस अब इस गिरोह के मास्टरमाइंड और उन कबाड़ियों का पता लगाने में जुटी है जो इन कटे हुए पुर्जों को खरीदते थे। डीसीपी ने बताया कि इस गिरोह के पकड़े जाने से राजधानी में सक्रिय वाहन चोरों के नेटवर्क को बड़ा झटका लगा है। फिलहाल तीनों आरोपियों को जेल भेज दिया गया है और इस रैकेट में शामिल अन्य संभावित सदस्यों की तलाश के लिए आगे की जांच जारी है।

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