50 गोलियां बरसाने वाले हत्याकांड के आरोपी एनकाउंटर में धराए, हथियारों का जखीरा बरामद

नई दिल्ली: दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने पूर्वी दिल्ली के गाजीपुर पेपर मार्केट इलाके में देर रात एक एनकाउंटर किया, जिसमें जफराबाद थाने के डबल मर्डर केस के दो मुख्य फरार आरोपी असद अमीन और मोहम्मद दानिश को घायल अवस्था में गिरफ्तार कर लिया गया। आरोपियों ने पुलिस पार्टी पर अंधाधुंध फायरिंग की, जिसके जवाब में आत्मरक्षा में गोली चलानी पड़ी। इस गोलीबारी में दोनों आरोपी घायल हुए, जबकि क्राइम ब्रांच के दो जवानों को भी गोली लगी, लेकिन बुलेटप्रूफ जैकेट ने उन्हें गंभीर चोट से बचा लिया।

क्राइम ब्रांच के डीसीपी विक्रम सिंह ने बताया कि 16 दिसंबर 2025 को उत्तर-पूर्वी दिल्ली के जफराबाद इलाके में चौहान बांगर की गली में नदीम और उसके भाई फजील की बेरहमी से हत्या कर दी गई थी। हमलावरों ने करीब आधे घंटे तक पीड़ितों का इंतजार किया और जैसे ही दोनों भाई पहुंचे, उन पर लगभग 50 राउंड गोलियां बरसाईं। दोनों की मौके पर ही मौत हो गई। जांच में पता चला कि यह हत्या अवैध हथियारों के सौदे से जुड़े बदले की थी। स्पेशल सेल द्वारा गिरफ्तार किए गए हथियार सप्लायर सलीम पिस्तौल ने नदीम का नाम उगला था, जिसके बाद नदीम ने दानिश का नाम लिया। इसके बाद से दानिश फरार चल रहा था और उसने बदला लेने की योजना बनाई। हाशिम बाबा गैंग से जुड़े आरोपियों ने इस वारदात को अंजाम दिया।

क्राइम ब्रांच की ईस्टर्न रेंज-II टीम को लगातार खुफिया जानकारी मिल रही थी। 8 जनवरी 2026 को गुप्त सूचना मिली कि दोनों आरोपी गाजीपुर पेपर मार्केट क्षेत्र में दिखेंगे। इंस्पेक्टर सुनील कुंडू के नेतृत्व में टीम ने घेराबंदी की। पुलिस ने सरेंडर करने को कहा, लेकिन आरोपियों ने ताबड़तोड़ फायरिंग शुरू कर दी। जवाबी फायरिंग में असद अमीन (22) और मोहम्मद दानिश (34) घायल हो गए। दोनों को अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उनकी हालत स्थिर है।

डीसीपी विक्रम सिंह ने कहा कि घटनास्थल से तीन सोफिस्टिकेटेड पिस्टल, 11 जिंदा कारतूस, छह खाली खोखे और एक सुजुकी एक्सेस स्कूटी बरामद हुई, जो हत्याकांड में इस्तेमाल हुई थी। असद अमीन हाशिम बाबा गैंग का मुख्य शूटर है, जिस पर करीब पांच आपराधिक मामले दर्ज हैं, जिसमें 2024 का जीटीबी अस्पताल फायरिंग केस भी शामिल है। वहीं दानिश गैंग का हथियार सप्लायर है और दो मामलों में वांछित था। हाशिम बाबा गैंग के नेटवर्क को तोड़ने के लिए अभियान जारी है।

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