मिशन रीकनेक्ट 3.0 से नए साल का दिल्ली पुलिस ने दिया तोहफा, 500 मोबाइल फोन मालिकों को लौटाए

नई दिल्ली: दिल्ली पुलिस के आउटर नॉर्थ डिस्ट्रिक्ट ने “मिशन रीकनेक्ट 3.0 – योर फोन’स जर्नी बैक होम” अभियान के तहत बड़ी सफलता हासिल की। मात्र 25 दिनों में 500 खोए या चोरी हुए मोबाइल फोन ट्रेस कर उनके असली मालिकों को वापस सौंपे गए। उत्सव सदन, न्यू पुलिस लाइंस, किंग्सवे कैंप में आयोजित समारोह में साइबर जागरूकता कार्यक्रम भी रखा गया, जहां मालिकों को नए साल का तोहफा मिलने पर भावुक पल देखने को मिले।

आउटर नॉर्थ डिस्ट्रिक्ट के डीसीपी हरेश्वर स्वामी की अगुवाई में यह कार्यक्रम स्पेशल सीपी लॉ एंड ऑर्डर जोन-1 रविंदर यादव की प्रेरणा, एसीपी स्तर की निगरानी और दिल्ली पुलिस कमिश्नर सतीश गोलचा के समग्र मार्गदर्शन में आयोजित हुआ। मुख्य अतिथि नॉर्दर्न रेंज के जॉइंट सीपी विजय सिंह, आईपीएस रहे, जबकि कार्यक्रम की अध्यक्षता डीसीपी हरेश्वर स्वामी ने की। वरिष्ठ अधिकारी, पुलिसकर्मी, लाभार्थी और आमजन बड़ी संख्या में मौजूद रहे।

कार्यक्रम की शुरुआत साइबर जागरूकता सत्र से हुई, जिसमें साइबर फ्रॉड से बचाव, सुरक्षित डिजिटल प्रैक्टिस और शिकायत दर्ज करने के तरीकों पर जोर दिया गया। डीसीपी ने अपने संबोधन में जिले की साइबर क्राइम के खिलाफ निरंतर मुहिम पर प्रकाश डाला।

मिशन रीकनेक्ट 3.0 के तहत स्टेज पर जॉइंट सीपी विजय सिंह ने 40 मोबाइल फोन उनके असली मालिकों को सौंपे। कई मालिकों ने फोन वापस मिलने पर खुशी और भावुकता जाहिर की और स्टेज पर ही अपने अनुभव साझा किए। यह दृश्य दिल्ली पुलिस की जनकेंद्रित और तकनीक आधारित पुलिसिंग का प्रतीक बना।

समारोह में मिशन रीकनेक्ट की कोर टीमों को प्रशंसा पत्र दिए गए। छोतु राम पब्लिक स्कूल, बख्तावरपुर की नुक्कड़ नाटक टीम और साइबर जागरूकता पर व्याख्यान देने वाले बैंक अधिकारियों को भी सम्मानित किया गया। अपराध रोकथाम और पता लगाने में मदद करने वाले गुड समारिटन को भी प्रशंसा पत्र प्रदान किए गए।

जॉइंट सीपी विजय सिंह ने अपने संबोधन में इस पहल की सराहना की और डिजिटल युग में साइबर जागरूकता, जनता का विश्वास और सक्रिय पुलिसिंग के महत्व पर बल दिया।

यह अभियान डीसीपी हरेश्वर स्वामी की फ्लैगशिप पहल है। पिछले साल डीसीपी मेट्रो रहते हुए उन्होंने मिशन रीकनेक्ट शुरू किया था, जिसमें 30 दिनों में 450 फोन लौटाए गए थे। अब आउटर नॉर्थ में 25 दिनों में 500 फोन वापस कर नया कीर्तिमान बनाया गया है। इस मुहिम से हजारों नागरिकों को राहत मिली और पुलिस पर भरोसा और मजबूत हुआ।

पुलिस ने जनता को सलाह दी कि फोन खोने या चोरी होने पर तुरंत सीईआईआर पोर्टल और नजदीकी थाने में रिपोर्ट करें। अज्ञात कॉल्स पर ओटीपी, बैंक डिटेल्स या निजी जानकारी न शेयर करें। संदिग्ध लिंक, मैसेज या कॉल्स की जांच जरूर करें।

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