सफदरजंग अस्पताल में सेंसरी गार्डन का शुभारंभ, विशेष जरूरतों वाले बच्चों को मिलेगी नई उम्मीद

नई दिल्ली: वर्धमान महावीर मेडिकल कॉलेज (वीएमएमसी) एवं सफदरजंग अस्पताल ने मंगलवार को ‘उमंग वाटिका – सेंसरी गार्डन’ का उद्घाटन किया। उत्तर भारत के किसी सरकारी संस्थान में यह अपनी तरह का पहला सेंसरी गार्डन है, जो विशेष रूप से न्यूरोडेवलपमेंटल जरूरतों वाले बच्चों के लिए डिजाइन किया गया है। इस गार्डन का उद्देश्य बच्चों में सेंसरी स्टिमुलेशन, भावनात्मक कल्याण और समग्र विकास को बढ़ावा देना है।

अस्पताल के निदेशक डॉ. (प्रो.) संदीप बंसल ने गार्डन का उद्घाटन किया। इस अवसर पर मेडिकल सुपरिंटेंडेंट डॉ. चारु बंबा, वीएमएमसी की प्रिंसिपल डॉ. गीतिका खन्ना और बाल रोग विभाग के प्रमुख डॉ. प्रदीप देबता उपस्थित रहे। कार्यक्रम में सहायक मेडिकल सुपरिंटेंडेंट डॉ. रेखा तिरकी, डॉ. तिलक राज, डॉ. आरपी सैनी, डीडीए के श्री अशोक पाल, ओएनएस की श्रीमती कैलाश पाल, सीएसआर टीम और बाल न्यूरोलॉजी डिवीजन की इंचार्ज डॉ. रचना सहगल सहित फैकल्टी और स्टाफ मौजूद रहे।

उद्घाटन के मौके पर डॉ. संदीप बंसल ने कहा, “उमंग वाटिका का शुभारंभ वीएमएमसी एवं सफदरजंग अस्पताल के लिए गर्व और भावुक पल है। उत्तर भारत के सरकारी संस्थान में अपनी तरह का पहला सेंसरी गार्डन होने से यह हमारी समावेशी, करुणामय और बाल-केंद्रित स्वास्थ्य सेवाओं की प्रतिबद्धता को दर्शाता है। अस्पतालों को केवल शरीर ही नहीं, बल्कि बच्चों के भावनात्मक एवं मनोवैज्ञानिक कल्याण का भी ध्यान रखना चाहिए, खासकर न्यूरोडेवलपमेंटल चुनौतियों का सामना कर रहे बच्चों का।”

उन्होंने आगे कहा कि यह गार्डन सेंसरी इंटीग्रेशन, भावनात्मक नियंत्रण और समग्र विकास के लिए एक चिकित्सकीय एवं उत्तेजक वातावरण प्रदान करेगा। यह चिकित्सा उपचार और पुनर्वास को पूरक बनाएगा। डॉ. बंसल ने इसे सार्वजनिक-निजी साझेदारी का उत्कृष्ट उदाहरण बताया, जहां दृष्टि, विशेषज्ञता और संसाधन एक बड़े सामाजिक उद्देश्य के लिए एकजुट हुए हैं। उमंग वाटिका उम्मीद, देखभाल और करुणा का प्रतीक है। यह अस्पताल आने वाले बच्चों की थेरेपी, पुनर्वास और भावनात्मक नियंत्रण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

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