टेलीग्राम टास्क, जापान जॉब और डिजिटल अरेस्ट के नाम पर 11.01 लाख की ठगी, 9 आरोपी धराए

फरीदाबाद : साइबर अपराधियों के खिलाफ फरीदाबाद पुलिस ने जोरदार कार्रवाई को अंजाम दिया है। साइबर थाना सेंट्रल और NIT की टीमों ने टेलीग्राम टास्क, जापान में नौकरी और डिजिटल अरेस्ट के नाम पर की गई ठगियों के मामलों में कुल 9 आरोपियों को गिरफ्तार किया। इन ठगियों से पीड़ितों को कुल 11.01 लाख रुपये का नुकसान हुआ था। पुलिस ने खाताधारकों को पकड़कर मुख्य मास्टरमाइंड्स तक पहुंचने का दावा किया है, जबकि जांच जारी है।

टेलीग्राम टास्क के लालच में 5.75 लाख की ठगी

सेक्टर-29 की एक महिला ने फेसबुक पर बच्चों के फैशन शो का विज्ञापन देखा। ठगों ने संपर्क कर उसके बच्चे का बायोडाटा मांगा और फैशन शो में भाग लेने का लालच दिया। इसके बाद टेलीग्राम ऐप डाउनलोड करवाकर लाइक-शेयर टास्क के नाम पर 5,75,500 रुपये ऐंठ लिए, लेकिन कोई रिटर्न नहीं मिला। शिकायत पर साइबर थाना सेंट्रल में मामला दर्ज हुआ।

पुलिस ने राजस्थान के जयपुर से राकेश कुमार मीणा (30), हरदेव मीणा (40), आदित्य शर्मा (21) और अभिषेक शर्मा (26) को गिरफ्तार किया। पूछताछ में खुलासा हुआ कि राकेश का खाता मुख्य था, जिसमें 1.56 लाख आए। हरदेव ने खाता आगे दिया, जबकि आदित्य-अभिषेक ने पैसे USDT के जरिए मुख्य ठगों को ट्रांसफर कर दिए। अदालत ने राकेश को जेल भेजा, बाकी तीनों को 5 दिन का रिमांड लिया।

जापान जॉब के नाम पर 1.25 लाख की चपत

सेक्टर-82, ग्रेटर फरीदाबाद के एक युवक ने इटोचू कॉर्पोरेशन जापान में सीनियर फाइनेंस मैनेजर की नौकरी के लिए अप्लाई किया। ऑनलाइन इंटरव्यू के बाद ऑफर लेटर मिला, लेकिन डॉक्यूमेंट फॉर्मेलिटी के नाम पर IPA के लिए 38,800 रुपये और वीजा के लिए 86,780 रुपये मांगे गए। कुल 1,25,580 रुपये ऐंठे गए। जब 1.50 लाख येन अतिरिक्त मांगे गए, तो पीड़ित ने मना कर दिया और पैसे वापस नहीं मिले। साइबर थाना सेंट्रल में केस दर्ज।

उत्तर प्रदेश के बरेली से अमित गंगवार (27), लविश गंगवार (24), परवेन्द्र कुमार (29) और अशोक कुमार (23) पकड़े गए। लविश का खाता था, जिसमें 50,000 रुपये आए। अमित ने खाता परवेन्द्र को दिया, जो ATM से पैसे निकालकर अशोक को देता। अदालत ने लविश और अशोक को जेल भेजा, अमित व परवेन्द्र को 3 दिन का रिमांड मिला।

डिजिटल अरेस्ट का खौफ दिखाकर 5 लाख ऐंठे

NIT क्षेत्र के एक व्यक्ति को 17 नवंबर 2024 को फोन आया कि उसका आधार कार्ड गैरकानूनी कामों में इस्तेमाल हुआ। डिजिटल अरेस्ट का डर दिखाकर 24 घंटे बंधक बनाए रखा और केस हटाने के नाम पर 5 लाख रुपये ऐंठ लिए। साइबर थाना NIT में शिकायत पर मामला दर्ज।

राजस्थान के सुशील चौधरी (29) को गिरफ्तार किया, जो बिहार के मधुबनी में मार्बल गोदाम पर काम करता था और एमए पास है। पूछताछ में पता चला कि सुशील ने पहले खाताधारक मुकेश का खाता खुलवाया और ठगों को दिया, जिसमें 5 लाख आए। अदालत ने उसे 4 दिन का रिमांड सौंपा।

साइबर थाना सेंट्रल व NIT के प्रभारी पुलिस प्रवक्ता यशपाल ने बताया, “ये गिरफ्तारियां साइबर ठगियों के नेटवर्क को तोड़ने की दिशा में बड़ी सफलता हैं। मुख्य आरोपी अभी फरार हैं, लेकिन तकनीकी साक्ष्यों से उन्हें जल्द पकड़ा जाएगा। जनता से अपील है कि संदिग्ध कॉल्स पर सावधानी बरतें।” फरीदाबाद पुलिस साइबर जागरूकता अभियान तेज कर रही है।

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