भारत का सबसे पसंदीदा टूरिस्ट डेस्टिनेशन बना यूपी; 8 सालों में पर्यटकों की संख्या ढाई गुना बढ़ी, जानें कैसे मिली सफलता

राष्ट्रीय जजमेंट

लखनऊः विश्व पर्यटन के मानचित्र पर उत्तर प्रदेश पिछले कुछ वर्षों में न केवल देश बल्कि विदेशी पर्यटकों के लिए भी आकर्षण का मुख्य केंद्र बनता जा रहा है. घरेलू पर्यटन में साल 2022 से उत्तर प्रदेश लगातार देश के अन्य राज्यों की तुलना में यूपी लगातार 3 वर्षों से प्रथम स्थान पर है. यूपी सरकार ने पिछले 8 साल से पर्यटन को अपनी प्राथमिकता में रखा है. इसका परिणाम भी अब दिखने शुरू हो गये हैं.
देश-दुनिया के पर्यटकों को लुभा रहा यूपी: पर्यटन सुविधाओं में लगातार विकास और नवीन पर्यटन अनुभव विकसित करने का परिणाम है कि देश-दुनिया के पर्यटकों को यूपी लुभाने लगा है. बीते आठ सालों में 41 करोड़ से अधिक पर्यटकों की संख्या में वृद्धि दर्ज हुई है. साल 2017 में जहां लगभग 24 करोड़ पर्यटक आए थे, वहीं साल 2024 में लगभग 65 करोड़ पर्यटक पहुंचे. विदेशी पर्यटन में भी यह उपलब्धि हासिल करने के लिए पर्यटन विभाग लगातार प्रयास कर रहा है.12 मेगा पर्यटन सर्किट ने यूपी के पर्यटन को बढ़ाया: पिछले सालों में प्रदेश में 12 मेगा पर्यटन सर्किट विकसित किए गए हैं, जो एडवेंचर टूरिज्म से लेकर ऐतिहासिक, सांस्कृतिक, धार्मिक और प्राकृतिक धरोहरों को संजोए हुए है. बुंदेलखंड के किलों से लेकर थारू जनजातीय संस्कृति तक, नैमिषारण्य और श्रावस्ती जैसे स्थलों से लेकर दुधवा और विन्ध्य वन्यजीव अभयारण्यों तक हर सर्किट अपनी विशिष्टता के साथ पर्यटकों को आकर्षित कर रहा है.लगातार बुनियादी ढांचे और सुविधाओं के विकास हुआ है. इसका परिणाम है कि उत्तर प्रदेश भारत का सबसे पसंदीदा पर्यटन स्थल बन चुका है. पिछले 8 सालों में उत्तर प्रदेश में पर्यटकों की संख्या में ढाई गुना से अधिक की बढ़ोतरी देखने को मिल रही है.12 धार्मिक सर्किट के माध्यम से पर्यटन विकास से जोड़ा गया: उत्तर प्रदेश के पर्यटन मंत्री जयवीर सिंह ने बताया कि पिछले 8 सालों में उत्तर प्रदेश में परिवर्तन की बढ़ावा देने के लिए कई धार्मिक पर्यटन सर्किट्स के निर्माण का कार्य शुरू किया गया है. उत्तर प्रदेश घरेलू पर्यटन में सबसे आगे है. प्रदेश के पर्यटन आकर्षणों को 12 पर्यटन परिपथों (सर्किट) में बांटा गया है.इसमें रामायण सर्किट, कृष्ण-ब्रज सर्किट, बुद्धिस्ट सर्किट, महाभारत सर्किट, शक्तिपीठ सर्किट, आध्यात्मिक सर्किट, सूफी-कबीर सर्किट, जैन सर्किट, बुंदेलखंड सर्किट, वाइल्ड लाइफ और इको टूरिज्म सर्किट, क्राफ्ट सर्किट और स्वतंत्रता संग्राम सर्किट है. नीति के तहत पर्यटन सर्किट में उल्लिखित स्थलों के 20 किलोमीटर (हवाई दूरी) के भीतर की इकाइयां पूंजीगत अथवा ब्याज सब्सिडी के लिए पात्र होंगे. पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए उत्तर प्रदेश सरकार ने पर्यटन नीति-2025 के तहत निजी निवेशकों को आकर्षित करने के लिए कई रियायतें और प्रोत्साहन देने की घोषणा की है.इको-फ्रेंडली टूरिज्म को बढ़ावा: नीति के तहत होम स्टे, फार्म स्टे, पंजीकृत प्रतिष्ठान, रिसॉर्ट, थीम पार्क, कन्वेंशन सेंटर और इको-फ्रेंडली टूरिज्म प्रोजेक्ट्स को बढ़ावा दिया जा रहा है. इसके लिए सरकार कर में छूट, भूमि उपलब्ध कराना और अनुदान जैसी सुविधाएं भी मुहैया कराती है. इस नीति में पर्यटन से जुड़ी 22 विभिन्न गतिविधियों को शामिल किया गया है, ताकि निवेश के नए अवसर खुल सकें. इसी तरह उत्तर प्रदेश में भगवान बुद्ध से जुड़े प्रमुख स्थलों की धरती है.

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