दक्षिण दिल्ली सांसद बिधूड़ी की मांग: यूईआर-2 के लिए जमीन देने वाले गांवों को मिले टोल फ्री सुविधा

नई दिल्ली: दक्षिण दिल्ली से भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के सांसद रामवीर सिंह बिधूड़ी ने केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी से दिल्ली के अर्बन एक्सटेंशन रोड-2 (यूईआर-2) के निर्माण में अपनी जमीन देने वाले गांवों के निजी वाहनों के लिए टोल फ्री सुविधा प्रदान करने की मांग की है। मंगलवार को नई दिल्ली में केंद्रीय मंत्री को दिल्ली देहात की ओर से एक ज्ञापन सौंपते हुए बिधूड़ी ने यह मांग उठाई, जिसका उद्देश्य दिल्ली के ग्रामीण क्षेत्रों के किसानों को राहत देना है।

बिधूड़ी ने केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी को धन्यवाद देते हुए कहा कि यूईआर-2, जिसे तीसरे रिंग रोड के रूप में जाना जाता है, दिल्ली में प्रदूषण और ट्रैफिक जाम की समस्या से निजात दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। यह विश्वस्तरीय हाईवे न केवल दिल्लीवासियों के लिए, बल्कि आसपास के राज्यों के लोगों के लिए भी आवागमन को सुगम बना रहा है। इस सड़क ने दिल्ली की यातायात व्यवस्था को नई दिशा दी है।

ज्ञापन में बिधूड़ी ने बताया कि यूईआर-2 के निर्माण के लिए वर्ष 2002 में तत्कालीन कांग्रेस सरकार ने दिल्ली देहात के किसानों की जमीन अधिग्रहित की थी। अलीपुर से महिपालपुर तक के गांवों की जमीन को कौड़ियों के दाम, यानी मात्र 13.60 लाख रुपये प्रति एकड़ के हिसाब से लिया गया, जो उस समय के बाजार मूल्य से काफी कम था। इस अधिग्रहण से प्रभावित किसानों को उचित मुआवजा नहीं मिला, जिसके चलते उन्हें आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा।

टोल फ्री की मांग

बिधूड़ी ने केंद्रीय मंत्री से आग्रह किया कि जिन गांवों की जमीन इस परियोजना के लिए अधिग्रहित की गई थी, वहां के निवासियों के निजी वाहनों को टोल टैक्स से छूट दी जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह सुविधा केवल निजी वाहनों के लिए होनी चाहिए, ताकि प्रभावित गांवों के लोगों को उनकी जमीन के बलिदान का कुछ लाभ मिल सके।

रामवीर सिंह बिधूड़ी ने कहा, “दिल्ली के किसानों ने शहर के विकास के लिए अपनी जमीन दी, लेकिन उन्हें उचित मुआवजा नहीं मिला। यूईआर-2 के निर्माण से दिल्ली को तो लाभ हुआ, लेकिन उन गांवों के लोगों को भी कुछ राहत मिलनी चाहिए जिन्होंने इसके लिए अपनी जमीन का त्याग किया। टोल फ्री सुविधा उनकी इस कुर्बानी का सम्मान होगा।”

केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने बिधूड़ी की मांग पर सकारात्मक रुख दिखाया और इस प्रस्ताव पर विचार करने का आश्वासन दिया है।

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