एनडीएमसी के एकीकृत कमांड एवं नियंत्रण केंद्र का उपराज्यपाल ने किया दौरा, हीट वेव से निपटने की तैयारियों की समीक्षा

नई दिल्ली: दिल्ली के माननीय उपराज्यपाल तरनजीत सिंह संधू ने मंगलवार को नई दिल्ली नगरपालिका परिषद (एनडीएमसी) के पालिका केंद्र स्थित एकीकृत कमांड एवं नियंत्रण केंद्र का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने स्मार्ट गवर्नेंस की सुविधाओं का जायजा लेने के साथ ही भीषण गर्मी और ‘हीट वेव’ (लू) से निपटने के लिए एनडीएमसी द्वारा किए गए प्रबंधों की विस्तृत समीक्षा की। इस दौरे पर उनके साथ नई दिल्ली की सांसद बांसुरी स्वराज, एनडीएमसी अध्यक्ष केशव चंद्रा, उपाध्यक्ष कुलजीत सिंह चहल सहित परिषद के अन्य सदस्य और वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।

कमांड सेंटर की कार्यप्रणाली की सराहना करते हुए उपराज्यपाल ने कहा कि एनडीएमसी न केवल राजधानी, बल्कि पूरे देश के लिए शहरी शासन का एक उत्कृष्ट मॉडल है। उन्होंने कहा कि विकसित भारत के सपने को साकार करने में दिल्ली की भूमिका महत्वपूर्ण है और एनडीएमसी को नवाचार व सतत विकास में अग्रणी बने रहना चाहिए। उपराज्यपाल ने आने वाले मानसून सत्र को देखते हुए अभी से जलभराव जैसी समस्याओं के समाधान के लिए अग्रिम तैयारियां शुरू करने के निर्देश भी दिए। वहीं, सांसद बांसुरी स्वराज ने कहा कि उपराज्यपाल का यह दौरा नागरिकों के कल्याण के प्रति उनकी संवेदनशीलता को दर्शाता है।

एनडीएमसी के अध्यक्ष केशव चंद्रा ने बताया कि सितंबर 2020 में स्मार्ट सिटी मिशन के तहत शुरू हुआ यह कमांड सेंटर अब एनडीएमसी का ‘डिजिटल मस्तिष्क’ बन चुका है। उपाध्यक्ष कुलजीत सिंह चहल ने कहा कि यह केंद्र ‘सिंगल पेन ऑफ ग्लास’ दृष्टिकोण पर आधारित है, जहां सीसीटीवी, वायु गुणवत्ता सेंसर, स्मार्ट स्ट्रीट लाइट और कचरा प्रबंधन जैसे 49 से अधिक नागरिक सेवाओं का डेटा रियल-टाइम में मॉनिटर किया जाता है। इसके जरिए न केवल सार्वजनिक सुरक्षा बढ़ी है, बल्कि डेटा-आधारित त्वरित निर्णय लेना भी संभव हुआ है।

‘हीट वेव’ प्रबंधन पर विशेष जोर देते हुए सचिव राहुल सिंह ने बताया कि परिषद ने महिलाओं, बच्चों, बुजुर्गों और फील्ड में काम करने वाले श्रमिकों की सुरक्षा के लिए व्यापक कार्य योजना तैयार की है। एनडीएमसी के स्कूलों, अस्पतालों और पार्कों में पीने के पानी की उपलब्धता की लगातार निगरानी की जा रही है और किसी भी आपात स्थिति के लिए समर्पित चिकित्सक तैनात किए गए हैं। इसके अतिरिक्त, फील्ड स्टाफ को ओआरएस पैकेट, सुरक्षित पेयजल और सुरक्षात्मक उपकरण उपलब्ध कराने के साथ-साथ उनके कार्य समय में भी बदलाव किया गया है। सोशल मीडिया और अन्य माध्यमों से लू से बचाव के लिए जन-जागरूकता अभियान भी चलाए जा रहे हैं।

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