नमो भारत की साइबर सुरक्षा को स्वर्ण सम्मान: एनसीआरटीसी ने जीता ई-गवर्नेंस 2025 पुरस्कार

नई दिल्ली: नेशनल कॉन्फ्रेंस ऑन ई-गवर्नेंस 2025 में नेशनल कैपिटल रीजन ट्रांसपोर्ट कॉरपोरेशन (एनसीआरटीसी) ने साइबर सुरक्षा के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान के लिए स्वर्ण पुरस्कार हासिल किया है। यह सम्मान नमो भारत परियोजना में मजबूत साइबर और डिजिटल सुरक्षा व्यवस्था के लिए प्रदान किया गया। आंध्र प्रदेश के विशाखापट्टनम में आयोजित 28वें राष्ट्रीय ई-गवर्नेंस सम्मेलन में केंद्रीय विज्ञान और प्रौद्योगिकी राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) डॉ. जितेंद्र सिंह ने एनसीआरटीसी को स्वर्ण पुरस्कार और 10 लाख रुपये की पुरस्कार राशि प्रदान की।

साइबर सुरक्षा में अग्रणी प्रयास

“साइबर सिक्योरिटी में सर्वश्रेष्ठ ई-गवर्नेंस अभ्यास/नवाचार” श्रेणी में यह पुरस्कार नमो भारत परियोजना के तहत साइबर हमलों से बचाव और डिजिटल विश्वसनीयता सुनिश्चित करने के लिए एनसीआरटीसी के अभूतपूर्व कदमों की मान्यता है। आज के डिजिटल युग में, जब टिकटिंग, मोबाइल ऐप्स, सिग्नलिंग, स्काडा (SCADA), रोलिंग स्टॉक नियंत्रण और एलटीई (LTE) संचार नेटवर्क जैसी सेवाएं इंटरनेट से जुड़ी हैं, साइबर हमलों का खतरा बढ़ गया है। एनसीआरटीसी ने शुरुआत से ही मजबूत साइबर सुरक्षा ढांचा तैयार किया, जिससे न केवल यात्रियों का सफर तेज और सुविधाजनक रहा, बल्कि उनकी सुरक्षा और सिस्टम की विश्वसनीयता भी सुनिश्चित हुई।

क्या है नमो भारत की साइबर सुरक्षा रणनीति?  

एनसीआरटीसी ने नमो भारत परियोजना में साइबर सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए कई नवाचारी कदम उठाए। चरणबद्ध कार्यान्वयन, इन्फॉर्मेशन टेक्नोलॉजी (आईटी) और ऑपरेशनल टेक्नोलॉजी (ओटी) नेटवर्क का पृथक्करण, सख्त एक्सेस कंट्रोल, निरंतर निगरानी और यूनिडायरेक्शनल गेटवे जैसे उपायों ने एक सुरक्षित डिजिटल वातावरण बनाया। यह सुनिश्चित करता है कि ट्रेन संचालन सुरक्षित रहे, टिकटिंग प्रक्रिया सहज हो और यात्रियों को भरोसेमंद जानकारी मिले।

दिल्ली-मेरठ कॉरिडोर: तकनीक और सुरक्षा का संगम

नमो भारत, भारत का पहला रीजनल रेल कॉरिडोर है, जो दिल्ली, गाजियाबाद और मेरठ को जोड़ता है। इस परियोजना में अत्याधुनिक तकनीकों का उपयोग किया गया है, जिसमें एलटीई कम्युनिकेशन बैकबोन पर आधारित ईटीसीएस (यूरोपियन ट्रेन कंट्रोल सिस्टम) हाइब्रिड लेवल-3 सिग्नलिंग शामिल है, जो दुनिया में पहली बार लागू की गई है। इसके अलावा, कम रखरखाव और लंबे समय तक चलने वाली बलास्टलेस प्रीकास्ट स्लैब ट्रैक टेक्नोलॉजी का उपयोग भी इस परियोजना को खास बनाता है। ये तकनीकें न केवल तेज कनेक्टिविटी प्रदान करती हैं, बल्कि मजबूत डिजिटल सुरक्षा और बुनियादी ढांचे की विश्वसनीयता भी सुनिश्चित करती हैं।

यात्रियों के लिए सुरक्षित और आरामदायक अनुभव

एनसीआरटीसी ने यात्रियों को केंद्र में रखते हुए तकनीकी नवाचार और सुरक्षा के बीच संतुलन बनाया है। चाहे वह तेज टिकटिंग प्रक्रिया हो या ट्रेन संचालन की विश्वसनीयता, एनसीआरटीसी ने हर पहलू में उत्कृष्टता हासिल की है। इस पुरस्कार ने न केवल एनसीआरटीसी की प्रतिबद्धता को रेखांकित किया, बल्कि सार्वजनिक परिवहन में साइबर सुरक्षा के नए मानक भी स्थापित किए।

भविष्य के लिए मील का पत्थर

यह स्वर्ण पुरस्कार एनसीआरटीसी के लिए एक बड़ी उपलब्धि है, जो यह दर्शाता है कि अत्याधुनिक तकनीक, मजबूत साइबर सुरक्षा और विश्वस्तरीय बुनियादी ढांचा मिलकर यात्रियों को सुरक्षित और आरामदायक यात्रा अनुभव प्रदान कर सकते हैं। यह उपलब्धि भविष्य में क्षेत्रीय गतिशीलता के लिए एक मजबूत आधार तैयार करती है, जहां सुरक्षा और तकनीक एक साथ मिलकर नए कीर्तिमान स्थापित करेंगे।

पुरस्कार प्रदान करते हुए डॉ. जितेंद्र सिंह ने एनसीआरटीसी की इस उपलब्धि की सराहना की। उन्होंने कहा कि नमो भारत परियोजना न केवल भारत के सार्वजनिक परिवहन को नई दिशा दे रही है, बल्कि साइबर सुरक्षा के क्षेत्र में भी एक मिसाल कायम कर रही है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि डिजिटल युग में ऐसी पहल देश के बुनियादी ढांचे को और मजबूत करेंगी।

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