बदरपुर में सनसनीखेज ब्लाइंड मर्डर-कम-लूट का चंद घंटों में खुलासा, तीनों आरोपी गिरफ्तार

नई दिल्ली : दक्षिण-पूर्वी दिल्ली के बदरपुर इलाके में हुए सनसनीखेज ब्लाइंड मर्डर और लूट की वारदात को दिल्ली पुलिस की ऑपरेशंस की संयुक्त टीम ने मात्र बहत्तर घंटों में सुलझा लिया। इस जघन्य अपराध में शामिल तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है, साथ ही हत्या में प्रयुक्त चाकू, लूटा गया मोबाइल फोन और वारदात में इस्तेमाल स्कूटी भी बरामद कर ली गई है। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान मोलारबंद गांव निवासी 21 वर्षीय हिमांशु, बिजनौर निवासी 20 वर्षीय मोहसिन उर्फ नूर और बदरपुर निवासी 18 वर्षीय दीपक सूर्यवंशी के रूप में हुई हैं। जांच के दौरान पुलिस ने हजार से अधिक सीसीटीवी फुटेज का विश्लेषण किया, जिसने इस मामले को सुलझाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

दक्षिण-पूर्वी दिल्ली के अतिरिक्त उपायुक्त पुलिस ऐश्वर्या शर्मा ने बताया कि 26 जुलाई को सुबह 5:51 बजे, बदरपुर पुलिस स्टेशन को सूचना मिली कि बदरपुर बस स्टैंड के पास फ्लाईओवर के नीचे एक व्यक्ति अचेत अवस्था में पड़ा है, जिसके सिर के पिछले हिस्से से खून बह रहा है। पुलिस की ईआरवी-63 टीम ने तुरंत घायल को एम्स ट्रॉमा सेंटर पहुंचाया, जहां उसे मृत घोषित कर दिया गया। प्रारंभिक जांच में पाया गया कि मृतक के सीने पर चाकू से गहरा घाव था और उसका मोबाइल फोन गायब था। घटनास्थल पर कोई प्रत्यक्षदर्शी नहीं मिला।

पुलिस ने तत्काल क्राइम और फोरेंसिक टीम को बुलाया, जिन्होंने पिलर नंबर 30 के पास फुटपाथ और एमसीडी लेन पर खून के धब्बे देखे। सघन जांच के बाद मृतक की पहचान 25 वर्षीय मकबूल अकरम निवासी मिठापुर एक्सटेंशन, मूल निवास पश्चिम चंपारण, बिहार के रूप में हुई। भारतीय न्याय संहिता की धारा 103(1) के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई।

इस मामले को सुलझाने के लिए एसीपी ऑपरेशंस दलीप सिंह की देखरेख में जिले की एएनएस, एसटीएफ, एएटीएस और स्पेशल स्टाफ की संयुक्त टीम गठित की गई। जांच के दौरान दिल्ली और हरियाणा के एक हजार से अधिक सीसीटीवी कैमरों की फुटेज का विश्लेषण किया गया। इसके अलावा, स्थानीय और आसपास के पुलिस स्टेशनों के सैकड़ों हिस्ट्री-शीटरों से पूछताछ की गई।

स्पेशल स्टाफ की टीम ने एक निजी सीसीटीवी फुटेज में संदिग्ध स्कूटी सवार को पीड़ित की रेकी करते हुए देखा। फुटेज में एक हल्के रंग के कपड़े पहने व्यक्ति को पीड़ित के पास जाते और हाथापाई के बाद फरार होते देखा गया। स्कूटी को जैतपुर से इस्माइलपुर बॉर्डर, फरीदाबाद तक ट्रैक किया गया। संदिग्धों ने जानबूझकर छोटी गलियों का उपयोग कर जांच को भटकाने की कोशिश की थी।

हवलदार कुलदीप और मोहित (एएनएस) ने अर्पण विहार में एक स्पष्ट सीसीटीवी फुटेज प्राप्त की, जिसमें संदिग्धों के चेहरे दिखाई दिए। स्थानीय खुफिया जानकारी के आधार पर, एक आरोपी मोहसिन उर्फ नूर की पहचान की गई, जो हरियाणा के बसंतपुर में एक ओयो होटल में कार्यरत था। उसे होटल से गिरफ्तार किया गया, जिसके बाद उसके दो सह-आरोपियों, दीपक और हिमांशु, को मोलारबंद गांव से पकड़ा गया।

पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि मोहसिन उर्फ नूर, जो पिछले 8 महीनों से होटल में काम कर रहा था, ने दीपक और हिमांशु के साथ दोस्ती की थी। दोनों ड्रग्स के आदी थे और पिछले कुछ दिनों से होटल में एक साथ रह रहे थे। 25-26 जुलाई की रात को उन्होंने लूट की योजना बनाई और नूर की स्कूटी पर बदरपुर बस टर्मिनल पहुंचे। वहां उन्होंने मकबूल अकरम को मोबाइल फोन पर व्यस्त देखा। दीपक और हिमांशु ने उसका फोन छीना और हिमांशु ने दीपक के कहने पर उसे चाकू मार दिया। इसके बाद तीनों मौके से फरार हो गए। आरोपी हिमांशु पहले 6 आपराधिक मामलों में संलिप्त रहा है।

अतिरिक्त उपायुक्त पुलिस ऐश्वर्या शर्मा ने कहा, “यह पुलिस की मेहनत और तकनीकी दक्षता का परिणाम है कि हम इस सनसनीखेज मामले को 72 घंटे में सुलझाने में सफल रहे। इस मामले को सुलझाने में स्पेशल स्टाफ के एसआई मुनेश, हवलदार दीपराम, सिपाही सतवीर और एएनएस के हवलदार कुलदीप व मोहित के अथक प्रयास सराहनीय हैं। उनकी तकनीकी और फील्ड-लेवल जांच ने इस जटिल मामले को रिकॉर्ड समय में सुलझाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।

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