एक ही पेड़ मे प्रेमी जोड़े ने लगाई फांसी,म०प्र० की प्रमुख खबरें एक नजर में

सिंगरौली। जिले के गढ़वा थाना के फुटहड़वा गांव में प्रेमी प्रेमिका ने बीती रात एक साथ फांसी के फंदे पर झूलकर आत्महत्या कर ली। प्रेमी संतोष कुमार वैश्य और प्रेमिका सीमा देवी ने एक ही पेड़ पर फांसी का फंदा बनाकर झूल गये जिससे दोनों की मौत हो गई। प्रेमी प्रेमिका एक ही गांव के बताये जा रहे है,
आज सुबह प्रेमी जोड़े को फांसी पर लटकता देख ग्रामीणों ने पुलिस को सूचना दी। बगदरा चौकी पुलिस घटनास्थल पर पहुंचकर दोनो शवों का पंचनामा कार्यवाही कर शव को पीएम के लिऐ भेज दिया गया है।मिली जानकारी के अनुसार प्रेमी युगल एक ही गांव के रहने वाले हैं

जो एक दूसरे से प्रेम करते थे आज सुबह पेड़ में लटकते प्रेमी युगल के शव को देखकर गांव में सनसनी फैल गई है। मौके पर पहुंची पुलिस हर बिंदु पर जांच कर रही है। गढ़वा पुलिस का कहना है कि प्रेमी युगल ने फांसी लगाकर आत्महत्या क्यों की इसकी जानकारी अभी स्पष्ट नहीं हो पायी है

2-नगर पालिका और नगर पंचायतों में हुई भर्ती में अनियमितताओं की रिपोर्ट तलब

उमरिया। शहडोल संभाग के कमिश्नर राजीव शर्मा ने संभाग के विभिन्न नगरपालिकाओं एवं नगर पंचायतों में कर्मचारियों की भर्ती संबंधी की गई अनियमितताओं की रिपोर्ट संयुक्त संचालक नगरीय प्रशासन से तलब की है, साथ दोषी अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्यवाही करने के निर्देश दिये हैं।

कमिश्नर ने शर्मा ने संयुक्त संचालक नगरीय प्रशासन कबूल खान को बुधवार को आयोजित कलेक्टर कॉफ्रेंस में निर्देश दिए हैं कि वे शहडोल संभाग के जिन नगरपालिकाओं एवं नगर पंचायतों में कर्मचारियों की भर्ती अनियमितताएं की गई है इसकी विस्तृत जांच रिपोर्ट प्रस्तुत करें तथा जिन अधिकारियों ने भर्तीयों में अनियमितताएं की है, उनके विरुद्ध सख्त कार्यवाही करना सुनिश्चित करें।

3-हजार पुलिसकर्मी और 35 डॉक्टर्स की मौजूदगी में जमकर बरसे पत्थर, 400 लोग घायल, दो की हालत गंभीर

छिंदवाड़ा। जिले में वार्षिक गोटमार मेले के दौरान 400 से अधिक लोग घायल हो गए। इनमें दो लोग गंभीर रूप से घायल हैं। इस मेले में हर साल जाम नदी के तट पर सदियों पुरानी परंपरा के तहत दो गांव के लोग एक दूसरे पर पथराव करते हैं। अधिकारियों ने बताया कि जिले के पांढुर्ना कस्बे के पास इस वार्षिक पथराव मेले के लिए 1000 से अधिक पुलिसकर्मियों और 35 डॉक्टरों के एक दल को तैनात किया गया था।

यहां ड्रोन कैमरों की माध्यम से भी स्थिति की निगरानी की गई थी। जिले के मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी  डॉ जीसी चौरसिया ने कहा कि मंगलवार को गोटमार मेले के दौरान 400 से अधिक लोग घायल हो गए। इनमें ज्यादातर नाबालिग हैं जबकि दो गंभीर रूप से घायलों को बेहतर उपचार के लिए नागपुर भेजा गया है। जिला कलेक्टर  ने दावा किया कि पिछले वर्ष की तुलना में कम लोग घायल हुए। सुमन ने लोगों से अपील की है कि समय के साथ इस मेले को प्रतीकात्मक तरीके से ही आयोजित करें। छिंदवाड़ा के एसपी विवेक अग्रवाल ने कहा कि मेले के दौरान कोरोना वायरस संक्रमण की रोकथाम के सभी दिशा निर्देशों का पालन किया गया।

4-बढ़ते साइबर अपराध को रोकने के लिए अपराधियों का डाटा प्रदेश के साथ दूसरे स्टेट की पुलिस से शेयर किया जाएगा

भोपाल। मध्यप्रदेश में पहली बार साइबर अपराधियों की डिटेल जानकारी के साथ सूची तैयार की जा रही है. इसकी शुरुआत राजधानी भोपाल से की गई. साइबर अपराधियों का डाटा प्रदेश के साथ दूसरे स्टेट की पुलिस से शेयर किया जाएगा. यह सब हर दिन बदल रहे साइबर क्राइम के ट्रेंड को देखते हुए किया जा रहा है. इससे साइबर अपराधों को डिटेक्ट करने में पुलिस को मदद मिलेगी और अपराधियों की जानकारी भी एक क्लिक पर आसानी से मिल सकेगी.

साइबर एडिशनल एसपी अंकित जायसवाल ने बताया कि साइबर अपराधियों का पूरा डेटाबेस तैयार हो रहा है. इससे भविष्य में साइबर अपराध होने पर उस अपराध का ट्रेंड देखकर अपराधियों तक पहुंचने में आसानी होगी.

पिछले दो माह में साइबर पुलिस ने करीब 130 साइबर अपराधियों को मध्यप्रदेश समेत अन्य राज्यों से पकड़ा है. इस डेटाबेस को अन्य राज्यों की पुलिस से भी शेयर किया जाएगा. इस तरह के अपराधियों पर नजर रखी जाएगी. एक क्लिक पर पुलिस को साइबर अपराध और उससे जुड़े अपराधी की जानकारी मिल जाएगी. इस डाटा को पुलिस के हर ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर भी साझा किया जाएगा.

5-भोपाल के किसान ने उगाई लाल भिंडी

भोपाल ।यूं तो आपने भिंडी की सब्जी बहुत खाई होगी, लेकिन क्या कभी आपने लाल भिंडी खाई है। अगर नहीं और आप प्रदेश की राजधानी भोपाल में रहते हैं तो बहुत जल्द आपको ये भिंडी खाने को मिल सकेगी। भोपाल के खजूरी कलां गांव में मिश्रीलाल इसकी खेती कर रहे हैं। मिश्रीलाल का दावा है कि वे इस भिंडी का उत्पादन करने वाले प्रदेश के पहले किसान हैं।

मिश्रीलाल ने बताया कि वे कुछ समय पहले बनारस के इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ वेजिटेबल रिसर्च सेंटर में गए थे। यहां लाल भिंडी की जानकारी मिली। खेती का सही तरीका सीखने के बाद एक किलो बीज लाकर जुलाई के पहले सप्ताह में इसे करीब 17 हजार स्क्वायर फीट जमीन में लगाया। अब फसल तैयार हो चुकी है।

मिश्रीलाल बताते हैं कि एक एकड़ जमीन पर कम से कम 40-50 क्विंटल और अधिकतम 70-80 क्विंटल इस भिंडी की पैदावार की जा सकती है। एक पौधे में 50 से अधिक भिंडी लगती हैं। इस भिंडी की खासियत ये भी है कि इसमें रेशे नहीं पाए जाते हैं। साथ ही इसमें कीड़े भी नहीं लगते।
आम भिंडी से 10 गुना महंगी है

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