उत्तर प्रदेश – लखीमपुर खीरी : तहसील पलिया कला में नही रुक रहा अवैध खनन का कारोबार

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पलियाकला लखीमपुर खीरी।
उत्तर प्रदेश के जिला लखीमपुर खीरी के तहसील पलिया कला में नही रुक रहा अवैध खनन का कारोबार कोविड19में भिखारी बने खनन गैंग ने फिर किया श्रीगणेश पूर्व में भी एक अफसर इन खनन माफियाओं की चढ़ चुका है भेंट खनन में लिप्त धड़धड़ाती ट्रेक्टर ट्रालियों से पहले भी हो चुके हैं कई हादसे
व जानकारी के अनुसार यह तथाकथित खनन माफिया कुछ दलाली में लिप्त सत्ता पक्ष सफेद पोशों के संरक्षण में बालू खनन को अंजाम देने में लगे हैं सू
त्रों के मुताबिक कोविड19के चलते विगत कई माह से बंद पड़े इस काले कारोबार को नया आयाम देने के लिए नगर में भूमाफियाओं तस्करों खनन माफियाओं ने गैंग बनाकर एक बार फिर से इस घिनौने बालू खनन जैसे काले कारोबार का श्रीगणेश किया है।जिसमे क्षेत्र के कुछ भावी शिरमौर (सफेद पोश)की संलिप्तता भी बयां करती नजर आती है।
गौरतलब है कि बीते कुछ माह पूर्व ही इस घिनौने खनन के कारोबार में एक डीएसपी राजनीति की भेंट चढ़ चुका है।
पूरा मामला यह है कि नगर में कई बर्षो से सफेद पोश खनन माफिया भूमाफिया तस्कर आपसी मिलीभगत से बड़े पैमाने पर जोशो खरोशों के साथ खनन के काम को अंजाम देकर लाखो के वारे न्यारे करने में लगे हुए थे।इसी बीच पिछले बर्ष निघासन से ट्रांसफर होकर आये एक ईमानदार छवि वाले डीएसपी ने जब इनके अवैध काम को बंद कराने का बीड़ा उठाया तो माफियाओं के समूचे गैंग में खलबली मच गई।
बात जब दलाली में लिप्त खद्दरधारी तक पहुची तो उक्त खद्दरधारी ने अपना पूरा पावर लगा कर ईमानदार सीओ का ट्रांसफर करवा दिया जब इस घोर अन्याय की सूचना नगर की जनता को मिली तो जनता सीओ के ऊपर हुए घोर अन्याय को लेकर सड़को पर उतर आई जिसके बाद घवराये नेता जी ने खनन ही बंद करवा दिया था।इधर कोरोना के चलते भिखारी बने खनन गैंग व सत्ताधारी ने ठंडे माहौल को देखते हुए एक वार फिर से श्रीगणेश कर अपने अवैध काम को अंजाम देना शुरू कर दिया है।
देखना यह है कि योगी सरकार के कर्तव्यनिष्ठ अधिकारी इस काले काम को रोक पाते हैं या नही या पहले रहे अफसरो की भांति भ्रष्टाचार में लिप्त होकर आंखों पर गुलाबी नोटो की पट्टी चढ़ाए बैठे रहेंगे।
रिपोर्ट- ऋषिकांत लखीमपुर

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