पुलिस ने शातिर झपटमार और रिसीवर को दबोचा; तीन मोबाइल बरामद

नई दिल्ली: दिल्ली के उत्तरी जिले की सिविल लाइंस थाना पुलिस के अंतर्गत आने वाली मजनू का टीला पुलिस चौकी टीम ने स्ट्रीट क्राइम और झपटमारी की वारदातों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत एक बड़ी सफलता हासिल की है। पुलिस टीम ने मुस्तैदी और पेशेवर तफ्तीश का परिचय देते हुए एक बेहद शातिर झपटमार और चोरी के मोबाइल खरीदने वाले एक रिसीवर को गिरफ्तार किया है।

गिरफ्तार मुख्य आरोपी की पहचान नवीन कुमार (36) निवासी सोनिया विहार, दिल्ली के रूप में हुई है। वहीं चोरी के मोबाइल खरीदने वाले रिसीवर की पहचान सनी (30) निवासी पुश्ता-3, सोनिया विहार, दिल्ली के रूप में की गई है। पुलिस टीम ने आरोपियों के कब्जे और निशानदेही से विभिन्न इलाकों से छीने गए 3 मोबाइल फोन और वारदात में इस्तेमाल की गई चोरी की एक टीवीएस रेडियॉन मोटरसाइकिल बरामद की है। इस प्रभावी कार्रवाई से पुलिस ने सिविल लाइंस, भजनपुरा, सोनिया विहार और क्राइम ब्रांच में दर्ज झपटमारी व वाहन चोरी के 4 मामलों का सफल खुलासा किया है।

उत्तरी जिले के डीसीपी राजा बंठिया ने बताया कि 16 मई को तिमारपुर निवासी महिला ने सिविल लाइंस थाने में शिकायत दर्ज कराई थी। पीड़िता ने बताया कि वह अपने दोस्तों के साथ ई-रिक्शा से यात्रा कर रही थी। दोपहर करीब 03:30 बजे जब वे खैबर पास रेड लाइट के पास पहुंचे, तभी काले रंग की मोटरसाइकिल पर सवार एक अज्ञात व्यक्ति पीछे से आया और उनके पॉकेट से कीमती वीवो वी-50 मोबाइल फोन झपटकर मजनू का टीला की तरफ फरार हो गया। पीड़िता की शिकायत पर सिविल लाइंस थाने में बीएनएस की धारा 304(2) के तहत एफआईआर दर्ज कर तफ्तीश शुरू की गई।

मामले की गंभीरता को देखते हुए सिविल लाइंस सब-डिवाइजन के एसीपी राजेंद्र प्रसाद के मार्गदर्शन और सिविल लाइंस के एसएचओ इंस्पेक्टर हनुमंत सिंह के पर्यवेक्षण में मजनू का टीला चौकी प्रभारी सब-इंस्पेक्टर आकाशदीप के नेतृत्व में एक विशेष टीम का गठन किया गया, जिसमें सब-इंस्पेक्टर प्रिंस गौतम, हेड कांस्टेबल रणबीर नैन, विवेक, कांस्टेबल सीताराम और जितेश शामिल थे।

जांच टीम ने घटनास्थल और उसके आसपास के रास्तों पर लगे दर्जनों सीसीटीवी कैमरों की फुटेज को खंगाला। फुटेज के बारीक विश्लेषण के दौरान पुलिस ने देखा कि आरोपी वारदात के बाद वजीराबाद पुल के रास्ते ट्रांस-यमुना की तरफ भागा है। सीसीटीवी ट्रेल का पीछा करते हुए पुलिस टीम सोनिया विहार इलाके तक पहुंच गई। कड़ी मशक्कत के बाद पुलिस को एक कैमरे से बिना हेलमेट वाले आरोपी की स्पष्ट तस्वीर मिल गई। इस तस्वीर को स्थानीय मुखबिरों और खुफिया तंत्र के साथ साझा किया गया, जिसकी मदद से संदिग्ध की पहचान सोनिया विहार निवासी नवीन कुमार के रूप में हुई। पुलिस ने उसके घर पर छापेमारी की, लेकिन वह फरार मिला। इसके बाद पुलिस टीम ने सोनिया विहार इलाके में ही रणनीतिक जाल बिछाया और 20 मई को आरोपी नवीन को सफलतापूर्वक दबोच लिया। उसकी निशानदेही पर वजीराबाद फ्लाईओवर के नीचे से वारदात में इस्तेमाल टीवीएस रेडियॉन मोटरसाइकिल बरामद की गई, जो 15 मई को भजनपुरा थाने से चोरी पाई गई थी।

गहन पूछताछ के दौरान आरोपी नवीन ने कबूल किया कि उसने वारदात से ठीक एक दिन पहले भजनपुरा से यह बाइक चुराई थी और इसी से झपटमारी की थी। उसने खुलासा किया कि मोबाइल छीनने के बाद उसने सोनिया विहार के रहने वाले सनी को वह फोन ₹4,000 में बेच दिया था। नवीन की निशानदेही पर पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए रिसीवर सनी को भी सोनिया विहार से गिरफ्तार कर लिया और उसके पास से 3 चोरी के मोबाइल फोन बरामद किए। सनी ने बताया कि वह नवीन से ये फोन सस्ते में खरीदता था और मुनाफा कमाने के लिए मजदूर वर्ग के लोगों को बेच देता था।

पुलिस रिकॉर्ड खंगालने पर सामने आया कि 36 वर्षीय आरोपी नवीन एक स्कूल ड्रॉपआउट है और ड्रग्स का बेहद गंभीर आदी है। वह अपनी नशे की लत पूरी करने के लिए पिछले 3 सालों से अपराध की दुनिया में सक्रिय है और उसके खिलाफ पहले से ही दिल्ली के विभिन्न थानों में लूट, झपटमारी, वाहन चोरी और आर्म्स एक्ट के 6 मामले दर्ज हैं। वहीं दूसरा आरोपी सनी पहले दर्जी का काम करता था और वर्तमान में हाउस-पेंटर है, जो आसानी से मोटी कमाई करने के चक्कर में चोरी के मोबाइल खरीदने-बेचने लगा था। पुलिस ने बरामद वाहनों और मोबाइलों को कानून के तहत जब्त कर लिया है और दोनों आरोपियों को सलाखों के पीछे भेज दिया गया है।

Comments are closed.

This website uses cookies to improve your experience. We'll assume you're ok with this, but you can opt-out if you wish. Accept Read More