ओएलएक्स पर आईफोन बेचने वालों को बनाते थे निशाना; राजौरी गार्डन पुलिस ने दबोचे दो ठग, 13 आईफोन बरामद

नई दिल्ली: दिल्ली के वेस्ट जिले की राजौरी गार्डन थाना पुलिस टीम ने ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स के जरिए होने वाली धोखाधड़ी के खिलाफ एक बड़ी सफलता हासिल की है। पुलिस टीम ने मुस्तैदी दिखाते हुए ओएलएक्स के माध्यम से महंगे और प्रीमियम आईफोन बेचने वाले सीधे-साधे नागरिकों को ठगने वाले एक संगठित अंतरराज्यीय गिरोह का भंडाफोड़ किया है। पुलिस ने इस कार्रवाई के दौरान उत्तर प्रदेश के रामपुर निवासी दो बेहद शातिर अपराधियों को गिरफ्तार किया है।

गिरफ्तार आरोपियों की पहचान मोहम्मद सैय्यद मेहरान शाह (23) और मुआज खान (24) के रूप में हुई है। पुलिस टीम ने तकनीकी सर्विलांस और सटीक सूचना के आधार पर दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे (सोहना) के पास जाल बिछाकर दोनों को दबोचा। इनके कब्जे से विभिन्न आपराधिक वारदातों से जुड़े 13 महंगे और हाई-एंड आईफोन बरामद किए गए हैं। इस प्रभावी कार्रवाई से राजौरी गार्डन, हौज खास और न्यू अशोक नगर सहित दिल्ली के कई थानों में दर्ज ठगी और चोरी के मामलों का सफल खुलासा हुआ है।

वेस्ट जिले के डीसीपी दराड़े शरद भास्कर ने बताया कि इस शातिर गिरोह का पर्दाफाश तब हुआ जब पीड़ित अभिषेक डागर ने राजौरी गार्डन थाने में शिकायत दर्ज कराई। पीड़ित ने बताया कि उसने अपना आईफोन बेचने के लिए ओएलएक्स पर विज्ञापन डाला था। आरोपियों ने ओएलएक्स के जरिए उससे संपर्क किया और सौदा तय करने के लिए उसे राजौरी गार्डन के एक होटल में बुलाया। वहां पहुंचने पर आरोपियों ने सुनियोजित तरीके से पीड़ित को झांसा दिया और उसका महंगा मोबाइल फोन लेकर मौके से फरार हो गए। शिकायत के आधार पर राजौरी गार्डन थाने में बीएनएस की संबंधित धाराओं के तहत ई-एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू की गई।

मामले की गंभीरता को देखते हुए राजौरी गार्डन सब-डिवाइजन के एसीपी शरद चंद्र निर्मल के पर्यवेक्षण और राजौरी गार्डन के एसएचओ इंस्पेक्टर रविंदर जोशी के नेतृत्व में एक विशेष टीम का गठन किया गया, जिसमें सब-इंस्पेक्टर रवि नरवाल, हेड कांस्टेबल प्रीतम, पंकज, राम मनोहर, कांस्टेबल सुमित, प्रमोद और हरिमोहन शामिल थे। जांच टीम ने होटल और आसपास के क्षेत्रों के सीसीटीवी फुटेज का बारीक विश्लेषण किया और तकनीकी सर्विलांस की मदद से आरोपियों का रूट ट्रैक किया।

सटीक इनपुट्स मिलने के बाद पुलिस टीम ने दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे, सोहना के पास एक सफल छापेमारी की और दोनों आरोपियों को धर दबोचा। पुलिस ने आरोपियों के पास से बरामद सभी 13 आईफोन को नए कानून के तहत ‘ई-साक्ष्य’ एप्लिकेशन के माध्यम से विधिवत वीडियोग्राफी और सर्च मेमो तैयार कर जब्त किया है।

गहन पूछताछ के दौरान आरोपियों ने अपने अनोखे मॉडस ऑपेरंडी का खुलासा किया। उन्होंने बताया कि वे ओएलएक्स पर महंगे आईफोन के विज्ञापनों को शॉर्टलिस्ट करते थे। इसके बाद खरीदार बनकर विक्रेताओं से संपर्क करते और उन्हें विश्वास में लेने के लिए किसी अच्छे होटल या चुनिंदा लोकेशन पर बुलाते थे।

वहां वे पीड़ित को तुरंत ऑनलाइन पेमेंट करने का झूठा आश्वासन देकर उसका असली बिल, बॉक्स मांगते थे और फोन को पूरी तरह से रीसेट करवा लेते थे। जैसे ही फोन रीसेट होता था, एक आरोपी मोबाइल लेकर किसी बहाने से खिसक जाता था, जबकि दूसरा आरोपी पीड़ित का ध्यान भटकाने के लिए अपने फोन में ऑनलाइन पैसे ट्रांसफर करने का नाटक दिखाता रहता था। इसके बाद दोनों फरार हो जाते थे।

पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, आरोपी मुआज खान पहले भी चोरी, लूट और धोखाधड़ी के कई मामलों में शामिल रह चुका है। दोनों आरोपियों ने स्वीकार किया कि वे कम समय में मोटी कमाई और ऐश-ओ-आराम की जिंदगी जीने के लिए इस तरह के फ्रॉड को अंजाम दे रहे थे। पुलिस अब बरामद किए गए बाकी आईफोन के मालिकों का पता लगाने के लिए आगे की जांच कर रही है।

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